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क्या है भीम यूपीआई आईडी ? फुल जानकारी हिंदी में !

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यूपीआई आईडी क्या है? Upi Kee Jankari हिंदी 2021 में जानने के लिए वेबसाइटहिंदी.कॉम का पूरा पोस्ट पढ़ें | इस पोस्ट में Upi से संबंधी सभी डिटेल्स दो गयी है |

आज के समय में युपीआई से पैसे ट्रान्सफर करने की सुविधा जोरो पर है | लोग अपने निजी कार्यो से बिजनेस तक सभी बैंकिंग सुविधा का इस्तेमाल यु पी आई से कर रहें है | ऑनलाइन shopping करने के साथ, रिचार्ज, इन्सुरेंस और पैसे Transfer से रिलेटेड आप्शन फ्री में मिलता है | आइये जानते है यूपीआई आईडी क्या है? What Is Upi Id In Hindi.

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Kya Hai Upi – क्या है भीम यूपीआई आईडी ?

यूपीआई  का पूरा नाम Unified Payments Interface (Upi) (Bhim-Upi) है | जिसके माध्यम से एक बैंक से दुसरे बैंक में रुपये स्थानान्तरण करने की सुविधा मिलता है | इस पेमेंट सिस्टम को भारतीय रिज़र्व बैंक (Rbi- Reserve Bank Of India) एवं भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (Npci- National Payments Corporation Of India)  द्वारा शुरू किया गया | इसमें आपको किसी बैंक ब्रांच में जाने की जरुरत नहीं होती है आप घर बैठे सभी भारतीय बैंको में रुपये भेज सकते है | (इसे भी पढ़ें पांच तरीका से बैंक अकाउंट नंबर पता कैसे करें ? जानिए सरल तरीका |)

यूपीआई द्वारा ग्राहकों को दी जाने वाली सुविधाएं – Facilities Provided By The Upi To The Customer

जो बैंक Upi एप का निर्माण करती है वो अपने ग्राहक को अन्य सभी बैंक में पैसे भेजने के लिए सुविधा देती है | इसके अलांवा Lic, Feature Generali, Shopping, रिचार्ज, बिल पेमेंट, लोन पेमेंट, Credit कार्ड बिल के साथ 24K गोल्ड भी खरीद विक्री कर सकते है |

यु.पी.आई की बात करें तो अलग-अलग बैंको का अपना Upi App होता है | जिसमें बहुत सारें बैंकिंग सुविधाएँ मिल जाती है |

यु पी आई एप का इस्तेमाल कैसे करें? How To Use Upi App

Upi Apps का इस्तेमाल करना बिलकुल आसान है | गूगल प्ले स्टोर से किसी भी Upi एप (Phonepe, Google Pay, Amazon Pay, Paytm) इत्यादि का इस्तेमाल कर सकते है | इसके लिए एप डाउनलोड कर इनस्टॉल करें | (इसे भी पढ़ें Sbi इन्टरनेट बैंकिंग सेवा ऑनलाइन शुरू (activate) कैसे करे ?)

बैंक से कनेक्ट करने के लिए बैंक से रजिस्टर मोबाइल नंबर आपके पास होना अनिवार्य है | फुल वेरिफिकेशन करने के लिए एटीएम कार्ड/ डेबिट कार्ड की आवश्यकता होती है तभी आप एक बैंक से दुसरे बैंक में रूपये भेज सकते है |

Unified Payments Interface (Upi) से मिलनेवाली मुख्य विशेषताएं

  • Upi App से दिन-रात कभी भी रुपये लेन-देन कर सकते है |
  • एक दिन में 25,00 तथा महीने में लाखो रुपये ट्रान्सफर फ्री में करने की अनुमति होती है | अलग-अलग बैंक का लिमिट ज्यादा होते है |
  • यु.पी.आई में एक बार मोबाइल नंबर या बैंक अकाउंट पर पैसा भेज देने पर वह Save हो जाता है | इसके बाद बार-बार डिटेल्स भरने की आवश्यकता नहीं होती है | (इसे भी पढ़ें त्वचा पर होनेवाली एलर्जी के घरेलू उपाय – Skin Allergy Home Remedy In Hindi)

 

यु.पी.आई से सक्रीय भारतीय बैंक लिस्ट

(1.) भारतीय स्टेट बैंक

(2.) पंजाब नेशनल बैंक

(3.) यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया

(4.) आई.सी.आई.सी.आई बैंक

(5.) साउथ इंडियन बैंक

(6.) कैथोलिक सीरियन बैंक

(7.) एचडीएफसी बैंक

(8.) स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक

(9.) इलाहाबाद बैंक

(10.) एचएसबीसी

(11.) बैंक ऑफ बड़ौदा

(12.) इंडसइंड

(13.) साउथ इंडियन बैंक

(14.) यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया

(15.) यूको बैंक

(16.) यूनियन बैंक ऑफ इंडिया

(17.) विजय बंक

(18.) ओबीसी

(19.) टीजेएसबी

(20.) आईडीबीआई बैंक

(21.) आरबीएल बैंक

(22.) यस बैंक

(23.) आंध्रा बैंक

(24.) ऐक्सिस बैंक

(25.) बैंक ऑफ महाराष्ट्र

(26.) केनरा बैंक

Conclusion

वेबसाइट हिंदी . कॉम के इस लेख में यूपीआई आईडी क्या है? Upi Kee Jankari हिंदी में बताई गयी है | अगर आप पहली बार यूज करने के बारे में सोंच रहें है तो Upi Payment App इस्तेमाल जरुर करें |

नाक में दर्द और सूजन के कारण लक्षण और उपचार हिंदी में |

नाक-में-दर्द-सूजन
nose

अगर आपके नाक से म्युकस (Mucus) निकलता रहता है तो नाक में दर्द और सूजन जैसी समस्या हो सकती है | यह समस्या बड़ी नहीं है पर जकड जाने के बाद नाक से सांस लेने में परेशानी महसूस होने लगती है | आइये जानते है Naak Me Dard Aur Sujan का घरेलु उपाय और नुस्खे|

नाक में दर्द और सूजन (Nak Me Dard Ka Ilaj) होने से साँस लेने में तकलीफ होती है | इसके अलांवा चेहरे पर आंख के आसपास सूजन होने लगती है | यह समस्या किसी भी आयु में हो सकती है |  इसीलिए नजरंदाज न करते हुए तुरंत ईलाज या नुस्खे अपनाना चाहिए |

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nose

नाक में दर्द और सूजन के कारण – Causes Of Nasal Pain

नाक में सूजन और दर्द के अनेक कारण निम्नलिखित है | (इसे भी पढ़ें 10 Voice Recorder Apps आवाज रिकॉर्ड करने के दस एंड्राइड एप्लीकेशन)

  • केमिकल के वजह से नाक में सूजन और जलन होने लगती है |
  • नाक में वायरस या बैक्टीरिया होने के कारण
  • अधिक बलगम बनने से
  • चोट लगने से
  • घाव

Nak Me Dard के लक्षण

  • नाक सूज जाना
  • नाक का लाल होना
  • नाक से थिक ड‍िस्‍चार्ज होना
  • सांस लेने में समस्या
  • नाक के साथ कान दर्द करना
  • किसी चीज का गंध पहचान न पाना

(इसे भी पढ़ें रेबीज (Rabies) क्या है? कारण, लक्षण और चिकित्सा से बचने का उपाय !)

नाक में सूजन और दर्द से बचाव के उपाय

  • पहनने और सोने के बिस्तर हमेशा साफ रखें |
  • दरवाजे के पर्दे महीने में साफ जरुर करें |
  • दीवारों से फंगल-फफूंद साफ करें |
  • गंदगी में रहने वाले या गंदे जानवरों से दूर रहें |
  • नाक में इन्फेक्शन होने पर ईलाज कराये |
  • चेहरे पर हानिकारक केमिकल यूज करने से बचें |

नाक से दर्द और सूजन कम करने के उपाय

  • पेन मेडिकेशन की मदद से नाक के सूजन और दर्द ठीक किया जा सकता है |
  • एंटीबायोटिक्स ट्रीटमेंट की मदद से नाक की इन्फेक्शन ठीक किया जा सकता है |
  • एलर्जी के लिए मेडिसिन का प्रयोग करके
  • भोजन में तरल पदार्थो को शामिल करना चाहिए |
  • रात में सोते समय मुंह ऊपर करके सोये | सिर के निचे ऊँची तकिया रख सकते है |
  • नाक में पानी और नमक का भाप लेने से समस्या ठीक होती है |
  • ज्यादा दर्द होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें |

Conclusion

इस लेख में नाक में दर्द तथा सूजन से संबंधित कारण, लक्षण और उपाय बताया गया है | अगर आपकी समस्या गंभीर है तो नजदीकी डॉक्टर से संपर्क कर सकते है |

डिलीवरी के बाद कब्ज क्यों होती है? कारण लक्षण और घरेलु नुस्खे

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डिलीवरी के बाद कब्ज क्यों होती है? कारण लक्षण और उपचार 2021 में हिंदी में जानने के लिए वेबसाइटहिंदी.कॉम का पोस्ट जरुर पढ़िए |

आये दिन देखा गया है महिलाओं को प्रसव के बाद कब्ज जैसी समस्या होती रहती है | कुछ महिलाएं पहले से ईलाज के बारे में सोंचती है ताकि गर्भवस्था समाप्त होने के बाद Kabj से छुटकारा हो सकें | आइये जानते है वो कौन सी तरीका है जिसको अजमाने पर गर्भवस्था के बाद कब्ज से छुटकारा मिल सकता है |

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डिलीवरी के बाद कब्ज होने के कारण – Delivery Ke Baad Kabj Hone Ke Karan

 

(1.) अधिक दवाओं का सेवन करने से – इस तरह की समस्या तब होती है जब महिलाएं मॉर्फिन, वाईकोडिन जैसी दवाइयाँ का सेवन अधिक करती है जिससे उनका पाचन क्रिया कमजोर हो जाती है |

(2.) हार्मोन्स में बदलाव के कारण – शरीर में प्रोजेस्ट्रोन हॉर्मोन्स के कारण कब्ज की समस्या (Kabj Ki Samasya) होती है क्यूंकि इससे पाचन शक्ति कमजोर होने लगती है |

(3.) बवासीर की समस्या – जैसा की हम जानते है 10 में से 6 महिलाओं को कम या ज्यादा बवासीर तंग करता है | जिससे महिलाओं को दर्द का सामना करना होता है | ऐसी परेशानियाँ तब आती  है जब औरतें कब्ज की समस्या से ग्रस्त होती है | (इसे भी पढ़ें एनल फिशर के घरेलू उपाय – What Is An Anal Fissure)

(4.) आयरन सप्लीमेंट्स – आयरन सप्लीमेंट्स का सेवन करने से महिलाओं को कब्ज बनने की समस्या अधिक होती है | यह हकीकत है की गर्भावस्था के समय महिलाये अधिक आयरन के सप्लीमेंट्स लेती है | जिससे आंतों में पैथोजेनिक बैक्टीरिया का पोषण मिलता है इसीलिए कब्ज होने लगती है |

(5.) गर्भवस्था के समय दस्त- महिलाओं का प्रसव होने से पहले दस्त होने से प्रसव के बाद Delivery के समय कब्ज की समस्या होती है | (इसे भी पढ़ें आंखों में जलन (Aankhon Mein Jalan) का ईलाज, कारण और लक्षण !)

(6.)  सिजेरियन डिलीवरी (Cesarean Delivery) – जब महिलाओं को ऑपरेशन द्वारा डिलीवरी होती है उस स्थिति में पाचन क्रिया हप्तो तक कमजोर हो सकती है जिसके वजह से कब्ज की समस्या हो सकती है |

(7.) पानी कम पिने से या पानी की कमी – अगर महिला के शारीर में पानी की कमी होती है तो भी प्रसव के बाद कब्ज की समस्या होती है |

प्रसव के बाद कब्ज के लक्षण – Symptoms Of Constipation After Delivery

कब्ज होने के अनेक लक्षण है जो वेबसाइटहिंदी.कॉम के पोस्ट में निम्नलिखित है | (इसे भी पढ़ें हिलते दांत का उपचार घरेलु उपचार व नुस्खे |)

ज्यादा दस्त होना

मल करते समय खून आना

मल करते समय दर्द होना

किसी स्थिति में पेट दर्द

 

कब्ज कम करने के लिए क्या-क्या खाना चाहिए? – What Should Be Eaten To Reduce Constipation?

 

(1.) पालक खाने में उपयोग करें |

कब्ज ठीक करने के लिए फाइबर की कमी पूर्ति करना होता है | कब्ज से छुटकारा पाने के लिए पालक को शब्जी में शामिल करें |

(2.) दही का सेवन

दही का सेवन करने से कैल्शियम और जिंक आपके पाचन तंत्र को ठीक करता है इसीलिए महिलाओं को अपने तबियत को देखते हुए खाने में दही इस्तेमाल कर सकती है |

(3.) टमाटर खाएं

पेट को साफ रखने के लिए महिलाओं को टमाटर खाने चाहिए | अगर महिला को विटामिन सी की पूर्ति होती है तो पेट साफ रहेगा |

(4.) गाजर खाएं

कब्ज को कहीं हद तक कम करने के लिए महिलाओं को गाजर का सेवन करना चाहिए |

(इसे भी पढ़ें ईमेल से 15Gb तक फाइल साइज़ को कैसे भेजें ?) )

(5.) मुनक्के खाने से कब्ज में राहत

अगर आपको कब्ज के वजह से मल त्यागने में परेशानी हो रही है तो मुनक्के खाने से फायदा मिलेगा |

(6.) मेवे खाने की कोशिश करें

शरीर में कैल्शियम, फाइबर, पोटैशियम और मैग्नीशियम भरपूर मात्रा में रहने के लिए सूखे मेवे खाएं | इससे भी आपकी कब्ज की परेशानी दूर होगी |

(7.) कब्ज डिलीवरी के बाद होने पर उपचार

कब्ज कम करने के लिए खाने में वैसे पदार्थो का सेवन करना चाहिए जिससे आपका पाचन शक्ति मजबूत रहें तथा कब्ज में रहत का अनुभव हो |

(8.) अदरक की चाय

अगर आपको डायबिटीज नहीं है तो अदरक की चाय ले सकते है | इससे आपको बहुत राहत मिलेगी | (

(इसे भी पढ़ें लाल रक्त कोशिकाएं (Red Blood Cells) को घटने व बढ़ने के कारण !)

(9.) एक्सरसाइज करें

पाचन क्रिया को ठीक से काम करने के लिए हर रोज टहलना बहुत जरुरी है | अगर आप टहलते है तो भोजन जल्दी पचेगा |

(10.) गर्म पानी में निम्बू

गर्म पानी में निम्बू डालकर पीना पेट के लिए अच्छा माना जाता है | सबसे पहले सुबह में हर रोज गुनगुना पानी में एक निम्बू निचोड़े | पानी और निम्बू के मिश्रण को पिएं |

(11.) नारियल पानी

कब्ज में रहत पाने के लिए नारियल पानी बहुत उपयोगी है |

(12.) पेट मालिश करवाए

पेट के चारो तरफ मालिश कराने से पेट की दीवारे मजबूत होती है और आपकी कब्ज की परेशानी कम होगी | (इसे भी पढ़े जानिए टॉप 5 बेस्ट फोटो सजाने वाला एप्प !)

 

कब्ज से संबंधित सावधानियां

थोडा-थोडा खाएं: प्रसव के बाद महिलाओं को एक बार में अधिक भोजन नहीं करना चाहिए | भोजन करते समय कोई भी पदार्थ थोडा-थोडा खाएं |

तनाव: प्रसव के बाद महिला को तनाव में नहीं रहना चाहिए वर्ना तनाव से कब्ज की समस्या अधिक बढ़ेगी |

चायनीज भोजन: कभी भी बाहरी भोजन का सेवन करने से बचे | फास्ट फ़ूड चायनीज भोजन करने से कब्ज की समस्या हो सकती है |

चॉकलेट न खाएं: डिलीवरी के बाद महिला को चॉकलेट खाने से परहेज करना चाहिए |

Conclusion

इस लेख में डिलीवरी के बाद कब्ज क्यों होती है? के बारे में बताया गया है | अगर आपको Delivery Ke Bad Kabj होती है तो पोस्ट में बताये गए नुस्खे को अपना सकते है |

वर्डप्रेस प्लगइन साइबर पैनल या cpanel से अपलोड कैसे करें?

वर्डप्रेस-प्लगइन

वर्डप्रेस प्लगइन साइबर पैनल या cpanel से अपलोड कैसे करें? अगर आप wordpress plugin या themes डैशबोर्ड से upload नहीं कर पा रहें है तो वेबसाइटहिंदी.कॉम का पोस्ट जरुर पढ़ें |

WordPress plugin वेबसाइट के लिए बहुत सारे फीचर प्रदान करता है | कुछ themes 4-5 mb से ज्यादा साइज़ के होते है उन्हें डैशबोर्ड द्वारा अपलोड करने में समस्या होती है | जब भी आप साईट पर plugins upload करते है तो अगला पेज error हो जाता है | इसी का सलूशन इस लेख में मिलेगा | हम आपको बताएँगे cyberpanel से प्लगइन या themes upload कैसे करते है?  हालाँकि Cyber panel और cpanel में ज्यादा अंतर नहीं होती है | अगर आप एक-दो बार login कर चुके है तो आसानी से समझ सकते है |

wordpress-plugin

वर्डप्रेस प्लगइन साइबर पैनल या cpanel से अपलोड कैसे करें?

अभी जो हम तरीका बता रहें है इस तरीका से आप अपने वेबसाइट में बड़ी से बड़ी plugin upload कर पायेंगे | (इसे भी पढ़ें Digital Ocean पर वर्डप्रेस इनस्टॉल करने के लिए Droplet create कैसे करे?)

स्टेप 1

सबसे पहले आपको साइबर panel में login करना है | username और पासवर्ड दर्ज कर login करें |

स्टेप 2

जब आप login कर लेंगे तो आपके स्क्रीन पर cyberpanel का डैशबोर्ड दिखाई देगा | website पर क्लिक कर list website पर क्लिक करें |

cyberpanel

स्टेप 3

इस पेज पर साइबर panel में लिंक सभी वेबसाइट दिखाई देंगे | आपको जिस डोमेन के लिए plugin अपलोड करना है उस डोमेन के सामने manage पर क्लिक करें |

panel

 

 

स्टेप 4

अगले पेज पर file manager के आप्शन पर क्लिक करें | इस पेज पर cyber panel और cpanel का आप्शन सामान्यत एक जैसा ही होता है |

file-manager

स्टेप 5

अब आपको उस फाइल को open करना है जिसमें डाटा डालना है |

  1. Public_html पर क्लिक करें |
  2. Wp content पर क्लिक करें |
  3. Plugin पर क्लिक लारें |

Public_html

स्टेप 6

Plugins या themes अपलोड करने के लिए upload पर क्लिक करें |

upload

स्टेप 7

आपके कंप्यूटर/ लैपटॉप में जहाँ पर भी प्लगइन रखा है उसे ब्राउज करना है | (इसे भी पढ़ें PF स्टेटमेंट e-passbook (Epf Statement Download) कैसे करें?)

  1. Choose file के आप्शन पर क्लिक करें |
  2. अब आपको upload all पर क्लिक करना है |

upload-file

इसके बाद कुछ ही second में plugins अपलोड हो जायेगा |

स्टेप 8

फिनाली फ्लुगिन को extract करना है |

प्लगइन पर right क्लिक कर extract पर क्लिक करें |

extract

अब आप wordpress plugin को आसानी से एक्टिव कर सकते है | इसके लिए वर्डप्रेस डैशबोर्ड में लॉग इन कर प्लगइन आप्शन में जाये |

Conclusion

इस लेख में वर्डप्रेस प्लगइन साइबर पैनल या cpanel से अपलोड कैसे करें? के बारे में जानकारियां शेयर किया गया है | अगर आप wordpress dashboard में लोगिन कर प्लगइन upload नहीं कर पा रहें है तो इस तरीका को अपना सकते है |

डीटीडीसी कूरियर ट्रैकिंग मोबाइल या लैपटॉप से कैसे करें?

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DTDC

DTDC Courier Tracking kaise kare In Hindi: – क्या आपको पता है डीटीडीसी कूरियर ट्रैकिंग मोबाइल या लैपटॉप से कैसे करें? डी.टी.डी.सी शिपमेंट हिस्ट्री जानने के लिए वेबसाइटहिंदी.कॉम का पूरा पोस्ट पढ़ें |

इन्टरनेट बाजार में बहुत सारे कूरियर सर्विस है जिसके माध्यम से आप ऑनलाइन shopping कर प्रोडक्ट होम डिलीवरी करा सकते है | इन्ही में से डीटीडीसी कूरियर सर्विस है जो अपने ग्राहक को टॉप लेवल की सर्विस प्रदान करता है | इसके पहले लोग भारतीय डाक से अपना सामान भेजते तथा रिसीव करते थे लेकिन उसमें 10 से 15 दिन टाइम लग जाता था | लेकिन प्राइवेट सर्विस आने से लोगो का order सेम डे में पहुँच जाता है | आइये जानते है DTDC Courier Tracking कैसे करें?

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DTDC

Kya hota hai DTDC Courier Tracking – क्या होता है डीटीडीसी कूरियर

डीटीडीसी एक इंडियन कूरियर डिलीवरी कंपनी है | जिसका पूरा नाम Desk to Desk Courier & Cargo (D.T.D.C) है | डीटीडीसी का ऑफिस हर छोटे बड़े शहर में देखने को मिलता है | अगर आपके शहर में इसकी ऑफिस नहीं है तो भी डिलीवरी बॉय आर्डर पहुँचाने की कोशिश जरुर करते है | (इसे भी पढ़ें Track courier से इंडिया में ट्रैकिंग कैसे करे all india tracking)

मोबाइल या लैपटॉप से DTDC Courier Tracking कैसे करें?

मोबाइल या लैपटॉप से डीटीडीसी कूरियर ट्रैकिंग करने के लिए आपके पास AWB/ Consignment Number या  Reference Number होना चाहिए तभी आप ऑनलाइन Shipment details ट्रैक कर सकते है | डिटेल्स में जानने के लिए स्टेप बाई स्टेप समझना होगा |

स्टेप 1

सबसे पहले dtdc.in वेबसाइट पर जाये और tracking के आप्शन पर क्लिक करें | डायरेक्ट शिपमेंट ट्रैक करने के लिए निचे दिए गए लिंक पर जाये |

Go to track siteClick here

 

स्टेप 2

अब आपके सामने एक छोटा सा फॉर्म खुलेगा | इसमें ट्रैकिंग नंबर डालकर ट्रैक करना है |

  1. AWB/ Consignment Number पर टिक रहने दें |
  2. Enter number बॉक्स में ट्रैकिंग नंबर दर्ज करें |
  3. Track के आप्शन पर क्लिक करें |

AWB-Consignment-Number

 

स्टेप 3

आपके अगले पेज पर shipment tracking history दिखाई देगा | यहाँ से पता कर सकते है की आपका कूरियर कहाँ तक पहुंचा है | (इसे भी पढ़ें PF स्टेटमेंट e-passbook (Epf Statement Download) कैसे करें?)

shipment-tracking-history

इस तरह से आप डीटीडीसी कूरियर कंपनी से आर्डर ट्रैक कर पायेंगे | अगर आपको कुछ गड़बड़ महसूस होती है तो आप अपने शौपिंग साईट के कस्टमर केयर से संपर्क करें |

D.T.D.C Contect Us मुख्य शहरों का कांटेक्ट नंबर

कांटेक्ट रुल कंपनी के तरफ से: हम एक सहज शिपिंग अनुभव सुनिश्चित करने के लिए सर्वश्रेष्ठ-इन-क्लास ग्राहक सेवाएं और समर्थन प्रदान करने का प्रयास करते हैं। ट्रैकिंग या वितरण के साथ किसी भी समस्या के मामले में आप हमें एक प्रश्न पर उठा सकते हैं या हमसे संपर्क कर सकते हैं |

हमारी ग्राहक सेवा अंग्रेजी, हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है, ग्राहक सेवा व्यवसाय के घंटे 09.30 AM IST – 06.00 PM IST, सोमवार – शनिवार हैं |

LocationContact Number
Delhi7305770577
Ghaziabad7305770577
Hyderabad7305770577
Ahmedabad7305770577
Bangalore7305770577
Chandigarh7305770577
Jaipur7305770577
Kolkata7305770577
Mumbai7305770577
Pune7305770577
Chennai7305770577

 

Conclusion

इस लेखे में डीटीडीसी कूरियर ट्रैक कैसे करें इन हिंदी (DTDC Courier Tracking kaise kare In Hindi) के बारे में बताया गया है | हमे तो इस साईट की सर्विस पसंद आया | आपको कहाँ परेशानी होती है कमेंट बॉक्स में टाइप कर सकते है |

B. Ve. Phos Children Homeopathic Health Tonic क्या है? उपयोग करने का तरीका !

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B Ve Phos Hapdco क्या है? क्या यह छोटे बच्चो के लिए लाभदायक है? B. Ve. Phos Children Homeopathic Health Tonic देने के फायदे जानने के लिए वेबसाइटहिंदी.कॉम के पोस्ट पढ़ें |

अक्सर आपने सुना होगा छोटे बच्चो को B Ve Phos Hapdco होम्योपैथिक दवाई हर घर में दिया जाता है | क्या यह दवा बेहतर कार्य करता है जानने के लिए इस पोस्ट को जरुर पढ़ें |

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बी.वी फास (B Ve Phos) क्या है?

छोटे बच्चो में ताकत में वृद्धि करने के लिए बी.वी फास होम्योपैथिक टॉनिक है | यह टॉनिक ‘हैप्डको’ (Hapdco) द्वारा निर्माण किया जाता है | इस टॉनिक को बच्चो के लिए बेहतर माना जाता है | इसे हिंदी में बी.वी फास चाइल्ड Tonic कह सकते है | (इसे भी पढ़ें एनाफोर्टन टेबलेट का यूज – Anafortan Tablet Uses In Hindi)

मुख्य सामग्री (Key Ingredients) – B.Ve Phos Composition

कैमोमिला (Chamomila)0.35 Ml
कैल्केरिया कार्बनिका (Calcarea Carbonica)15.0 Ml
पोडोफाइलम (Podophyllum)0.25 Ml
सिनकोना (Chinchona)0.25 Ml
कैल्केरिया फास्फोरिका (Calcarea Phosphorica)30.0 Ml

 

B Ve Phos का उपयोग करने की वजह

B.Ve Phos Syrup का उपयोग मुख्य रूप से बच्चो में किया जाता है | अगर आपके घर में बच्चे है तो इस टॉनिक का उपयोग आसानी से कर सकते है | बी.वी फास होम्योपैथिक टॉनिक का उपयोग निम्नलिखित है | (इसे भी पढ़ें डिप्थीरिया के घरेलू उपाय और लक्षण)

(1.) छोटे बच्चो में दस्त की समस्या

जैसा की आप जानते है छोटे बच्चे को दांत निकलने लगता है उस स्थिति में दस्त की समस्या बढ़ जाती है | जब बच्चे को दस्त बंद न हो तो B.Ve Phos टॉनिक का इस्तेमाल किया जाता है | दस्त की समस्या होने के अनेक कारण है जिसके वजह से बच्चे बार-बार रोते रहते है |

(2.) बच्चे को स्वास्थ्य रखना

किसी वजह से बच्चे कमजोर होने लगते है जैसे दस्त होना , तो इस स्थिति में बच्चे को बी.वी फास दवाई देना अनिवार्य माना जाता है | इससे उनकी हेल्थ फिर से ठीक होने लगती है | (इसे भी पढ़ें फॉल्स प्रेगनेंसी क्या है? False Pregnancy In Hindi)

(3.) कैल्शियम / विटामिन

अक्सर देखा गया है बच्चो में कैल्शियम और विटामिन की कमी होती है | इस कमी को अधिकतर तब देखा गया है जब माँ अपने बच्चे को दूध नहीं पिलाती है | स्वाभाविक रूप से कुछ बच्चे में जन्म से ही कमजोरी होती है | इस स्थिति में B Ve Phos टॉनिक देना गलत नहीं होगा |

(4.) उल्टी होना

उल्टी होने की समस्या बच्चो में अधिकतर देखने को मिलता है | जब बच्चे माँ का दूध पीते है उसके तुरंत बाद उल्टी कर देते है | कुछ बच्चे को तो माँ के अलांवा गाय, भैस का दूध बचता नहीं है | इस समस्या को ठीक करने के लिए बी.वी फास दे सकते है |

B Ve Phos (Hapdco) होम्योपैथिक दवाई की खुराक

इस दवा की खुराक बच्चे की उम्र और वजन के हिसाब से दिया जाता है | दवा देते समय यह भी देखा जाता है की बच्चे की स्थिति क्या है? अगर पहले से कोई अन्य बीमारी या नाजुक स्थिति है तो दवा की खुराक कम या ज्यादा हो सकता है | बेहतर होगा की आप नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें | (इसे भी पढ़ें आंखों में जलन (Aankhon Mein Jalan) का ईलाज, कारण और लक्षण !)

बी.वी फास स्वाद में थोडा कड़वा होता है जिसको बच्चा पिने से डर सकता है | सबसे पहले एक चम्मच दवा निकाल कर एक चम्मच पानी में मिलाये | अब इन दोनों के मिश्रण को दे सकते है | ध्यान रहें आयु और वजन के अनुसार दवा कम या ज्यादा हो सकता है |

बी.वी फास दवा से सावधानियां

इस दवा में कोई दुष्प्रभाव नहीं देखा गया है फिर भी सावधान रहना जरुरी है क्यूंकि कभी-कभी दस्त होने की संभावना बढ़ जाती है |

दवा की कीमत

बी.वी फास दवा छोटे और बड़े फाइल में सभी मेडिकल स्टोर में मौजूद होते है | इन दवाइयाँ का दाम  समय अनुसार घट या बढ़ सकती है | (इसे भी पढ़ें दांतों को मजबूत बनाने के सरल उपाय – Simple ways to strengthen teeth)

60Ml – 65 रुपये |

200Ml – 157 रुपये |

450Ml – 252 रुपये |

 

Conclusion

इस पोस्ट में B Ve Phos क्या है? तथा बच्चो में उपयोग कब और कैसे किया जाता है के बारे में बताया गया है | बी.वी फास होम्योपैथिक दवाई के बारे में जानना चाहते है तो इस पोस्ट को जरुर पढ़ें |

26 January Speech In Hindi – 26 जनवरी भाषण हिंदी में !

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26 January Speech

26 जनवरी स्पीच इन हिंदी (26 January Speech In Hindi) : जैसा की हम जानते है भारतीय संविधान दुनियां का सबसे अधिक बड़ा लिखित संविधान है | आज के दिन हर क्षेत्र में बच्चे Essay, Slogan, Quotes, Nibandh, Bhashan की तैयारियां करते है |

आज ही के दिन सभी भारतियों के लिए 26 जनवरी स्पीच (26 January Speech In Hindi 2021) बहुत महतवपूर्ण माना जाता है | सभी चाहते है अपने Collage, स्कूल, ऑफिस में तिरंगा (झंडा) के सामने शोर्ट शब्दों में भाषण दे सके |

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26 January Speech

पहला भाषण: 26 January Speech In Hindi 2021

मै (छात्र/छात्रा/शिक्षक का नाम) सभा में उपस्थित शिक्षक, शिक्षकों व महान अनुभवी लोगो को प्रणाम और आदर करता हूँ | यहाँ पर उपस्थित सभी छोटे बच्चो को आशीर्वाद प्रदान करता हूँ | जैसा की हम जानते है 26 जनवरी को प्रत्येक वर्ष भारत गणतंत्र दिवस मनाता है | इस दिन तीनो भारतीय सेनाओं (स्थल, जल, आकाश) द्वारा राष्ट्रपति को सलामी दी जाती है | भारतीय सेना के जवान मिलकर भव्य परेड का प्रदर्शन करते है | जिसके लिए विजय चौक से इंडिया गेट तक भीड़ लगी होती है | आज के दिन भारतीय सेना आधुनिक हथियारों का प्रदर्शन करती है | जो हमारे राष्ट्रिय शक्ति का प्रतिक माना जाता है |

दूसरा भाषण: 26 जनवरी गणतंत्र दिवस स्पीच इन हिंदी 2021

26 जनवरी को हर साल गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है क्यूंकि 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागु हुआ था | इन दिनों भारत के हर राज्यों में गणतंत्र दिवस बहुत धूमधाम से मनाया जाता है | गाँव से शहर तक देश भक्ति भाषण और गीतों की गूंज सुनाई देती है | स्कूलो में बच्चे तिरंगे के साथ खुशियां मनाते दिखाई देते है |  आनेवाली पीढ़ी को हमे ये बताना चाहिए की हमारे भारत का इतिहास कितना गौरवशाली है | जिसके पहले कितना जवान शहीद हो चुके है | देश के सपूतो को देखकर हमे प्रेरणा मिलती है | जिसके बाद कुछ करने का हिम्मत बना सकते है |

 

तीसरा भाषण: Republic day Speech On 26 January In Hindi

नमस्ते, आज के दिन 26 जनवरी को 72वें गणतंत्र दिवस मानाने के लिए हम सभी एकत्रित हुए है | आज के दिन हम सभी भारतीय लोगो के लिए शुभ दिन माना जाता है | क्यूंकि भारत को गणराज्य इसी दिन 1950 को घोषित किया गया था | आज के दिन हम सभी में एक अलग सा उत्साह देखने को मिलता है | हम आनेवाली पीढ़ियों को गणतंत्र दिवस के बारे में बता सकते है |

 

Conclusion

इस पोस्ट में 26 जनवरी स्पीच इन हिंदी (26 January Speech In Hindi) के बारे में बताया गया है | अगर आप स्कूल, कॉलेज में भाषण देने से संबंधित पोस्ट ढूंढ रहें है तो वेबसाइटहिंदी के पोस्ट को जरुर पढ़िए |

(इसे भी पढ़ें बड़ा धाम लगे ये पावन शेरावाली के | Lyrics अभिषेक कुमार | भक्ति गीत 2020)

एनाफोर्टन टेबलेट का यूज – Anafortan Tablet Uses In Hindi

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Anafortan Tablet Uses In Hindi

एनाफोर्टन क्या है? (Anafortan Tablet Uses In Hindi) : वेबसाइटहिंदी के पोस्ट में एनाफोर्टन टेबलेट लेने के कारण, उपयोग करते समय रखनेवाली सावधानियां के बारे में जानिए |

आये दिन देखा गया है लोगो को एनाफोर्टन टेबलेट की जरुरत होती है | उन्हें पता भी नहीं  होता है की इस दवा (Medicine) का मतलब क्या है | डॉक्टर द्वारा दवा लिखने के बाद आप जान सकते है की Anafortan Tablet क्या है और इसे यूज कैसे करते है |

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Anafortan Tablet Uses In Hindi

एनाफोर्टन टेबलेट का यूज – Anafortan Tablet Uses In Hindi

एनाफोर्टन टेबलेट का इस्तेमाल मुख्य रूप से पेट में दर्द होने पर दिया जाता है | जब पेट में ऐंठन होती है तो इस टेबलेट को इस्तेमाल करना चाहिए | लेकिन कुछ स्थितियों तथा लक्षण देखकर Anafortan Tablet को दिया जा सकता है | जैसे – सिर दर्द, मासिक दर्द. ऐंठन संबंधी पेट में दर्द, सूजन, सर्दी और दन्त दर्द में भी इस टेबलेट्स का इस्तेमाल किया जा सकता है | (इसे भी पढ़ें Fastag क्या होता है? फास्टैग रिचार्ज करने का तरीका)

ऐनैफोर्टैन टैबलेट के नार्मल साइड इफ़ेक्ट – Anafortan Tablet ‘S Side Effects

स्थिति और समस्या के अनुसार एनाफोर्टन टेबलेट्स का साइड इफ़ेक्ट देखने को मिलता है |

  • अधिक प्यास लगना |
  • सुखी त्वचा
  • धुंधला दिखाई देना
  • उल्टी
  • कब्ज
  • बीमार महसूस करना |
  • साँस लेने में दिक्कत होना
  • ह्रदय गति बढ़ना
  • खुजली होना
  • लाल चकते
  • जलन होना
  • भूख कम लगना
  • तेज दिल धड़कना
  • पेशाब करने में दिक्कत होना |
  • मतली
  • लिवर को क्षति पहुंचना
  • सूजन होना

 

Anafortan Tablet का यूज कैसे करें?

25 एमजी/300 एमजी का टैबलेट स्थिति और लक्षण के अनुसार भोजन करने के बाद या बिना भोजन किये एनाफोर्टन टेबलेट्स का इस्तेमाल किया जा सकता है | अगर आपको नॉलेज नहीं है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क कर सकते है | (इसे भी पढ़ें मैडिटेशन कैसे करें? Meditation करने के फायदे |)

 

एनाफोर्टन दवाई (टेबलेट्स) लेने पर सावधानियां – Precautions While Taking Anafortan Medicine

कभी भी एनाफोर्तन टेबलेट लेने से पहले यह सुनिश्चित करे की इसके पहले आपने कौन-कौन सी दवा का सेवन की है | वर्तमान में होनेवाली समस्या के बारे में भी जानकारी आप अपने डॉक्टर को दे सकती है | आइये जानते है किन स्थितियों में इस दवाई को देने से पहले सावधान रहना चाहिए | (इसे भी पढ़ें फ्रिज में अंडे रखने के फायदे जानिए कितने दिनों तक फ्रिज में अंडा रख सकते है?)

  • शराब पीते समय या पिने के बाद किसी भी स्थिति में एनाफोर्टन लेने से बचना चाहिए |
  • गर्भवती महिला को इस दवाई देने से बचना चाहिए |
  • बुजुर्ग व्यक्ति
  • स्तन पान कराने वाली महिला को एनाफोर्टन देने से सावधान रहना चाहिए |
  • यांत्रिक रुकावट
  • कोण-बंद मोतियाबिंद

Conclusion

इस पोस्ट में एनाफोर्टन क्या है? (Anafortan Tablet Uses In Hindi) के बारे में बताया गया है | पोस्ट में यह भी बताया गया है की दवा का यूज कैसे करें? अगर आपको एनाफोर्टन टेबलेट के बारे में पूर्ण जानकारी नहीं है तो डॉक्टर से सलाह जरुर लेना चाहिए |

Youtube Channel डिलीट होने के बाद वापस कैसे लाए ?

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Youtube Channel Recover कैसे करे? इसकी जरुरत तब पड़ती है जब आपके द्वारा आपका यूटूब चैनल डिलीट हो गया हो | इस पोस्ट में बताऊंगा वर्षो पहले Delete हुए Youtube चैनल वापस कैसे लाए |

आज के समय में Youtube पर Creator की संख्या बढ़ते जा रही है | इसी में किसी वजह से चैनल डिलीट हो जाता है तो आसानी से चैनल वापस ला सकते है | Youtube Channel Recover करने के लिए पूरा पोस्ट पढ़ें |

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यूटूब चैनल रिकवर कैसे करे? – How To Recover Youtube Channel?

स्टेप 1

सबसे पहले Gmail.Com को लैपटॉप में Open करें | अगर आप मोबाइल के ब्राउज़र में खोल रहें है तो Desktop वर्शन में ब्राउज़र चेंज करें |

जीमेल Id खोलने के बाद दाहिने साइड में Profile के आइकॉन पर क्लिक करें | (इसे भी पढ़ें Diksha App Selt Registration In Hindi / दीक्षा एप पर टीचर रजिस्टर कैसे करे 2021 में)

  1. Profile के आइकॉन पर क्लिक करें |
  2. Manage Your Google Account के आप्शन पर क्लिक करें |

Manage-Your-Google-Account
Manage Your Google Account

स्टेप 2

अगले पेज पर Data & Personalisation पर क्लिक करें | (इसे भी पढ़ें 10 Voice Recorder Apps आवाज रिकॉर्ड करने के दस एंड्राइड एप्लीकेशन)

Data-Personalisation

स्टेप 3

इसके बाद Go To Google Dashboard के आप्शन पर क्लिक करें |

Go-To-Google-Dashboard

स्टेप 4

अब आपको Your Google Service के अन्दर Brand Accounts खोजना है | (इसे भी पढ़ें बेस्ट हॉलीवुड मूवी डाउनलोड कहाँ से करें? Hollywood Movie Download)

  1. Brand Accounts पर क्लिक करें |
  2. Go To Brand Accounts पर क्लिक करें |

delete-brand-account-recover

स्टेप 5

अगले पेज पर View Delete Brand Account के आप्शन पर क्लिक करना है | (इसे भी पढ़ें फ्रिज में अंडे रखने के फायदे जानिए कितने दिनों तक फ्रिज में अंडा रख सकते है?)

View-Delete-Brand-Account

स्टेप 6

इस पेज पर डिलीट हुए सभी ब्रांड अकाउंट दिखाई देगा | जिस Youtube चैनल को Recover करना है उसके सामने Restore This Brand Account पर क्लिक करें |

Restore-This-Brand-Account

ओसके बाद देखेंगे की आपका चैनल आपके Youtube लिस्ट में आ गया है | इस तरह से किसी भी Youtube चैनल को डिलीट होने के बाद वापस ला सकते है |

यूटूब चैनल रिकवर (Youtube Channel Recover) करने से पहले जानने योग्य बातें!

Youtube Channel Recover होने से पहले Chrome ब्राउज़र में जीमेल आयडी Open करें | अगर आप जीमेल Id से शुरू करेंगे तो आपका सभी डेटा दिखाई देने लगता है |

जिस ब्राउज़र का इस्तेमाल कर रहें है उस ब्राउज़र को डेस्कटॉप मोड में Set कर लेना है | ताकि आपको सभी आप्शन साफ-साफ दिखाई दें |

जब आप Google डैशबोर्ड में जायेंगे तो कुछ आप्शन जहां-तहां दिखाई देगा | विवेक का इस्तेमाल कर सही आप्शन को खोजें |

Conclusion

इस पोस्ट में Youtube Channel Recover कैसे करे? के बारे में जानकारियां शेयर किया गया है | अगर आप किसी भी ब्रांड अकाउंट को डिलीट होने के बाद वापस लेना चाहते है तो इस तरीका को अपना सकते है | इससे आपका आपका वर्षो पहले डिलीट चैनल रिकवर हो सकता है |

फीडबर्नर ईमेल सदस्यता (Feedburner Email Subscription) बॉक्स ब्लॉग और वेबसाइट में कैसे लगाये?

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Feedburner Email Subscription

क्या आप जानते है Feedburner Email Subscription बॉक्स ब्लॉग और वेबसाइट में कैसे लगाये? यह सवाल उन लोगो के लिए अनिवार्य हो जाता है जो लोग Blog/ Website बनाये है या बनाने के बारे में सोंच रहें है |

वेबसाइटहिंदी.कॉम के इस पोस्ट में बताया गया है की फीडबर्नर ईमेल सदस्यता (Feedburner Email Subscription) लेने के लिए अकाउंट Create कैसे करें | अगर आप ईमेल सब्सक्रिप्शन बॉक्स ब्लॉग में लगाना चाहते है तो इस पोस्ट को जरुर पढ़ें |

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Feedburner Email Subscription

फीडबर्नर क्या है? What IsFeedburner

गूगल के द्वारा बनाया गया फ्री सर्विस Feedburner है | Google सभी यूजर को अनलिमिटेड वेबसाइट Setup करने का मौका देता है | फीडबर्नर ईमेल सब्सक्रिप्शन बॉक्स को ब्लॉग में लगाया जाता है | जब कोई विजिटर Email Subscribe करता है तो वह आपके ब्लॉग का सदस्यता ले लेता है | (इसे भी पढ़ें फ्री होस्टिंग पर ब्लॉग या वेबसाइट बनाने का फायदा और नुकसान)

ब्लॉग/वेबसाइट पर नए आर्टिकल प्रकाशित होते ही विजिटर के ईमेल पर एक अधिसूचना मेल प्राप्त होती है | उस मेल को Open करने पर पोस्ट का लिंक या पूरा लेख दिखाई देता है |

Feedburner Email Subscription के लिए अकाउंट क्रिएट कैसे करें?

जैसा की आपको बताया गया है यह एक गूगल का सर्विस है | जिसको Login करने के लिए एक Gmail Id की जरुरत होती है | Google में Feedburner Search करके इस Tools को Open कर सकते है | डायरेक्ट इस लिंक पर जाने के लिए निचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें |

Feedburner ToolsClick Here

 

स्टेप 1

Feedburner में ईमेल से Login करने के बाद इस पेज पर ब्लॉग का एड्रेस Add करने का आप्शन दिखाई देगा | आगे बढ़ने के लिए पोस्ट में बताये गए तरीका को फॉलो कीजिए | (इसे भी पढ़ें ब्लॉग बनाने के बाद क्या – क्या करना चाहिए जानिए हिंदी में |)

  1. Burn A Feed Right This Instant बॉक्स में डोमेन नाम टाइप करें |
  2. I Am A Podcaster पर टिक करें |
  3. Next बटन पर क्लिक करें |

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Feed

स्टेप 2

अगले पेज पर पहले वाला आप्शन पर टिक कर Next बटन पर क्लिक करें |

Feedburnerapp

स्टेप 3

इस पेज पर ब्लॉग का यूआरएल Set करना है |

  1. Feed Title: यहाँ पर ब्लॉग का टाइटल टाइप कीजिये |
  2. Feed Address: इस बॉक्स में Feed Url रहेगा | यहाँ पर आप Change भी कर सकते है |
  3. Next बटन पर क्लिक करें |

Feed-Address
Feed Address

स्टेप 4

इस पेज पर फीड यूआरएल दिखाई देगा जहाँ से आप अपने का Status चेक कर सकते है |

आगे बढ़ने के लिए Next बटन पर क्लिक करें |

email-box

स्टेप 5

इस पेज पर भी Next बटन पर क्लिक करें |

email-smartcast-google
email-smartcast

स्टेप 6

यहाँ पर ट्रैफिक से संबंधित Settings करना है |

  1. Clickthroughs पर क्लिक करें |
  2. I Want More ! Have Feedburner Stats Also Track: पर टिक करें |
  3. Next बटन पर क्लिक करें |

Clickthroughs

फीडबर्नर ईमेल सदस्यता (Feedburner Email Subscription) के लिए अकाउंट क्रिएट हो गया है | अब आप फीडबर्नर का यूआरएल आसानी से किसी भी वेबसाइट या ब्लॉग में Add कर सकते है | (इसे भी पढ़ें रेडियो एनाउंसर की तरह आवाज भारी कैसे करें?)

ब्लॉगर ब्लॉग में ईमेल सब्सक्रिप्शन बॉक्स कैसे ऐड करें?

स्टेप 1

ब्लॉगर में फीड एड्रेस Add करने के लिए सबसे पहले Blogger.Com पर जाकर Login करें |

Login करने के बाद पोस्ट में बताये अनुसार Setting करें |

  1. Settings पर क्लिक करें |
  2. Allow Blog Feed: इस आप्शन पर क्लिक कर Short सेलेक्ट करें |
  3. Post Feed Redirect Url: पर क्लिक करें |

Post-Feed-Redirect-Url

स्टेप 2

उसी स्क्रीन पर एक Popup पेज Open होगा |

  1. Post Feed Redirect Url बॉक्स में फीडबर्नर यूआरएल टाइप करें |
  2. Save बटन पर क्लिक करें |

Allow-Blog-Feed

इस तरह से ब्लॉग में ईमेल Subscribe बटन Add कर सकते है |

WordPress वेबसाइट के साइडबार में फीडबर्नर बॉक्स ऐड कैसे करें?

स्टेप 1

सबसे पहले फीडबर्नर गूगल टूल्स पर जाये |

  1. Publicoze: आप्शन पर क्लिक करें |
  2. Email Subscriptions पर क्लिक करें |
  3. निचे बॉक्स में दिए गए कोड कॉपी करें |

EmailSubscriptions

स्टेप 2

अब वर्डप्रेस डैशबोर्ड में Login करें |

  1. Appearance पर क्लिक करें |
  2. Widgets पर क्लिक करें |

Widgets

स्टेप 3

यहाँ पर Text को सेलेक्ट करना है |

  1. Text: के उप्पर क्लिक करें |
  2. Main Sidebar पर क्लिक करें|
  3. Add Widget पर क्लिक करें |

Main-Sidebar-feeds

स्टेप 4

यहाँ पर एक बॉक्स Open होगा |

  1. Tile में Subscribe Here टाइप करें |
  2. बॉक्स में Html कोड Past करें |
  3. Save के बटन पर क्लिक करें |

SubscribeHere

अब आप देखेंगे की आपके WordPress ब्लॉग में फीडबर्नर ईमेल सब्सक्रिप्शन बॉक्स Add हो गया है |

Conclusion

इस बॉक्स में फीडबर्नर ईमेल सदस्यता (Feedburner Email Subscription) बॉक्स ऐड करने का तरीका बताया गया है | इस पोस्ट को पढ़कर ब्लॉगर ब्लॉग या वर्डप्रेस वेबसाइट में कहीं भी फीडबर्नर लगा सकते है |