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महर्षि वेद व्यास (Maharishi Ved Vyas) के बारे में पूर्ण जानकारी

Last Updated on 2 months by websitehindi

Maharishi Ved Vyas के बारे में पूर्ण जानकारी हिंदी में जानने के लिए वेबसाइटहिंदी का आर्टिकल पढ़िए क्यूंकि इस आर्टिकल में महर्षि वेद व्यास को दिखाया गया है | लेख में यह भी बताया गया है की कौन थे महर्षि वेद व्यास ?

हमारे आसपास ऐसे बहुत सारे लोग है जो वेद व्यास जी के बारे में नहीं जानते है | जानकारी के लिए आपको बता दू हिन्दू धर्म में वेद व्यास जी का नाम बहुत ही प्रचलित है | जैसा की हम जनते है गुरु पूर्णिमा को जन्मोत्सव के रूप में बड़ी धूम धाम से मनाया जाता है |

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महर्षि वेद व्यास कौन थे? (maharshi ved vyas)

महर्षि वेद व्यास गुरुओं का गुरु थे | महर्षि वेद व्यास जी का जन्म आषाढ़ माह की पूर्णिमा को हुआ था इसलिए भी इनका जन्मोत्सव, पूर्णिमा के दिन होती है | जैसा की दुनियां जानती है महर्षि वेद व्यास जी 18 पुराणों के रचयिता है |

सबसे मुख्य बात यह है की महर्षि vedvyas जी के द्वारा महाभारत का रचना किया गया इसलिए भी महर्षि को गुरुओं का गुरु कहा जाता है |

गुरु पूर्णिमा की कथा (जानकारी)

लगभग 3000 ई. पूर्व में में महर्षि वेदव्यास का जन्म आषाढ़ के पूर्णिमा को हुआ था | उसी दिन के अनुसार हर साल आषाढ़ के शुक्ल पूर्णिमा को महर्षि वेद व्यास जी का जन्मोत्सव पर्व के रूप में मनाया जाता है |

महर्षि वेद व्यास जी उपनिषद और पुराणों के रचयिता थे जिसके वजह से समस्त मानव जाति उन्हें गुरु मानती है | इस तरह से maharshi ved vyas जी के प्रतिमा का पूजन किया जाता है |

 

महर्षि पराशर और सत्यवती का रिश्ते (कथा)

दुनियां में मौजूद पौराणिक कथाओं के अनुसार महर्षि पराशर प्राचीन काल में भ्रमण के लिए बाहर गए थे | महर्षि को भ्रमण करते हुए उनकी नजर एक सुन्दर स्त्री पर पड़ी , जिसकी नाम था सत्यवती | (इसे भी पढ़िए Indrapuri Dam क्या है? और कहाँ पर स्थित है| फुल जानकारी)

सत्यवती मछुवारे की पुत्री बहुत ही आकर्षक और सुंदर थी  | जिसके वजह से सत्यवती पर उनका मन विचलित हो गया | लेकिन सबसे वजह यह था की सत्यवती के शरीर से मछली जैसी गंध आती थी | यही वजह है की सत्यवती को मतस्यगंधा कहा जाने लगा | इसके बाद ऋषि विचलित होकर बोले की मै आपको संतान प्रदान करने की इच्छा रखता हूँ | इसके बाद सत्यवती ने कई प्रश्न खड़ा कर दिए |

उन्होंने कहा की इस तरह का अनैतिक संबंध किस तरह बनाऊ | मै किसी भी हालात में संतान का जन्म नहीं दे सकती हूँ | इसके बाद  पराशर ऋषि के द्वारा कहा गया की मेरे द्वारा दिए गए संतान दिव्य होगा और यह इस सृष्टि के लिए बहुत ही महानतम कार्य करेगा |

इतना बात सुनते ही सत्यवती नें पराशर ऋषि से तीन शर्त रखी जो इस प्रकार है | सत्यवती द्वारा लगाये गए शर्त को उन्हें मानना पड़ा |

सत्यवती ने पराशर ऋषि से पहली शर्त लगायी की उन्हें संभोग क्रीडा करते समय कोई न देखे |

इसके बाद सत्यवती ने दूसरी शर्त राखी की उनका कौमार्यता भंग न हो |

सत्यवती ने तीसरी शर्त मांगी की उनके शरीर से मछली जैसी गंध निकल जाये और उसी जगह पर फूलों की सुगंध लग जाये |

इसके बाद पराशर ऋषि ने शर्त माने और तथा वस्तु कहते ही मत्स्यगंधा से सुगंधा बन गयी |

कुछ ही समय समाप्त होते ही समय पर सत्यवती ने एक पुत्र को जन्म दिया | इसी बच्चे का नाम कृष्ण द्वैपायन रखा गया | इन्ही को आगे चलकर वेद व्यास (maharshi ved vyas) के नाम से लोग जानने लगे | आप कह सकते है की वेद व्यास जी महाभारत के रचयिता है |

youtube विडियो देखिए |

निष्कर्ष (Conclusion)

Websitehindi.com के पोस्ट में Maharishi Ved Vyas के बारे में पूर्ण जानकारी हिंदी में बताया गया है | वेबसाइटहिंदी के पोस्ट में एक यूटूब विडियो भी पोस्ट किया गया है | जिसको आप देखकर vedvyas जी के बारे में अच्छे से जान सकते है |

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