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गणेश चतुर्थी क्यों मनाया जाता है? फुल जानकारी हिंदी में |

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गणेश चतुर्थी क्यों मनाया जाता है? (Ganesh Chaturthi Kyu Manaya Jata Hai In Hindi) : गणेश चतुर्थी की पूजा विधि, मुहूर्त, और महत्व के बारे में विस्तार से जानने के लिए वेबसाइटहिंदी.कॉम का आर्टिकल पढ़िए क्यूंकि इस आर्टिकल में गणेशजी के बारे में भी बताया गया है |

बात करें गणेश जी के तो इनको तो पूरी दुनियां जानती है और मानती भी है लेकिन भारत देश में कुछ राज्यों में गणेश जी का पूजा गणेश चतुर्थी यानि की जन्म दिन के रूप में मनाया जाता है | खास कर के महाराष्ट्र के लोगो को गणेश चतुर्थी  का त्यौहार का इन्तेजार रहता है |

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Ganesh Chaturthi

जैसा की आप जानते है भगवान गणेश जी सौभाग्य और समृद्धि का प्रतिक है | खास कर के हिन्दू धर्म में किसी भी पूजा को करने से पहले गणेश जी का पूजा किया जाता है या गणेश जी का नाम लिया जाता है | अगर आप गणेश चतुर्थी क्या है? (Ganesh Chaturthi Kya Hai) से संबंधित जानना चाहते है तो इस लेख को पूरा पढ़िए |

गणेश चतुर्थी क्या है? हिन्दीमें जानिए |

Ganesh Chaturthi Kyu Manaya Jata Hai In Hindi

गणेश चतुर्थी हिन्दुओं का त्योहार है  और भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी के तिथि को भगवान गणेश जी का जन्म हुआ था | गणेश चतुर्थी का पर्व 10 दिनों तक चलता है जिसकी शुरुआत 2021 में हरतालिका तीज के अगले दिन 10 सितम्बर से हो रही है | इसके बाद अनंत चतुर्दशी (Anant Chaturdashi) 19 सितम्बर को होगा |

इस मौके पर भगवान गणेश जी की बहुत ज्यादा भक्ति होती है | गणेश चतुर्थी के दिन हर जगह भक्ति का माहौल रहता है | चरों तरफ भक्तिमय भजनों, संगीत की स्वर सुनाई देता है | (इसे भी पढ़िए महर्षि वेद व्यास (Maharishi Ved Vyas) के बारे में पूर्ण जानकारी)

गणेश जी को आरती करने के साथ – साथ लड्डू और मोदक का प्रसाद चढ़ाया जाता है | भगवान गणेश जी को ऋद्धि-सिद्धि व बुद्धि का दाता माना जाता है यही कारण है की इन्हें हर कोई जनता और मानता है |

 

गणेश चतुर्थी क्यों मनाया जाता है?

Ganesh Chaturthi Kaise Manaye.

कहा जाता है गणेश जी का पूजा करने से हर बाधाओं को नाश किया जा सकता है | इसलिए गणेश जी के जन्म दिन को गणेश चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है | जिसके घर में गणेश जी का आगमन होता है उसके घर में ख़ुशी, धन और समृद्धि भी आती है |

इस दिन हिन्दुओं में बहुत ही धूम-धाम से पूजा किया जाता है | कहा जाता है की अगर आपकी कोई इच्छा है तो भगवान गणेश जी से मनोकामना के लिए विनती कर सकते है |

 

गणेश चतुर्थी के दिन व्रत पूजन विधि क्या है?

 

गणेश चतुर्थी में गणेश जी का पूजन करना बहुत ही आसान है पर इसके लिए भगवान गणेश जी के प्रति शर्धा होनी चाहिए |

सबसे पहले हर दिन की तरह सुबह उठकर फ्रेश हो ले | जल्दी जागने का मतलब आपको स्नान भी करना होगा |

अब आपको मिट्टी या ताम्बे की गणेश जी का प्रतिमा लेना होगा | फिर कलश में जल भरकर नए वस्त्र से मुख बंधे और कलश के साथ गणेश जी का स्थापना करें |

गणेश जी को मोदक बहुत ही पसंद होतें है | यहाँ पर दूर्वा, घी, सिंदूर और 21 मोदक जरुर चढ़ाएं | सबकुछ चढाने के साथ आरती और संगीत का कार्यक्रम करें | इसके बाद प्रसाद को भक्तों में बाँट दें |

याद रहे भगवान गणेश जी की पूजा 10 दिनों तक होती है इसलिए गणेश जी के मूर्ति को एक दिन, तीन दिन, सात दिन या 10 दिनों तक रख सकते है | गणेश जी के प्रतिमा के साथ परिकरमा भी किया जाता है | अब आप समझ गए होंगे की गणेश जी की पूजन विधि क्या है?

गणेश जी के जन्म से जुड़ी कथा सुनिए |

पौराणिक मान्यताओं अनुसार एक समय की बात है जब माता पार्वती स्नान के लिए गयी थी तो अपने मैल से एक पुतले का निर्माण किया | इसके बाद गृहरक्षा  करने के लिए पुतले में प्राण फुक दी | (इसे भी पढ़िए प्रकाश पर्व )

जिसके बाद जहाँ पर स्नान कर रही थी उसके द्वार पर द्वारपाल के रूप में नियुक्त कर दी |

अब समय हुआ भगवान शंकर जी को आने का तो गणेश जी ने भगवान शंकर को आने से रोक दिए | बार – बार ऐसा करने से शंकर जी क्रोध में आकर गणेश जी के मस्तक अलग कर दिए | इसके बाद जो हुआ सो पूरा ब्रह्माण्ड कांप उठा क्यूंकि माता पार्वती क्रोधित हो गयी थी |

अब गणेश जी को जिन्दा करने की बात आयी तो हाथी का सिर गणेश जी से जोड़ दिया गया तभी से गणेश जी का नाम गजानन भी है |

श्री गणेश जी की आरती – Aarti Of Shri Ganesh Ji

 

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा |

माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा ॥

एक दंत दयावंत, चार भुजाधारी |

माथे पे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी ॥

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा ॥

अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया |

बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया ॥

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा ॥

हार चढ़ै, फूल चढ़ै और चढ़ै मेवा |

लड्डुअन को भोग लगे, संत करे सेवा ॥

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा ॥

दीनन की लाज राखो, शंभु सुतवारी |

कामना को पूर्ण करो, जग बलिहारी ॥

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा ॥

निष्कर्ष (Conclusion)

Websitehindi.Com के आर्टिकल में गणेश चतुर्थी क्यों मनाया जाता है? (Ganesh Chaturthi Kyu Manaya Jata Hai In Hindi) के बारे में बताया गया है | पोस्ट में यह भी बताया गया है की भगवान गणेश जी की पूजा विधि क्या है?

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