ब्लॉग पेज 219

स्तन शोथ (Mastitis) क्या है ? मस्तिटिस के कारण लक्षण और चिकित्सा हिंदी में जानकारी |

Mastitis treatment hindi
Mastitis treatment hindi

महिलाओं के स्तन में कई प्रकार की परेशानियाँ देखने को मिलाती है | स्तन संक्रमण को मैस्टाइटिस (Mastitis) जिसको हिंदी में स्तन शोथ भी कहा जाता है | इस लेख में थनैला रोग होने के कारण, लक्षण और उपचार (Mastitis Ka Ilaj) के बारे में जानकारी शेयर किया गया है |

जो महिलाएं स्तन पान कराती है उन्हें स्तन शोथ (Mastitis) नाम के परेशानी से कभी न कभी सामना करना पड़ता है | जब बच्चा अपने माँ का दूध पीता है उस समय बच्चे के मुँह से कुछ बैक्टीरिया स्तन के अन्दर चला जाता है | जिसके वजह से संक्रमण होने की खतरा बनी रहती है |

Mastitis treatment hindi
Mastitis-treatment hindi

स्तन में फोड़ा होना, महिलाओं को प्रसूति होने के बाद स्तन से दूध नहीं निकालता है | जिससे छाती तन जत्ती है कुछ महिलाएं जलन और तेज बुखार से तड़पने लगती है |

स्तन शोथ (Mastitis) को जानिए और मस्तिटिस के कारण लक्षण और चिकित्सा हिंदी में जानकारी |

स्तन शोथ (Mastitis In Hindi) होने का कई कारण बताये गए है लेकिन आपको समझने के लिए पोस्ट में मुख्य कारण, लक्षण और ट्रीटमेंट के बारे में सरल जानकारी शेयर किया गया है |

स्तन शोथ (Mastitis) होने के कारण

  • अचानक महिलाओं के छाती में चोट लगने से मैस्टाइटिस (Mastitis) हो सकता है |
  • बच्चों को स्तन पान कराने के बाद निप्पल को अच्छे से साफ नहीं करने से संक्रमण होने की खतरा बना रहता है |
  • प्रसूति के समय स्तन में दूध बच जाने से ये परेशानी हो सकती है |
  • कुछ बच्चे स्तन में दन्त लगा देते है ये कारण मैस्टाइटिस होने के लिए प्रयाप्त होती है |

मैस्टाइटिस होने पर पायेजाने वाला मुख्य लक्षण – The main symptom of getting mastitis

  • महिलाओं के छाती में सुजन आ जाती है जिसके वजह से एक स्थान दुसरे स्तन से बड़ा दिखाई देने लगता है |
  • बच्चो को स्तन पान कराते समय गर्म और जलन देता है |
  • स्तन छूने पर गर्म जैसा लगता है |
  • कुछ महिलाओं के स्तन में गांठ बन जाता है जिसके वजह उन्हें दर्द झेलना पड़ता है |
  • नाडी की गति डेज होना भी मैस्टाइटिस का लक्षण है |
  • महिलाओं के स्तन को स्पर्श करने पर पत्थर की सरह महसूस होना |
  • इस स्थिति में अक्सर महिलाये सुस्त और बीमार महसूस करती है |
  • अगर महिलाओं के स्तन में से दूध नहीं निकालता है तो वह मवाद भी बन सकता है |
  • स्तन में ठंड और खुजली होना |

स्तन शोथ (Mastitis) होने पर बेहतर चिकित्सा

जिन महिलाओं के स्तन में स्तन शोथ (Mastitis) जैसी बीमारी हुई है उन्हें बच्चे को दूध पिलना बंद (Thanela Rog Ke Gharelu Upchar) करना चाहिए |

समय-समय पर स्तन को सिकाई करना चाहिए इससे कहीं हद तक आराम मिलता है | अगर महिलाएं के स्तन (Mastitis Ka Ilaj) में गंभीर संक्रमण फ़ैलाने के बाद फोड़ा जैसा निकालता है तो सफाई कर सुखाना पड़ सकता है |

स्तन में पहले से दूध भरा है तो ब्रेस्ट पंप के मदद से दूध निकाल फेकना चाहिए या एंटीबायोटिक बवाओं का सेवन (Breast Abscess Treatment In Hindi) करते हुए स्तनपान करा सकती हैं |

ब्रेस्ट में मवाद बनने के बाद थोडा परेशानी का सामना करना पड़ता है | इसके तुरंत बाद चिकित्सक को दिखाकर चीरा लगवाकर (Thanela Rog Ka Injection) दवाइयाँ का सेवन करना चाहिए |

महिलाओं को अपने आप पर ध्यान देना चाहिए क्यूंकि जल्दी प्रभावित होती है |

अगर महिलाओं की बात करें तो पुरुषो की तुलना में अधिक कष्ट झेलती है | मासिक धर्म, गर्भावस्था, प्रसव और रजोनिवृत्ति जैसे अन्य समस्याओं से गुजरना पड़ता है |

कुछ महिलाएं पुरुषो के अपेक्षा अन्य लत भी जल्दी पकड़ लेती है | जैसे पति शराब पीता है और उसमें औरते भी साथ देती है उस स्थिति में पुरुषो से जल्दी लत महिलाओं में लग जाती है |

हाई ब्लडप्रेशर और हाई कोलेस्ट्राल की वजह से महिलाये पुरुषो की तुलना में अधिक स्ट्रोक होती है | आप देखे होंगे आजकल की महिलाये परिवारिक माहौल से भी दूर होते जा रहीं है |

पुरुषो की अपेक्षा महिलाओं में दिल का दौरा जल्दी पड़ने से मौत की आशंका बनी रहती है |

इस लेख में स्तन शोथ (Mastitis) क्या है ? मस्तिटिस के कारण लक्षण और चिकित्सा हिंदी में जानकारी |  दिया गया है | मस्तिटिस होने पर तुरंत महिलाओं को चिकित्सीय दवाइयों (Thanela Rog Ki Angreji Dawa) और देखभाल करने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए |


इसे भी पढ़ें |

हार्ट अटैक के लक्षण – Symptoms Of Heart Attack

Top 5 best Hindi Shayari apps in hindi

Top 5 Best Android Apps Download In Hindi यह बहुत काम की एप है !

टीम व्यूअर (Team Viewer) का इस्तेमाल कैसे करें ?

सिम कार्ड लॉक (Sim Card Lock) कर सुरक्षित कैसे करें ?

इन्टरनेट से फ्री मेसेज कस्टमर केयर की तरह कैसे भेजें ?

Internet Se Free Message Kaise Send Kare
Internet Se Free Message Kaise Send Kare

इन्टरनेट से फ्री मेसेज कस्टमर केयर की तरह कैसे भेजें ? (Internet Se Free Message Kaise Send Kare) भले ही लोग फोन से Sms भेजने में इंटरेस्टेड नहीं है लेकिन आज भी बैंक, टेलिकॉम कंपनियां या किसी अनजान नंबर से आपके पास Message आता होगा |

अभी भी Sms का जमाना ख़त्म नहीं हुआ है | बैंक, पोस्ट ऑफिस या नौकरी अलर्ट के लिए लोग Sms का इन्तेजार करते है | यहाँ तक की बैंक में पैसा देकर Sms अलर्ट Active करवाना पड़ता है | क्या कभी आपके दिमाग में ये ख्याल आया है की कुछ कंपनियां आपके फोन पर Sms कैसे भेजती है और आप Reply भी नहीं कर पाते होंगे | आपको बता दूँ उनलोगों का अपना सर्वर होता है जिसके माध्यम से वो किसी भी व्यक्ति के मोबाइल नंबर पर Unwanted Message भेजा करते है |

Internet Se Free Message Kaise Send Kare
Internet Se Free Message Kaise Send Kare

यहाँ पर हम ऐसे वेबसाइट के बारे में बताएँगे जिसका उपयोग कर किसी भी दोस्त को Happy Birthday या अन्य जरुरी message भेज पायेंगे | यह सुविधा तब आम आएगा जब आपके फोन में इन्टरनेट डाटा तो है लेकिन Sms भेजने के लिए कोई सर्विस नहीं है | उस समय आप ऑनलाइन वेबसाइट का सहारा लेकर किसी के मोबाइल नंबर पर कस्टमर केयर की तरह Message भेज सकते है | लेकिन इसका मतलब यह नहीं की आप गलत उपयोग करें |

इन्टरनेट से फ्री मेसेज कैसे भेजे ? How To Send Free Messages Through Internet In Hindi

ऑनलाइन इन्टरनेट से फ्री में मेसेज भेजने के लिए बहुत सारे वेबसाइट या एप्प मौजूद है |  टॉप 5 बेस्ट फ्री वेबसाइट फॉर मेसेज (Top 5 Best Free Website For Message)

(1.) Afreesms

इन्टरनेट से फ्री Message भेजने के लिए यह टॉप वेबसाइट है जिसका उपयोग कर वर्ल्ड में कहीं भी Sms भेज सकते है | भारत से बाहर किसी भी देश-बिदेशों में Message भेजने के लिए Afreesms.Com वेबसाइट का उपयोग कर सकते है |

free message in hindi
free message demo

वेबसाइट पर जाने के बाद महादेश > देश सेलेक्ट करना होगा | इसके बाद बॉक्स में मोबाइल नंबर दर्ज कर कम से कम 20 Word का Message लिखें | इसके बाद Send पर क्लिक करते ही Message Successfully डिलीवर होगा |

 (2.) E-Freesms

अगर आप Worldwide (दुनियां) में Sms सेंड करना चाहते हो तो यह वेबसाइट आपके लिए बहुत मददगार साबित होगा | ऑनलाइन इन्टरनेट से फ्री मेसेज भेजने के लिए इस वेबसाइट पर जाकर मोबाइल नंबर के सामने Country कोड लगाकर कुछ भी Sms लिखे | “Message” भेजने के लिए Send पर क्लिक करें |

(3.)  Mfreesms

दुनियां के किसी भी नंबर पर मेसेज भेजने के लिए आपको सैकड़ो रुपये का रिचार्ज करना होता है लेकिन जिसको आप Message भेजना चाहते है उसको पता भी चल जाता है की उन्हें Message कहा से प्राप्त हुआ है |

लेकिन हम Mfreesms.Com वेबसाइट के बारे में बता रहें है | इसके माध्यम से Message भेजने वाले का किसी भी प्रकार का डिटेल्स Show नहीं होता है | इस साईट के मदद से आप वर्ल्ड के किसी भी देश – विदेशों को सेलेक्ट कर फ्री में अनलिमिटेड Message भेज सकते है |

(4.) Bulksms

अकाउंट बनाकर बल्क Sms भेजने के लिए Bulksms.Com आपके लिए अच्छा होगा | लेकिन यहाँ से कोई भी Message भेजने के लिए ऑनलाइन ईमेल से अकाउंट बनाना पड़ता है |

(5.) Fast2Sms

यह एप्प/वेबसाइट प्रीमियम सर्विस प्रदान करता है | इस वेबसाइट पर Sign Up करने पर 50 रुपये दिए जातें है | अगर अप Test Bulk Sms Service For Free भेजना चाहते है तो किसी भी जीमेल Id से रजिस्टर होना होगा | इसके बाद आप कहीं भी बल्क Sms भेज सकते है |

इस लेख में इन्टरनेट से फ्री मेसेज कस्टमर केयर की तरह कैसे भेजें ? (Internet Se Free Message Kaise Bheje) के बारे में पांच वेबसाइट के बारे में बताया गया है | हमे से पहला वेबसाइट सबसे ज्यादा पसंद आया . आपको कौन सी वेबसाइट पसंद है कमेंट बॉक्स में जरुर बतायें |


इसे भी पढ़ें |

लम्बाई (Height) कैसे बढ़ाये?

Top 5 best Hindi Shayari apps in hindi

ईमेल से 15Gb तक फाइल साइज़ को कैसे भेजें ?

यूटूब अकाउंट में ऑडियो (MP3) अपलोड करने का तरीका |

टीम व्यूअर (Team Viewer) का इस्तेमाल कैसे करें ?

बालों को झड़ने से रोकने के लिए सरल तरीका !

Balo Ko Girane Se Kaise Roke
Balo Ko Girane Se Kaise Roke

बालों को गिरने से कैसे रोकें | (Balo Ko Girane Se Kaise Roke) बाल झड़ने से रोकने के प्रभावशाली उपाय हिंदी में जानिए : बालों का झाड़ना आज के के लिए आम बात हो गयी है | सभी चाहते है बालों को झड़ने से कैसे रोकें?

पहले के समय में बुढ़ापा आने के बाद बाल झड़ता व सफेद होता था लेकिन अभी के भाग-दौड़ में बाल झड़ने का कोई सिमित समय नहीं है | आज के बच्चे, महिला और पुरुष बाल झड़ने व सफेद होने से काफी परेशान रहतें है |

Balo Ko Girane Se Kaise Roke
Balo Ko Girane Se Kaise Roke

बालों को झड़ने से रोकने के लिए बाजार में बहुत सारे मेडिसिन, जड़ी बूटी, और होमियोपैथिक उत्पाद मौजूद हैं लेकिन किसी भी उत्पाद का सही रिजल्ट नहीं मिलता है | हर युवा का एक ही सवाल है बालों को गिरने से कैसे रोके? हाउ टू प्रिवेंट हेयर फॉल (How To Prevent Hair Fall) बालों का झड़ना रोकने का घरेलू तरीका क्या है? What Is The Domestic Way To Stop Hair Loss?

बाल झड़ने के कारण – Causes Of Hair Loss

जैसा की आप जानते है आज के समय में अधिकतर युवा, युवती को हर दिन 50 से 100 बाल गिर रहें है | अगर इससे ज्यादा मात्रा में बाल झाड़ता है तो व्यक्ति तुरंत गंजापन महसूस करेगा |

बल गिरने (झड़ने) की समस्या एक नहीं है की जल्दी से कंट्रोल किया जाये फिर भी कुछ कारण आपके सामने निम्नलिखित रूप से शेयर किया गया है |

  • अगर आप तनाव व टेंसन में रहते है तो इससे बालों के हार्मोन पर असर पड़ता है जिसके वजह से बालों का झाड़ना तय है |
  • जब महिलाएं शिशु को जन्म देती है उस स्थिति में कई प्रकार के हारमोंस का कमी होता है जिसके बाद अधिकतर बाल झड़ने की सिकायत महिलाये झेलती है |
  • पहले की अपेक्षा आज के समय में खान – पान बदल गया है | आज के युवा अधिकतर फास्ट Food, चायनीज भोजन पसंद कर रहें है जिसको उनको प्रयाप्त मात्रा में पोषक तत्व, प्रोटीन , जिंक और बायोटिन जैसे अन्य विटामिन की कमी हो रही है | जिसके वजह से बाल झड़ने लगता है |
  • जैसा की आप जानते है आज के युवा में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होते जा रही है | उन्हें छोटी – छोटी परेशानी के लिए मेडिसिन लेना पड़ता है इन सभी दवाइयों के दुष्प्रभाव से बाल समय से पहले झड़ने लगता है |
  • अगर किसी के दादा-बाप का बाल झाड़ता होगा तो उनके वंश को भी आनुवांशिकता के तौर पर मिलता है जिसके वजह से बाल गिरना तय है |
  • गलत साबुन और शैम्पू का प्रयोग करने से ये समस्याए होती है |

 

बालों को गिराने से रोकने के लिए क्या करें ? – How To Stop Hair Fall Immediately At Home

अगर आप चाहते है “बाल झाड़ना” कम करने के लिए तो वातावरण के अनुसार रहना होगा | आप वैसा काम न करे जिससे आपके शारीर को नुकसान मिले | कोशिश करना चाहिए की धुम्रपान, टेंशन और तनाव को अपने आप से दूर करें |

How To Stop Hair Fall Immediately At Home

चायनीज फास्ट फ़ूड भोजन का दुरुपयोग करें | इन सभी भोजन स्वादिष्ट जरुर लगते होंगे मगर उनमें कोई विटामिन या प्रयाप्त प्रोटीन नहीं मिलता है | हमारे देशी खाना भी स्वादिष्ट के साथ – साथ प्रोटीन और अन्य पोषण से भरपूर होता है इसीलिए घर का बना हुआ खाना खाने की कोशिश करें |

खाने में हरी शब्जियाँ, दूध, अंडा, मांस, मछली, सोयाबीन का सेवन कर सकते है | अगर आप शाकाहारी है तो हरी शब्जियाँ और फल का सेवन प्रयाप्त मात्रा में करें |

हर रोज सोने का समय और रहन सहन में बदलाव करें | जैसा की रात सोने के लिए बनाया है तो आज के युवा काम करने लगते है | कुछ तो समय बर्बाद करके आधी रात तक मोबाइल देखते रहते है | समय पर सोने और जागने का आदत जरुर बनाये |

बालों का झाड़ना रोकने के लिए घरेलु उपाय ! –  How To Stop My Hair From Falling Out And Thinning

दही और निम्बू का उपयोग: अगर आपको बालों को झड़ने (Balo Ko Girane Se Kaise Roke) की परेशानी है तो दही और निम्बू का रस मिलाकर बालो में लगाये | लेप को बालों में लगाने के बाद 10 से 15 मिनट तक छोड़ने के बाद धोये ऐसा करने के बाद कहीं हद तक बाल झाड़ना कम हो जायेगा |

व्यायाम: बालों की समस्या के लिए व्यायाम करना बहुत उपयोगी है | अगर आप बालों से संबंधित व्यायाम करते है तो आपके बालों में विकास होगा | इसके लिए बहुते लोग अपना दोनों हाथ के नाख़ून रगड़ते है | अगर आप पांच , दस मिनट नाखून रगड़ते है तो बहुत फायदा मिलेगा |

आमला और एलोवेरा का सेवन: जैसा की आप जानते है बालों को विटामिन C की जरुरत होती है | इसीलिए अमला और एलोवेरा को बालों में लगाकर रखें | ऐसा करने के बाद आपका बालों का झाड़ना कम हो जाता है |

हरी धनियां का उपयोग: हरी धनियां हर समय लगभग मिल ही जाता है | बाजार से हरी धनियां लाकर पिस बालों में लगाये | बालों में धनियां का पेस्ट 15 मिनट तक रखने के बाद धो लेना चाहिए | ऐसा करने पर कहीं हद तक आपका बाल झाड़ना कम हो जाता है |

शहद, नीम, सिकाकाई, आंवला का उपयोग: अगर आपका बाल थोडा बहुत झड रहा है तो शहद, नीम, सिकाकाई, आंवला का मिश्रण पेस्ट बनाकर लगाने से बालों के लिए अधिक फायदेमंद होता है |

जैतून का तेल: झाड़ते बालों में जैतून का तेल लगाने से आपके बालों को बहुत फायदा होगा |

करी पत्तियां: झाड़ते बालों को रोकने के लिए करी पत्तियाँ फायदेमंद हो सकती है | जिस तेल का उपयोग बालो में आप करते है उस तेम में करी पत्तियां डालकर उबाले | दस से पंद्रह मिनट तक पेस्ट की तरह यूज करें ऐसा करने से आपका बाल कहीं हद तक ठीक हो सकता है |

डॉक्टर से दिखाए: बालों में समस्या होने पर लोग तरह – तरह के दवाइयाँ खाने लगते है लेकिन वो इसके दुष्प्रभाव के बारे में नहीं सोंचते है | इससे बचने के लिए तुरंत अच्छे डॉक्टर से सलाह ले |

इस लेख में बालों को गिरने से कैसे रोकें? (How To Prevent Hair Fall?) प्राकृतिक घरेलू उपचार का उपयोग करके बालों के झड़ने को कैसे रोकें (Balo Ko Girane Se Kaise Roke) (How To Stop Hair Fall Using Natural Home Remedies) बालों को झड़ने से रोकने के उपाय और घरेलु नुस्खे के बारे में बताया गया है | इससे बचने के लिए खान-पान पर अधिक से अधिक पोषक तत्व और प्रोटीन लेने की कोशिश करना चाहिए |


इसे भी पढ़ें |

टिटनेस (Tetanus) क्या है? टेटनस होने का कारण, लक्षण, परिणाम और चिकित्सा

जानिए रेलवे ट्रैक पर जंग क्यों नहीं लगती है ?

फेसबुक विडियो ऑटो प्ले ऑफ  कैसे करे ?

टिटनेस (Tetanus) क्या है? टेटनस होने का कारण, लक्षण, परिणाम और चिकित्सा

Tetanus Treatment hindi
Tetanus Treatment hindi

टिटनेस (Tetanus) क्या है? टेटनस होने का कारण, लक्षण, परिणाम और चिकित्सा (Treatment) के बारे में जानिए | इस लेख में टिटनेस से सावधान रहने की बात भी बताई गयी है|

गाँव-शहर में लगभग सभी लोग टिटनेस का नाम सुने होंगे . क्यूंकि इससे होने का कारण हर व्यक्ति के जीवन से गुजरता है | किसी भी व्यक्ति को जंग लगे किसी औजार से कहीं कट जाये, फट जाये या चोट लगने पर तुरंत टिटनेस का इंजेक्शन लगवा लेना बुद्दिमानी की काम होती हैं | टेटनस एक जानलेवा कारण भी बन सकता है इसीलिए आइये जानते है टिटनेस क्या है ? और इसका उपचार कैसे करे |

Tetanus Treatment hindi
Tetanus Treatment hindi

टिटनेस क्या है? What Is Tetanus In Hindi

टिटनेस तभी होगा जब मनुष्य क्लोसट्रिडियम टेटानी नाम के बैक्टीरिया के संपर्क में आता है | जब किसी व्यक्ति को वैसे जगह पर चोट लगता है या कहीं कट जाता है जहां जंग लगा हो | टिटनेस जीवाणु गन्दगी या जंग लगी पदार्थो से संकर्मन रोग के लिए अधिकतर प्राणघातक होता है |

शरीर में लगा चोट, खरोच, या घाव जब बैक्टीरिया के संपर्क में आता है तो टेटनस जैसी बीमारी होने की संभावना बढ़ जाता है | इससे जबड़ो का आपस में भींच जाना, दौरे पड़ना, श्वास्नीय ऐठन पड़ना, सार्वदैहिक पेशीय ऐंठन हो जाते है |

Due To Tetanus Outbreak – टिटनेस फैलने के कारण

Tetanus फैलने वाला जीवाणु का नाम क्लोसट्रिडियम टेटानाई है जिसके कारण टिटनेस होता है | टिटनेस उस समय में भी Fail सकता है जब बच्चा दूषित पदार्थ या जंग लगी औजार से हाथ पैर में चोट लगा लेता है या कही काट लेता है |

जब किसी महिलाएं को प्रसव कराया जाता है तो नवजात शिशु की नाल दूषित औजार (जंग लगा) से कटी जाये तो इन सभी बीमारी की संभावना बढ़ जाती हैं | किसी भी महिलाओं को प्रजनन अंगो में गहरी चोट दूषित औजार से लगने पर भी इस तरह की परेशानियाँ हो सकती है |

अगर कभी माँ – बहने किसी बच्चे का कान पिन, माचिस, दूषित औजार  से साफ करें और कहीं चोट लग जाये या वैसे बच्चे हो जिसका कान बहता हो उस स्थिति में परेशानी आ सकती है |

टेटनस के लक्षण – Tetanus Symptoms

इस रोग का काल दो सप्ताह तक होता है | रोगी के शरीर में मांसपेशियों में अकडन ऊपर की निचे की ओर बढती है | इसी प्रकार टाक्सिन तंत्रिका तंत्र में हमेशा निचे की ओर बढ़ता है |

“टिटनेस के लक्षण” में बार-बार पेशाब आना भी एक मात्र लक्षण है | जो रोगी टिटनेस से संक्रमित है उनके हड्डियों में फ्रैक्चर होने की संभावना बढ़ जाती हैं | अगर समय पर इलाज नहीं कराया जाये तो जबड़े भी जाम होने लगता है |

इससे संक्रमित रोगी का जल्दी मुँह नहीं खुलता है इसीलिए उन्हें खाने – पिने या निगलने में बहुत कठिनाई होती है | जिस किसी में यह लक्षण पाया जाता है उस व्यक्ति का शरीर पीठ की ओर धनुष के सामान मुड जाता है |

इसी प्रकार मनुष्य के ह्रदय की गति और उच्च रक्तचाप बढ़ जाता है | सांसे अधिक तेज चलने लगती है जिसके कारण मृत्यु भी आ सकती है |

टिटनेस के प्रकार

मुझे कैसे पता चलेगा कि मुझे टिटनेस है? How Do I Know If I Have Tetanus?

(1.) शिशुओं में होनेवाला टेटनस

इस प्रकार का टिटनेस बच्चे की नाभि या घाव को नहीं सूखने के कारण भी हो सकता है | इसीलिए गर्भवती को टीकाकरण समय पर करा देना ही चाहिए |

(2.) लोकल टिटनेस – Local Tetanus

जब रोगी को कहीं चोट या कट जाता है तो लगतार ऐंठन होने लगती हैं यह ऐंठन लगभग दो हप्तो तक हो सकता है |

(3.) कैफेलिक टिटनेस – Kafelic Tetanus

अगर किसी किसी व्यक्ति के सर पर गंभीर चोट लग जाये तो कान या मुँह के भाग प्रभावित्त होती है तो  कैफेलिक टिटनेस होने की खतरा बना रहता है |

(4.) जेनरलाइज्ड टिटनेस – Generalized Tetanus

इस टिटनेस में लगभग सभी लक्षण दिखाई देता हैं | खाने – पिने या निगलने में बहुत कठिनाई होना | रोगी के शरीर में मांसपेशियों में अकडन | जल्दी मुँह नहीं खुलना | ब्लड प्रेशर, बुखार , हमेशा पसीना होना , मुँह की मांसपेशियों में जकडन, ह्रदय की गति तेज होना तय है |

चिकित्सा – Treatment

ऊपर में बताये गए लक्षण पाये जाने के तुरंत बाद रोगी को अस्पताल में भर्ती करना चाहिए | रोग से बचाव के लिए तुरंत टिटनेस टक्साइड का टिका लगवाना चाहिए | रोगी को हमेशा शांत जगह पर रखना चाहिए |

टिटनेस के रोगी को बचाने के लिए एक मात्र टीकाकरण (Tetanus Treatment) ही है जिसको Dtap, Tdap, Dt, Td लगाने से संभवत रोगी ठीक हो सकता है | इसीलिए कम उम्र के बच्चो को सरकार ने टिका लगाने की पहल भी की है और बूस्टर टिका हर व्यस्क व्यक्ति को (Tetanus Vaccine) लगवाना चाहिए |

इस लेख में टिटनेस (Tetanus) क्या है? टेटनस होने का कारण, लक्षण, परिणाम और चिकित्सा के बारे में पूर्ण जानकारियां शेयर किया गया है | अगर आप बताये गए लक्षण से परेशान है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें |


इसे भी पढ़ें |

कंप्यूटर विंडोज इनस्टॉल कैसे करें?

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (South East Central Railway) के तहत ट्रेड अपरेंटिस हेतु भर्ती 2020-21

टॉकबैक (Talkback) क्या होता है ? और इसका यूज कैसे करें

कॉन्टेक्ट्स नंबर, को ऑनलाइन सेव कैसे करें?

ऑनलाइन बजाज फाइनेंस सिबिल स्कोर (Cibil Score) चेक कैसे करें?

आंध्र प्रदेश का उच्च न्यायालय के तहत Civil Judge पद हेतु भर्ती 2020

High Court of Andhra Pradesh
आंध्र प्रदेश का उच्च न्यायालय (High Court of Andhra Pradesh) के अंतर्गत कार्यालय अधीनस्थ और चालक (Office Subordinate and Driver) हेतु आवेदन आमंत्रित किए जाते है | इक्छुक उम्मीदवार पात्रता – मानदंडों को पूरा करता/करती है

आंध्र प्रदेश का उच्च न्यायालय (High Court of Andhra Pradesh) के अंतर्गत सिविल जज Civil Judge (Junior Division) हेतु आवेदन आमंत्रित किए जाते है | इक्छुक उम्मीदवार पात्रता – मानदंडों को पूरा करता/करती है तो वह ऑनलाइन आवेदन कर सकता/सकती है |

आंध्र प्रदेश का उच्च न्यायालय (High Court of Andhra Pradesh) में http://hc.ap.nic.in के द्वारा 55 रिक्ति पदों पर आवेदन उपलब्ध कराया गया है | इन पदों पर आवेदन भरने के लिए उम्मीदवार के पास, पदों के अनुसार योग्यता होना चाहिए |

High Court of Andhra Pradesh

 

आप यह पोस्ट वेबसाइट हिंदी (Website Hindi) पर पढ़ रहें हैं |

High Court of Andhra Pradesh

Website in Hindi

www.websitehindi.com

 

विज्ञापन संख्या09/2020

 

महत्वपूर्ण तिथियाँ

 

ऑनलाइन आवेदन शुरू करने की तिथि03 दिसम्बर 2020
ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि01 जनवरी 2021

 

आयु सीमा

उम्मीदवारों की आयु 01 दिसम्बर 2020 को निम्नलिखित होना चाहिए |

 

श्रेणीआयु सीमा
उम्मीदवारों की आयु35 वर्ष

 

आवेदन शुल्क

 

वर्गशुल्क
ओ.सी / बी.सी800 रुपये |
अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति400 रुपये |

 

आवेदन शुल्क प्रक्रिया

शुल्क भुगतान करने के लिए ऑनलाइन माध्यम से आवेदन शुल्क स्वीकार्य होगा |

 

योग्यता

आंध्र प्रदेश राज्य न्यायिक (सेवा और संवर्ग) के वकील।

रिक्ति विवरण

 

पद का नामपदों की संख्या
Civil Judge (Junior Division) 202055

 

आवेदन प्रक्रिया

इक्छुक अभ्यर्थियों से आयोग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन पत्र आमंत्रित किये जा रहें है | अभ्यर्थी आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध निर्देशानुसार अपना ऑनलाइन आवेदन पत्र प्रस्तुत कर सकते है |

आवेदन करें |यहाँ क्लिक करें |
अधिसूचनायहाँ क्लिक करें |
ऑफिसियल वेबसाइटयहाँ क्लिक करें |

 

  1. सबसे पहले ऑफिसियल वेबसाइट पर जाने के बाद उम्मीदवार का पंजीकरण करें |
  2. आवेदन Filled करें |
  3. आवेदन भरने के बाद सबमिट करें |

इसके बाद आसानी से आंध्र प्रदेश का उच्च न्यायालय (High Court of Andhra Pradesh) के लिए फॉर्म भर सकते है |


अगला पोस्ट 


उच्च न्यायालय आंध्र प्रदेश (High Court Of Andhra Pradesh) के अंतर्गत System Officer हेतु आवेदन आमंत्रित किए जाते है | इक्छुक उम्मीदवार पात्रता – मानदंडों को पूरा करता/करती है तो वह ऑनलाइन आवेदन कर सकता/सकती है |

उच्च न्यायालय आंध्र प्रदेश (High Court Of Andhra Pradesh)  में  12 रिक्ति पदों पर आवेदन उपलब्ध कराया गया है | इन पदों पर आवेदन भरने के लिए उम्मीदवार के पास, पदों के अनुसार योग्यता होना चाहिए |

 

आप यह पोस्ट वेबसाइट हिंदी (Website Hindi) पर पढ़ रहें हैं |

Website In Hindi

www.websitehindi.com

 

विज्ञापन संख्या : 378

महत्वपूर्ण तिथियाँ

 

ऑनलाइन आवेदन शुरू करने की तिथि11 मई 2020
ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि26 मई 2020

 

आयु सीमा

उम्मीदवारों की आयु 01 मई 2020 को निम्नलिखित होना चाहिए |

 

श्रेणीआयु सीमा
उम्मीदवार की आयुअधिकतम 30 वर्ष

 

योग्यता

बी.टेक (कंप्यूटर साइंस / इनफार्मेशन) एम.सी.ए / एम.टेक

रिक्ति विवरण

 

पद का नामपदों की संख्या
System Officer12

 

सैलरी

सीनियर सिस्टम ऑफिसर  (SW)Rs.40,000/-
सिस्टम ऑफिसर (SW/HW)Rs.35,000/-
सिस्टम असिस्टेंट  (HW)Rs.25,000/-

 

आवेदन प्रक्रिया

इक्छुक अभ्यर्थियों से आयोग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन पत्र आमंत्रित किये जा रहें है | अभ्यर्थी आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध निर्देशानुसार अपना ऑनलाइन आवेदन पत्र प्रस्तुत कर सकते है |

आवेदन करें |यहाँ क्लिक करें |
अधिसूचनायहाँ क्लिक करें |
ऑफिसियल वेबसाइटयहाँ क्लिक करें |

 

  1. सबसे पहले ऑफिसियल वेबसाइट पर जाने के बाद उम्मीदवार का पंजीकरण करें |
  2. आवेदन Filled करें |
  3. आवेदन भरने के बाद सबमिट करें |

इसके बाद आसानी से उच्च न्यायालय आंध्र प्रदेश (High Court Of Andhra Pradesh) के लिए फॉर्म भर सकते है |

 

 

अगला पोस्ट 


आंध्र प्रदेश का उच्च न्यायालय (High Court of Andhra Pradesh) के अंतर्गत कार्यालय अधीनस्थ और चालक (Office Subordinate and Driver) हेतु आवेदन आमंत्रित किए जाते है | इक्छुक उम्मीदवार पात्रता – मानदंडों को पूरा करता/करती है तो वह ऑफलाइन आवेदन कर सकता/सकती है |

आंध्र प्रदेश का उच्च न्यायालय (High Court of Andhra Pradesh)  में 111 रिक्ति पदों पर आवेदन उपलब्ध कराया गया है | इन पदों पर आवेदन भरने के लिए उम्मीदवार के पास, पदों के अनुसार योग्यता होना चाहिए |

 

आप यह पोस्ट वेबसाइट हिंदी (Website Hindi) पर पढ़ रहें हैं |

Website In Hindi

www.websitehindi.com

 

विज्ञापन संख्या : 01/2020

महत्वपूर्ण तिथियाँ

ऑनलाइन आवेदन शुरू करने की तिथि31 जनवरी 2020
ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि20 फरवरी 2020

 

 

आयु सीमा

उम्मीदवारों की आयु 01 जुलाई 2020 को निम्नलिखित होना चाहिए |

श्रेणीआयु सीमा
सभी उमीदवारों के लिए18 से 34 वर्ष

 

 

आवेदन शुल्क

वर्गशुल्क
अन्य श्रेणी250 रुपये |
अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति / विकलांग100 रुपये |

 

आवेदन शुल्क प्रक्रिया

शुल्क भुगतान करने के लिए डिमांड ड्राफ्ट माध्यम से आवेदन शुल्क स्वीकार्य होगा |

 

योग्यता

आयोजित 7 वीं कक्षा की परीक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए, चालक के पद के लिए आवेदन करने वाले के पास गियर के साथ मोटर साइकिल चलाने के लिए वैध ड्राइविंग लाइसेंस होना चाहिए

रिक्ति विवरण

 

 

पद का नामपदों की संख्या
Office Subordinate100
Driver11

 

 

आवेदन प्रक्रिया

इक्छुक अभ्यर्थियों से आयोग की वेबसाइट पर अधिसूचना पत्र आमंत्रित किये जा रहें है | अभ्यर्थी आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध निर्देशानुसार अपना ऑफलाइन आवेदन पत्र प्रस्तुत कर सकते है |

 

अधिसूचनायहाँ क्लिक करें |
ऑफिसियल वेबसाइटयहाँ क्लिक करें |

 

  1. सबसे पहले ऑफिसियल वेबसाइट पर जाकर सभी निर्देश पढ़े |
  2. आवेदन Filled करें |
  3. आवेदन भरने के बाद सबमिट करें |

इसके बाद आसानी से आंध्र प्रदेश का उच्च न्यायालय (High Court of Andhra Pradesh) के लिए फॉर्म भर सकते है |

दक्षिण पूर्व रेलवे (RRC) के अंतर्गत ट्रेड अपरेंटिस (Trade Apprentice) हेतु आवेदन आमंत्रित भर्ती 2020

राजस्थान उच्च न्यायालय के अंतर्गत Stenographer पद हेतु 434 भर्ती 2020

Join Indian Coast Guard के अंतर्गत 10वीं Intermediate Navik GD 2020 हेतु भर्ती

भारतीय सेना (Indian Army) के अंतर्गत Ncc Special Entry Scheme 48th Course 2020 हेतु भर्ती

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के अंतर्गत Junior Associates (Customer Support & Sales) हेतु आवेदन करने का मौका

Bihar Deled Apply Online admission 2020-22 हेतु ऑनलाइन आवेदन कैसे करें

स्टेनोग्राफर पद हेतु बिहार राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम लिमिटेड के अंतर्गत भर्ती 2020

उच्च शिक्षा आयोग गुजरात के तहत Professor (Adhyapak Sahayak) हेतु भर्ती 2020-2021

Commissionerate of Higher Education Gujarat
Commissionerate of Higher Education Gujarat

उच्च शिक्षा आयोग गुजरात (Commissionerate of Higher Education Gujarat) के अंतर्गत Professor (Adhyapak Sahayak) हेतु आवेदन आमंत्रित किए जाते है | इक्छुक उम्मीदवार पात्रता – मानदंडों को पूरा करता/करती है तो वह ऑनलाइन आवेदन कर सकता/सकती है |

उच्च शिक्षा आयोग गुजरात (Commissionerate of Higher Education Gujarat) में www.rascheguj.in के द्वारा 780 रिक्ति पदों पर आवेदन उपलब्ध कराया गया है | इन पदों पर आवेदन भरने के लिए उम्मीदवार के पास, पदों के अनुसार योग्यता होना चाहिए |

Commissionerate of Higher Education Gujarat
Commissionerate of Higher Education Gujarat

 

आप यह पोस्ट वेबसाइट हिंदी (Website Hindi) पर पढ़ रहें हैं |

Commissionerate of Higher Education Gujarat

Website in Hindi

www.websitehindi.com

 

विज्ञापन संख्यानहीं

 

महत्वपूर्ण तिथियाँ

 

ऑनलाइन आवेदन शुरू करने की तिथि01 दिसम्बर 2020
ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि21 दिसम्बर 2020

 

 

आवेदन शुल्क

 

वर्गशुल्क
सामाजिक रूप से / ईबीसी250 रुपये |
अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति100 रुपये |

 

आवेदन शुल्क प्रक्रिया

शुल्क भुगतान करने के लिए ऑनलाइन माध्यम से आवेदन शुल्क स्वीकार्य होगा |

 

योग्यता

न्यूनतम 55% अंकों के साथ संबंधित विषय में मास्टर डिग्री।

उम्मीदवार को यूजीसी और सीएसआईआर द्वारा आयोजित राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नीट) या यूजीसी एसएलईटी / एसईटी द्वारा मान्यता प्राप्त समान परीक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए।

रिक्ति विवरण

 

पद का नामपदों की संख्या
Assistant Professor (Adhyapak Sahayak)780

 

आवेदन प्रक्रिया

इक्छुक अभ्यर्थियों से आयोग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन पत्र आमंत्रित किये जा रहें है | अभ्यर्थी आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध निर्देशानुसार अपना ऑनलाइन आवेदन पत्र प्रस्तुत कर सकते है |

आवेदन करें |यहाँ क्लिक करें |
अधिसूचनायहाँ क्लिक करें |
ऑफिसियल वेबसाइटयहाँ क्लिक करें |

 

  1. सबसे पहले ऑफिसियल वेबसाइट पर जाने के बाद उम्मीदवार का पंजीकरण करें |
  2. आवेदन Filled करें |
  3. आवेदन भरने के बाद सबमिट करें |

इसके बाद आसानी से उच्च शिक्षा आयोग गुजरात (Commissionerate of Higher Education Gujarat) के लिए फॉर्म भर सकते है |


इसे भी पढ़ें |

डिलीट डाटा रिकवर कैसे करें ?

एंड्राइड फोन की बैटरी लाइफ कैसे बढ़ाये ? बैटरी Save करने की Important टिप्स

दस मजेदार Typing Keyboard App जो एंड्राइड यूजर के लिए बहुत उपयोगी है |

सिम कार्ड लॉक (Sim Card Lock) कर सुरक्षित कैसे करें ?

सुबह खाली पेट पानी पीने के फायदे हिंदी में फुल जानकारी

Khali Pet Pani Pine Ke Fayde
Khali Pet Pani Pine Ke Fayde

सुबह खाली पेट पानी पीने के फायदे (Khali Pet Pani Pine Ke Fayde) :- मोर्निंग में सबसे पहले खाली पेट पानी पीना हर किसी को पसंद नहीं होती लेकिन जो लोग Morning में पानी (Water) पीते है लाभ उन्हें ही मिलता है |

शास्त्रों से विज्ञान तक खाली पेट पानी पिने (Khali Pet Garam Pani Ke Fayde) के बारे में बताया गया है | सुबह में खाली पेट पानी पीना हर किसी के वस की बात नहीं है इसके लिए आदत डालना पड़ता है | अगर आप हर रोज कम से कम एक गिलास गुनगुना पानी पीते है तो बहुत सारे लाभ मिल सकता है | कुछ लीग तो दो, चार ग्लास पानी मोर्निंग में हर रोज पीते है |

Khali Pet Pani Pine Ke Fayde
Khali Pet Pani Pine Ke Fayde

Khali Pet Pani Pine Ke Fayde – मॉर्निंग में खाली पेट पानी पिने के फायदे |

कहीं हद तक हेल्थ को ठीक रखने के लिए सुबह में पानी पीना (Benefits of drinking water on an empty stomach in the morning) अच्छा माना जाता है | कहा जाता है की सुबह-सुबह पानी पिने से बहुत सारे बीमारियां शरीर से दूर रहती है | आइये जानते है सुबह पानी पिने के फायदे हिंदी में |

(1.) पेट की सफाई

जैसा की आप जानते है आजकल हर व्यक्ति बवासीर और कब्ज से परेशान हैं | इसका मतलब यह भी है की पेट में बहुत सारे गन्दगी होना | इससे बचने के लिए सुबह में खाली पेट एक से चार, पांच गिलास तक पानी पी सकते है |

पानी पिने से आपके पेट में गैस बनना कम हो जायेगा जिससे आप स्वास्थ्य महसूस करेंगे | अगर आप रोज भोजन करते है तो साफ सौच भी होना चाहिए इससे व्यक्ति को बवासीर होने की संभावना कम होती है |

(2.) त्वचा पर निखार आना

जैसा की आप जानते है लगभग सभी बीमारी पेट के कारण ही होती है | अगर आपका पेट साफ रहता है तो बीमारी को भी आपके पास आने में सोंचना पड़ेगा | आपको यह भी पता होना चाहिए की हमारा शरीर पेट पर ही निर्भर रहता है | पेट साफ होने से तवचा पर भी चमक बढती हैं . इसीलिए हर दिन सुबह-सुबह पानी पिने की आदत डालनी चाहिए |

(3.) रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ना

अगर आप पानी सुबह में पीते है तो पुरे दिन पानी पिने की आदत लगाये | जितना आप अधिक पानी पिने की कोशिश करेंगे उतना ही आपके शरीर के रोग प्रतिरोधक क्षमता कीटाणुओं से लड़ने में सफल रहेगा | इसीलिए स्वास्थ्य रहने के लिए पानी अत्यंत आवश्यक है |

(4.) वजन घटना

अगर आप मोटापा घटाना चाहते है और अधिक वजन से परेशान है तो हर दिन गुनगुना पानी पीकर टहलना सीखें| ऐसा करने से वजन घटाने में खाली पेट पानी मदद करेगा |

(5.) सिरदर्द होने पर पानी पीना

कभी – कभी सुबह में बिस्तर छोड़ने पर सर दर्द करता है या भारीपन महसूस होता है | इन सभी समस्याओं से बचने के लिए हर रोज एक, दो, चार ग्लास गुनगुना पानी पिने की आदत लगाये | हर रोज पानी पिने से आपका दर्द ठीक होगा |

(6.) आलस दूर करना

बहुत लोगो को सुबह-सुबह आलसपन होता है | जिस व्यक्ति को आलस मह्सुह होता है उन्हें हर रोज सुबह-सुबह उठने और गुनगुना पानी पिने की आदत डालनी चाहिए | इससे आप ताजगी महसूस करेंगे |

(7.) भूख बढ़ना

#सुबह में ठीक से नास्ता नहीं करने का बहुत बड़ा कारण पेट का साफ़ न होना होता है | अगर आप सही तरह से सौच नहीं करते है तो आपका पेट साफ नहीं होगा और आपको भूख भी नहीं लगेगी | इसीलिए भरपेट खाना खाने के लिए सुबह-सुबह पानी पीना वरदान से कम नहीं है |

इस लेख में सुबह खाली पेट पानी पीने के फायदे (Khali Pet Pani Pine Ke Fayde) के बारे में सरल जानकारियां शेयर किया गया है | पहले भी आप जरुर सुने होंगे की जल ही जीवन है . इसीलिए जीवन को ठीक रखने के लिए जल का सेवन करना अनिवार्य माना जाता है |


इसे भी पढ़ें |

कंप्यूटर विंडोज इनस्टॉल कैसे करें?

यूटूब अकाउंट में ऑडियो (MP3) अपलोड करने का तरीका |

Top 5 Best Android Apps Download In Hindi यह बहुत काम की एप है !

Tor Browser क्या है? टोर ब्राउज़र को इनस्टॉल और VPN की तरह इस्तेमाल कैसे करें

हैकर बनने के लिए क्या करें ?

काली खांसी (Whooping Cough) क्या है? लक्षण / कारण / निदान / चिकित्सा को हिंदी में !

Whooping Cough kya hai hindi
Whooping Cough kya hai hindi

काली खांसी (Whooping Cough) क्या है? लक्षण / कारण / निदान / चिकित्सा को हिंदी में जानिए | :- जैसा की आप जानते है बच्चो और जवान में मरन तक अनेक रोग होते रहता है | इस लेख में बताये गए काली खांसी (Kali Khansi) के बारे में जानने के लिए पूरा लेख पढ़ें |

गाँव और शहर में कहीं भी लोग खांसी से सुरक्षित नहीं है | थोडा सा मौसम बदलने पर उन्हें बुखार से लेकर सर्दी अपने चपेट में जकड लेती है | इसीलिए इस पोस्ट में लक्षण (Symptoms), कारण (Aetiology), निदान (Diagnosis), और ट्रीटमेंट और काली खांसी की अंग्रेजी दवा के बारे में जानेंगे |

Whooping Cough kya hai hindi
Whooping Cough kya hai hindi

जानिए क्या है काली खांसी? What Is Whooping Cough?

काली खांसी (Kali Khansi) को वूपिंग कफ, परट्यूसिस नाम से भी जाना जाता है | यह रोग छोटे बच्चों को होनेवाला संक्रामक रोग है | इस रोग में बच्चो को बहुत परेशानी होती हैं | बच्चो को बार – बार खांसी के दौरे उठातें है | किसी भी बच्चे को इस तरह का खांसी होने पर बच्चा लम्बी आवाज के साथ साँस लेता व छोड़ता है |

बच्चो में काली खांसी क्यों होती हैं? – Why do children have whooping cough

“काली खांसी” अधिकतर पांच वर्ष की उम्र तक के बच्चों को होता है | यह रोग आमतौर पर कम जगह में अधिक लोग रहते है उस जगह (भीड़) पर अधिक फैलने लगता है | अगर आपके आस-पास किसी व्यक्ति को सर्दी, बलगम, हुआ है और आप उसके कोई भी सामान इस्तेमाल करते है तो भी काली खांसी होने की उम्मीद बढ़ जाता है |

यह रोग “बोईटेला परटुसिस” नाम के जीवाणु से फैलता है | यह उन लोगो से ज्यादा फैलता है जिन लोगो को रोगाणु बलगम हुआ है और आप उसका थूक तथा उसके द्वारा इस्तेमाल किए गए सामान का उपयोग करते है |

काली खांसी का लक्षण – Symptoms of whooping cough

हम यहाँ पर काली खांसी का मुख्य लक्षण बता रहें है जिसको आपको जानना बहुत जरुरी हो जाता है |

  • हल्का बुखार होना |
  • नाक से पानी बहना |
  • बार-बार छींके आना
  • यह रोग दिन के अपेक्षा रात में बढ़ जाता है |
  • इस रोग में भूख न लगने की समस्या भी होती हैं |
  • कभी – कभी इलाज कराने में दो हप्ते हो जाते है उस स्थिति में लेरेनिजयल स्पाज्म के कारण दम भी घुटने लगता है |
  • कभी-कभी बच्चे को टट्टी या पेशाब निकाल जाता है | जिसके साथ उल्टी भी होने लगती है |
  • लगातार खांसी आने से बच्चा थका हुआ महसूस करने लगता है |
  • कुछ बच्चे को नाक से खून निकालने की समस्या, जीभ काट लेना, दौरा पड़ना जैसे परेशानी हो सकता है |

बच्चों का रखरखाव व चिकित्सा कैसे करें? How to maintain and treat children?

अगर आपको ऊपर बताये गए लक्षण बच्चें में दिखाई देता है तो निम्न प्रकार ध्यान देना चाहिए |

  • घर में माँ-बहने अपने बच्चो को तेल में तला हुआ चिकना पदार्थ खाने को देती है तो सावधान रहें ऐसा बिलकुल भी नहीं करना है |
  • बच्चे के आवश्यकता अनुसार भोजन में तरल पदार्थ, थोडा-थोडा खाने को देना चाहिए |
  • कभी – कभी यह संक्रमण तेजी से बढ़ता है इसीलिए इरिथ्रोमाइसिन टेबलेट (Erythromycin Tablet) टेट्रासाइक्लिन कैप्सूल (Tetracyline Capsule) देना चाहिए | Tetracycline का उपयोग बैक्टीरिया के संक्रमण रोकने के उपचार में किया जाता है |
  • काली खांसी का इलाज कराने पर दो हप्तो तक समय लग जाता है इसीलिए इसका इलाज हूप की आवाज आने से पहले ही करा लेना चाहिए |
  • किसी भी क्षण बच्चों को साँस लेने में परेशानी हो सकती है इस स्थिति में एफिड्रिन (Ephedrine) दे सकते हैं |
  • यह रोग इतना भयंकर भी हो सकता है इसीलिए स्वास्थ्य व्यक्ति या अन्य रोगी से दूर रखें तो उत्तम होता है | अगर आसपास कोई अस्पताल है तो तुरंत संपर्क कर वैक्सीन लगवा देना चाहिए |
  • बच्चों को डी.पी.टी की तीन खुराक जरुर देना चाहिए |
  • साल और तीन साल पर बच्चों को बूस्टर देना चाहिए |

 

इस लेख में काली खांसी (Whooping Cough) क्या है? लक्षण / कारण / निदान / चिकित्सा को हिंदी में बताया गया है | कभी – भी बच्चों में कोई बीमारी का लक्षण दिखाई देता है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें वरना बीमारी किसी को पहचानती नहीं है | रोग प्रतिरोधक कम होने पर कोई भी बीमारी आपसे दूर नहीं है इसीलिए बच्चों के रख रखाव व खान पैन पर ध्यान देना माँ-बाप का कर्तव्य होता है |


इसे भी पढ़ें |

कंप्यूटर विंडोज इनस्टॉल कैसे करें?

मोबाइल स्क्रीन को कंप्यूटर की तरह यूज कैसे करें ?

यूटूब अकाउंट में ऑडियो (MP3) अपलोड करने का तरीका |

Top 5 Best Android Apps Download In Hindi यह बहुत काम की एप है !

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (South East Central Railway) के तहत ट्रेड अपरेंटिस हेतु भर्ती 2020-21

गले की खराश ठीक कैसे करें?

Gale Kee Kharash Theek Kaise Kare
Gale Kee Kharash Theek Kaise Kare

गले की खराश ठीक कैसे करें? (Gale Kee Kharash Theek Kaise Kare) :- मौसम बदलते ही खांसी,  जुकाम, बुखार होने लगती है | ये नार्मल बीमारी है लेकिन जो लोग इनके चंगुल में फंसते है उनको परेशानी के सिवा कुछ नहीं मिलता है | गले में खराश का इलाज कैसे करें? (How to cure sore throat?)

जब हम एक जगह से दुसरे जगह जाते है उस समय अलग – अलग प्रकार के पानी और ठंडी हवाएं मिलती है, कभी गर्मी तो कभी बरसात के मौसम से सामना करना, जिसके वजह से सर्दी के साथ – साथ बुखार लगने लगता है | कुछ दवाओं से आपका तबियत ठीक होता है तो गले की खराश जाने की नाम नहीं लेती. कभी – कभी को ये बीमारी मौसम बदलते अपने आप भी ठीक हो जाती हैं | कुछ लोग मेडिकल से दवाइयाँ और आयुर्वेदिक उपचार करा कर थक जाते है तो आइये जानते है गले की खराश से छुटकारा कैसे पाए?

Gale Kee Kharash Theek Kaise Kare
Gale Kee Kharash Theek Kaise Kare

Gale Kee Kharash Theek Kaise Kare | गले की खराश ठीक कैसे करें?

गले में खराश होने से कई सारे परेशानी होती है जैसे: गले में दर्द, जलन, खुजली, गायकों के लिए बहुत बड़ी मुसीबत बन जाता है | इस लेख में गले में खराश होने का कारण और उपचार के बारे में बताया गया है |

गले खराब होने के मुख्य कारण – Main causes of sore throat

खांसी और कफ होने की वजह: खांसी होने के कारण गले में कफ जमने की सिकायत होती है जिसके वजह से व्यक्ति का गाला में खराश हो जाता है |

गले में सुजन: कई बार बिना खांसी के गले में खराश होने की सिकायत होती है इसका मतलब ये नहीं की आप बीमार है | गले में सुजन से भी आपको ये सभी परेशानियाँ होने लगता है |

गाने और चिल्लाने से: अगर आप बिना मतलब के अधिक समय तक चिला रहें है या फिर सिंगर है तो अधिक देर तक तेज आवाज में गाना गाने से गले की परेशानी बढ़ जाती हैं |

धुम्रपान करने से: आजकल कुछ युवा को धुम्रपान करने की लत लग गयी हैं | इस स्थिति में आपके गले में धुँआ जायेगा तो आपका गाला खराब होना तय है |

मौसम के कारण: सफ़र करने से बहुत लोगो को एलर्जी होती है | कभी ठंडी कभी गरम हवा लगने से खराश होने की चांस बढ़ जातें है |

इन्फेक्सन होना: कभी – कभी वायरल इन्फेक्सन और बैक्टीरिया की वजह से गले में खराश होने की संभावना बढ़ जाती है |

How to get rid of a sore throat – गले की ख़राश से छुटकारा कैसे पाएं

गर्म पानी में नमक मिलकर गरारे करें: अगर आपके गले में खराश है तो गुनगुना पानी में थोड़ी आवश्यकता अनुसार नमक मिलकर 15 से 25 सेकंड तक गरारे करें | गरारे का मतलब गले तक पानी लेकर गलगल कर पानी बाहर निकाल दीजिये | इस तरह दिन में चार से पांच पर करना है | ऐसा तब तक करें जबतक आपका गला ठीक न हो जाये |

  • गुनगुना टाइप का पानी गर्म करें |
  • पानी में एक चुटकी नमक डालें |
  • दिन में 4-5 बार कर सकतें है |

 

गोलमिर्च र गुड का सेवन: गले में खराश होने पर दो-चार गोलमिर्च और थोड़ी सी गुड मिलकर गाल के निचे रखकर रस निगले | दिन में एक बार जरुर करने से गले में आराम मिलता है |

पानी अधिक पिने की कोशिश करें: कभी – कभी गले में खराश कम पानी पिने की वजह से भी होता है | अगर आप बहुत कम पानी पीते है तो आपका गाला सुख जाता होगा जिसके कारण गले में परेशानियाँ बढ़ जाती है | इससे बचने के लिए प्रतिदिन कम से कम चार से पांच लीटर पानी पीना चाहिए |

लौंग चबाना: गले में खराश रहने पर 2-4 लौंग चबाइए या गाल के निचे दबाकर धीरे-धीरे इस निगलने पर बहुत जल्दी आराम मिलता है |

इस लेख में गले की खराश ठीक कैसे करें? (Gale Kee Kharash Theek Kaise Kare) के बारे में जानकारियां शेयर किया गया है | अगर आप गले में सुजन या खराश से परेशान है तो पोस्ट में बताये अनुसार करने पर बहुत सारे लाभ मिलेगा |


इसे भी पढ़ें |

कंप्यूटर में ड्राइव का नाम Drive (C) से ही शुरू क्यों होता है?

Top 5 Best Android Apps Download In Hindi यह बहुत काम की एप है !

टीम व्यूअर (Team Viewer) का इस्तेमाल कैसे करें ?

टीम व्यूअर (Team Viewer) का इस्तेमाल कैसे करें ?

ईमेल से 15Gb तक फाइल साइज़ को कैसे भेजें ?

जमीन खरीदने से पहले ये सावधानियां बरतें