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प्रकाश पर्व

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प्रकाश पर्व बिहार के पटना में धूमधाम से मनाया जाता है । इस पर्व को बहुत महत्व दिए जाते है । आइये जानते है प्रकाश पर्व क्या है । प्रकाश पर्व परिचय सिखो के दशम गुरु श्री गोबिंद सिंह महराज का 350 वां जन्म दिवस को प्रकाश पर्व के रूप में मनाया जाता है । इस साल भी गुरु द्वारा श्री हेमकुंड साहिब पटना में धूमधाम से मनाया जायेगा । 


गुरु गोबिंद सिंह का जन्म 22 दिसंबर 1666 ई. में बिहार के पटना में हुआ था । जो की सीखो के दसवे और अंतिम गुरु बने । जिसके कारण दसवे सिख गुरु सिख सेना के संस्थापक एवं प्रथम सेनापति कहलाये । 

इनके पूर्वाधिकारी तेगबहादुर व् उत्तराधिकारी गुरु ग्रन्थ साहिब बने । 

गुरु गोबिंद सिंह के तिन पत्नियां और तिन बच्चे थे । 

  •  10 साल के उम्र में गुरु गोबिंद सिंह ने 21 जून 1677 में माता जीतो के साथ विवाह आनंदपुर से 10 किलोमीटर दूर बसंतगढ़ में विवाह किया गया । 
  • गुरु गोबिंद सिंह ने 17 साल की उम्र में 4 अप्रैल 1684 में माता सुंदरी के साथ आनंदपुर में विवाह किये । माता सुंदरी से एक पुत्र का जन्म हुआ जिनका नाम अजित सिंह है ।
  • 33 साल के उम्र में गुरु गोबिंद सिंह ने 15 अप्रैल 1700 ई में साहिब देवांन से विवाह हुआ । इनकी कोई संतान नही था ।

Takht shri Patna shahib
इतिहास का महत्वपूर्ण टॉपिक्स

  • इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण घटना खालसा पंथ को माना जाता है । 
  • गुरु गोबिंद सिंह के कृतियों के संकलन का नाम दशम ग्रन्थ है।
  • मुग़ल और उनके सहयोगियों के साथ 14 बार युद्ध लाडे । 
  • 1685 ई. में सिरमौर के राजा मत प्रकाश के निमांतरण पर सिरमौर राज्य के गजट के अनुसार गुरु गोबिंद सिंह ने राजा भीम चंद्र के साथ मतभेद करके गुरूजी को आनंद पुर साहिब छोड़ने पर मजबूर किया गया ।

रचना

शास्त्र नाम माला – अस्त्र शास्त्र के रूप में गुरमत वर्णन किया गया ।

जाप साहिब – एक निरंकार के गुड़वाचक नमो का संकलन ।

बचित्र नाटक – गुरु गोबिंद सिंह के सवाई जीवनी और आतिमक वंशावली से वर्णित रचना है ।

जफर माला -चिठ्ठी औरंगजेब बादशाह के नाम ।

आज के दिन धूम धाम 

लास्ट दिसंबर से 8 जनवरी तक पटना में बहुत धूम – धाम से प्रकाश पर्व मनाने का त्यारियां चल रही है । लोग प्रकाश पर्व मनाने के लिए बहुत उत्सुक है । इसके लिए सरकारी ऑफिस में छुट्टी किया गया है । ताकि पूरा भक्त प्रकाश पर्व को मना सके ।

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