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काली गाजर खाने के फायदे !

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काली गाजर

काली गाजर खाने के फायदे: क्या आप Kali Gajar का लाभ और हानि के बारे में जानना चाहते है | वेबसाइटहिंदी के इस पोस्ट में गालीगाजर खाने के फायदे और नुकसान के बारे में जानेंगे |

यह जानना बहुत जरुरी है की काली गाजर में पौष्टिकता के साथ शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट्स मौजूद  होती है | कालीगाजर की हलवा बहुत टेस्टी होती है | कालीगाजर देहात तथा छोटे शहरों में अधिक मिल जाने से इसे देसी गाजर भी कहते है |

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काली गाजर

काली गाजर में मौजूद पोषक तत्व – Nutrients present in black carrots

काली गाजर में महत्वपूर्ण पोषक तत्व मौजूद होती है जो निम्नलिखित है | (इसे भी पढ़ें डिलीवरी के बाद कब्ज क्यों होती है? कारण लक्षण और घरेलु नुस्खे)

गाजर में मैगजीन, विटामिन ए, विटामिन सी, पोटैसियम और फाइबर जैसे पोषक तत्व पाये जाते है |

शरीर की इम्युनिटी बढाने में काली गाजर बहुत महत्वपूर्ण है | इसकी सेवन करने से फेनालिक एसिड, आयरन, जिंक, कैरोटेनॉयड्स और कैल्शियम भरपूर मिलता है |

⇒कालीगाजर खाने के फायदे हिंदी में !

(1.) वजन घटाएं कालीगाजर से

कालीगाजर खाने से वजन में कमी आती है | जिन महिलाओं या पुरुषो को वजन कम करनी है वे हर रोज खाने में गाजर को शामिल करें | क्यूंकि इसमें कैलोरी कम और पौष्टिकता ज्यादा होती है | (इसे भी पढ़ें फोन टेप होने पर क्या करें?)

(2.) आंखों के लिए फायदेमंद

इसमें बीटा कैरोटीन, विटामिन ए और आयरन पाया जाता है | इसीलिए यह आंखों के लिए बहुत फायदे की चीज है | आंखों में रौशनी बढ़ाने व स्वास्थ्य रखने के लिए Kali Gajar का उपयोग करें |

 

(3.) खून की सफाई

अगर आप खून की सफाई के लिए अनेक दवाइयाँ लेते है तो याद रखिए ब्लड को साफ़ करने के लिए गाजर बहुते फायदे की चीज है | अगर आपके चेहरे पर अधिक पिम्पल होते है तो आप गाजर का सेवन कर सकते है |

(4.) मानसिक स्वास्थ्य को ठीक करना

कालीगाजर का सेवन करने से मानसिक स्वास्थ्य ठीक रहता है | अगर आप हर दिन काली गाजर खाते है तो मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होगा | इसीलिए हर दिन बच्चों को काली गाजर जरुर दें | (इसे भी पढ़ें जवान लड़कियों की डाइट कैसा होना चाहिए?)

(5.) हार्ट में खाए गाजर

हार्ट के बीमारी महसूस होने के पहले ऐसी चीजे खाने की सलाह दी जाती है जिससे की हार्ट में सुधार हो सके | उन्ही में से एक है कालीगाजर जिसकी सेवन से रोगी को फायदा मिलता है | अगर आप हर रोज गाजर का सेवन करते है तो आपकी हार्ट हेल्दी बनेगा |

(6.) कैंसर में फायदेमंद है कालीगाजर

जिन लोगो को कैंसर की समस्या होती है उन्हें काली गाजर खाने में देना चाहिए | अगर ऐसा करते है तो आपके बीमारी तेजी से नहीं बढ़ेगी | क्यूंकि काली गाजर में शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट्स गुण मौजूद होते है जिसको सेवन करने से लाभ मिलता है | (इसे भी पढ़ें फ्रिज में अंडे रखने के फायदे जानिए कितने दिनों तक फ्रिज में अंडा रख सकते है?)

Conclusion

वेबसाइटहिंदी के इस पोस्ट में काली गाजर खाने के फायदे के बारे में बतायी गई है | अगर आप स्वास्थ्य रखने में शरीर को मदद करना चाहते है तो कालीगाजर का सेवन जरुर करें |

Area Non Serviceable (DIR) क्या है?

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Area Non Serviceable (DIR) क्या है? अगर आपके ट्रेकिंग का स्टेटस एरिया नॉन सर्विसअबल है तो वेबसाइटहिंदी के पोस्ट में जानिए इन शब्दों का डिटेल्स |

ऐसी समस्या तब आती है जब आप किसी साईट से प्रोडक्ट Order करते है | प्रोडक्ट की स्थिति चेक करने पर आपका कूरियर Area Non Serviceable दिखाई देता है | क्या आपको पता है इस तरह की परेशानी कब आती है |

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Area Non Serviceable (DIR) क्या है?

जब आप किसी साईट से आर्डर करते है इसके बाद बाद आपका ट्रेकिंग Status एरिया नॉन सेर्विसाब्ले Show होता है इसका मतलब यह है की आपके पिन कोड पर उस Courier कंपनी का सर्विस मौजूद नहीं है | सरल भाषा में जानिए की कूरियर कंपनी आपके एड्रेस पर प्रोडक्ट पहुँचाने में असमर्थ है | (इसे भी पढ़ें डीटीडीसी कूरियर ट्रैकिंग मोबाइल या लैपटॉप से कैसे करें?)

एरिया नॉन सेर्विसाब्ले होने पर क्या करें?

अगर आपके Status में इस तरह का लाइन लिखी हुई है तो घबराये नहीं | सबसे पहले आपको अपने शौपिंग साईट के कस्टमर केयर में बात करना चाहिए | अगर केयर में बात करने से काम न बने तो दूसरा तरीका अपनाये |

Area-Non-Serviceable
Area Non Serviceable

आपको यह पता करना है की जिस कूरियर सर्विस से आपका प्रोडक्ट डेलिवेरी हुई है उस कंपनी का सर्विस आपके एड्रेस से नजदीक कहाँ पर है | अगर आपको प्रोडक्ट रिसीव करना जरुरी है तो नजदीकी कूरियर ऑफिस से रिसीव कर सकते है | (इसे भी पढ़ें An error occurred while attempting to create a YouTube account. Please try again later समस्या इन हिंदी)

मेरी कहानी

मुझे एक Dslr Camera की जरुरत थी जिसकी शौपिंग Future Forward (Rgb Films Private Limited) के ऑफिसियल वेबसाइट futureforward.in से की | दिल्ली से Canon 90D बुकिंग होने के बाद पैकिंग हमारे राज्य से जिला में पहुंच  गया | जो की उन्होंने हमारा प्रोडक्ट Dtdc Courier सर्विस से Send किया लेकिन Dtdc का सर्विस हमारे एड्रेस पर मौजूद नहीं था |

मुझे Traiking Number से स्थिति चेक करने पर Area Non Serviceable (DIR) लिखी हुई दिखाई दी | इसके बाद मुझे Google से नजदीकी Dtdc ऑफिस का कांटेक्ट नंबर मिला | कॉल करने पर उन्होंने बताया की हमारा सर्विस आपके पिन कोड पर Available नहीं है | (इसे भी पढ़ें डिलीवरी के बाद कब्ज क्यों होती है? कारण लक्षण और घरेलु नुस्खे)

दुसरे दिन मेरे पास Dtdc से कॉल आता है और उन्होंने कहा की आपका एक पार्सल आया है | आप हमारे ऑफिस से रिसीव कीजिये वर्ना हम पार्सल Return कर देंगे |

जैसा की आप जानते है हमने लाखो रुपये लगाकर Camera Order किया था | कहीं हमारा पैसा बर्बाद न हो जाये मुझे एड्रेस से 45 किलोमीटर दूर Dtdc जाकर कूरियर रिसीव करना पड़ा |

Conclusion

वेबसाइटहिंदी के इस पोस्ट में Area Non Serviceable (DIR) क्या है? और इस समस्या को दूर करने का तरीका बताया गया है | अगर आपका महंगा प्रोडक्ट है तो आप Courier ऑफिस जाये या कंपनी से बात करें |

वायु प्रदूषण के निवारण के उपाय

वायु-प्रदूषण
Air Pollution

वायु प्रदूषण के निवारण के उपाय जानने के लिए वेबसाइटहिंदी.कॉम का पूरा पोस्ट पढ़िए क्यूंकि इस लेख में वायु में प्रदूषण से बचने के उपाय बतायी गयी हैं |

आज के बढती जनसंख्या को देखते हुए वायु प्रदूषण का प्रकोप बढ़ते जा रहा है | लोग अपने आवश्यकता को देखते हुए गलत कार्यों पर अधिक ध्यान दे रहें है | जहाँ देखो वहां के जंगल काटकर मकान, दूकान, मॉल, फैक्टरी, रोड का निर्माण हो रही है | फैक्टरी और गाडियां से निकालने वाली धुएं  हवा के साथ फेंफडे में जाती है जिसके वजह से विभिन्न प्रकार की समस्या होती है |

वायु-प्रदूषण
Air Pollution

वायु प्रदुषण के कारण – Due To Air Pollution

आज के समय में वायु प्रदूषित होने के निम्नलिखित कारण है | (इसे भी पढ़ें डीटीडीसी कूरियर ट्रैकिंग मोबाइल या लैपटॉप से कैसे करें?)

(1.) छोटे-बड़े फैक्टरी और कारखानों के चिमनियों से धुएं निकलते है जिसके वजह से वायु अधिक प्रदूषित होती है

(2.) सबसे ज्यादा प्रदुषण उद्योग, पॉवर प्लांट के धुएं से फैलता है | ये धुएं हवा से मिलकर हवा को प्रदूषित कर देते है | जब हम प्रदूषित हवा सांसो से अंदर लेते है तब हमे विभिन्न प्रकार के विमारियां होती है |

Air-Pollution

(3.) घरो और ऑफिस में लगे एयर कंडिशनर (Ac) से निकालने वाला क्लोरोफ्लोरो कार्बन हमारे ओजोन परत और वातावरण को प्रदूषित करते है |

(4.) आज के समय में सार्वजनिक वाहनों के अलांवा निजी वाहन की संख्या बढ़ रही है | थोड़ी सी दूर जाने के लिए लोग वाहन का इस्तेमाल करते है | ये वाहन हमारे वातावरण को खराब करती है |

(5.) शादी-विवाह या त्योहारों में पटाखे जलने से वातावरण प्रदूषित होती है |

जानिए वातावरण में प्रदुषण फैलने का प्रभाव

(1.) वायु प्रदुषण के कारण ओजोन परत पर बहुत बड़ा प्रभव पड़ता है | ओजोन परत घटने की वजह से तापमान में अधिक वृद्धि होती है |

(2.) वायु में अधिक धूलकण और वायु प्रदुषण (Pollution) होने की वजह से पृथ्वी पर तापमान बढ़ रही है | इन तापमान के कारकान सर्दियाँ घटने लगी गई |

(3.) वातावरण में प्रदुषण होने की वजह से मानव शरीर और जीव जंतुओं पर बहुत बड़ा प्रभाव है | लोगो की स्वास्थ्य बिगड़ने लगा है | खुली हवा में साँस लेने से आंखों में जलन, फेफड़े से संबंधी बीमारी, साइन में जकडन, सांस लेने में समस्या होती है | (इसे भी पढ़े फीडबर्नर ईमेल सदस्यता (Feedburner Email Subscription) बॉक्स ब्लॉग और वेबसाइट में कैसे लगाये?)

प्रदुषण रहित हवा से बचने के तरीके हिंदी में !

(1.) बाहर जाते समय फुल कपडा पहने तथा चेहरे पर मास्क अवश्य लगाये |

(2.) घर के आसपास पेड़-पौधे लगाये | जहां पर खाली जगह देखे पेड़ लगाने की कोशिश करें | हो सके तो हरा पेड़ कटने पर रोक लगाये |

(3.) हवा को फ़िल्टर करनेवाले पौधे घर में लगाये |

(4.) निजी वाहन का उपयोग कम करें | ज्यादा जरुरी होने पर ही खुद का वाहन इस्तेमाल करें |

(5.) दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए विजली की आवश्यकता होती है जिसके लिए जीवाश्म इंधन का इस्तेमाल किया जाता है | प्रदुषण से बचने कल इए सोलर पॉवर का यूज करें |

वायु प्रदुषण से बचने के लिए घरेलु उपाय – Air Pollution Prevention Measures

(1.) अदरक की चाय: वायु प्रदुषण से बचने के लिए अदरक फायदे की चीज है | हो सके तो चाय में अदरक डालकर सेवन करें |

(2.) विटामिन-सी की पूर्ति करें: विटामिन वायु प्रदुषण बचाने में बहुत सहायक है | इसके लिए निम्बू, संतरा, मौसमी का सेवन कर सकते है |

(3.) गुड का सेवन: गुड को खाने से स्वास्थ्य संबंधित लाभ मिलता है | फेफड़े में डस्ट जाने से गुड रोकता है | गुड में आयरन भरपूर होता है जिसको खाने से फायदा मिलता है |

(4.) वायु प्रदुषण में लहसुन खाने के फायदे:- प्रदुषण कम करने के लिए एलीसिन नमक तत्व फायदे मंद होता है | लहसुन में यह तत्व मौजूद होता है | अगर आप लहसुन खाते है तो इम्युनिटी क्षमता बढेंगी और प्रदुषण कम होगा | (इसे भी पढ़ें व्हाट्सएप का अविष्कार किसने किया?)

Conclusion

वेबसाइटहिंदी के इस पोस्ट में वायु प्रदूषण के निवारण के उपाय (Vayu Pradushan Ke Upay) के बारे मे बताया गया है | अगर आप इस पोस्ट में बताये गए वाक्यों को पढ़ लेते है तो लाभ जरुर मिलेगा |

जानिए जिओ का मालिक कौन है?

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जिओ सिम का मालिक कौन है? इससे संबंधित अन्य जानकारियां जानने के लिए वेबसाइटहिंदी.कॉम का पूरा पोस्ट पढ़िए क्यूंकि हम इस पोस्ट में Jio का मालिक के बारे में बताएँगे |

आज के तिथि में Jio तेजी से बढ़ता हुआ टेलिकॉम कंपनी है | बाजार में जिओ के आने के बाद एक-दो को छिड़कर अन्य टेलिकॉम कंपनियां बंद हो गयी क्यूंकि Jio अपने यूजर को सस्ते में 4G Sim के साथ अनलिमिटेड डेटा प्रदान करने लगा |

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इतनी बड़ी कंपनी होने के बाद हर किसी को पता होना चाहिए की जिओ सिम का मालिक कौन है? क्यूंकि यह सवाल से रिलेटेड प्रश्न की जरुरत जनरल नॉलेज में कभी भी पूछ सकता है |

क्या है जिओ

भारत को डिजिटल क्षेत्रो में आगे की ओर ले जाने वाली Jio एक टेलिकॉम सर्विस प्रोवाइडर कंपनी है | जिसकी शुरुआत 2016 में की गयी | जिओ सिम आने से इन्टरनेट और Calling सस्ता हुआ जिसके वजह से हर क्षेत्रो में लोग तेजी से जुड़ने लगे | (इसे भी पढ़ें Jiomart Official App क्या है ? जिओमार्ट किराने समान के लिए किस प्रकार उपयोगी है |)

इसके पहले इन्टरनेट इतना महंगा था जिसका यूज आम लोग नहीं करते थे | 1Gb डेटा के लिए 100 रुपये से ज्यादा शुल्क भुगतान करना पड़ता था | इसी बिच 4G स्पीड में Jio को आने से अन्य कंपनियां की कमर टूट गयी | कुछ कंपनियां का तो नामो निशान समाप्त हो गया |

इसके बाद एयरटेल अपना पांव ज़माने के लिए डेटा और Calling पैक का ऑफर दिया | आज भी Airtel और Jio एक दुसरे को टक्कर दे रही है | आइये Next पैराग्राफ में जिओ कंपनी के मालिक के बारे में जानते है |

जिओ सिम का मालिक कौन है?

 

मुकेश अंबानी जी जिओ कंपनी के मालिक है | ये ऐसे रईस व्यक्ति है जिनकी वजह से आम व्यक्ति इन्टरनेट का उपयोग करने लगा | (इसे भी पढ़ें Reliance jio कंपनी का नवीनतम प्रोडक्ट JioGlass किस प्रकार उपयोगी है !)

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मुकेश अंबानी भारत के सबसे अमीर व्यक्ति है जिनकी स्थान दुनिया में 19वें (2019 में) नंबर पर है | परन्तु 2021 के अनुसार उनकी सम्पति लगभग Net Worth Of $81.6 Billion है |

जिओ की शुरुआत कब और कैसे हुई ?

2016 में मुकेश अंबानी द्वारा Jio कंपनी की शुरुआत हुई | शुरू में Jio अपने यूजर को फ्री सिम अनलिमिटेड डेटा के साथ दे रही थी | जिसके वजह से जिओ का बाजार अन्य टेलिकॉम कंपनियां से आगे हो गया |

जिओ का बाजार बढ़ने का कारण यह भी था की पुरे भारत में जिओ एक मात्र टेलिकॉम कंपनी था जिसने लोगो को फ्री में 4G नेटवर्क Provide की | (इसे भी पढ़ें एनाफोर्टन टेबलेट का यूज – Anafortan Tablet Uses In Hindi)

जानिए जिओ कहाँ की कंपनी है !

ये सवाल हर किसी को पता है परन्तु जिन लोगो को पता नहीं है उनको बता देना चाहता हूँ Jio के मालिक मुकेश अंबानी भारतीय है और जिओ कंपनी भी पूर्ण रूप से भारतीय है |

Conclusion

 

वेबसाइटहिंदी डॉट कॉम के इस पोस्ट में जिओ सिम का मालिक कौन है? (Jio Sim Ka Malik Kaun Hai) के बारे में बताया गया है और यह भी बताया गया है की Jio टेलिकॉम प्रोवाइडर कंपनी की शुरुआत कब हुई | इससे संबंधित अन्य जानकारियां के लिए वेबसाइट हिंदी का अन्य पोस्ट पढ़ें |

व्हाट्सएप का अविष्कार किसने किया?

व्हाट्सएप-का-अविष्कार

व्हाट्सएप का अविष्कार किसने किया? जानने के लिए पूरी पोस्ट पढ़ें | क्यूंकि वेबसाइटहिंदी.कॉम के लेख में Whatsapp के अविष्कारक के बारे में डिटेल्स शेयर किया गया है |

आज के समय में व्हाट्स-एप तेजी से उभरता हुआ सबसे बड़ी सोशल Messaging प्लेटफार्म है | यहाँ से आप हर किसी से जुड़कर पूरा डाटा शेयर कर सकते है | जिस एप्लीकेशन हम बात कर रहें है वह दुनियां हर संबंधी को एक दुसरे से जुड़ने का काम किया है | क्या आपको पता है व्हाट्सएप का अविष्कार कब और किसने किया?

व्हाट्सएप-का-अविष्कार

व्हाट्सएप का अविष्कार किसने किया?

Whatsapp एक अमेरिका की Messaging App है | व्हाट्सएप का अविष्कार 2009 में Brian Acton और  Jan Koum द्वारा किया गया था | इसके पहले दोनों दोस्त Yahoo जैसी बड़ी कंपनी में 20 वर्षो से काम करते थे |

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Brian Acton Jan Koum

सबसे पहले Whatsapp Inc कंपनी बनाने के बाद कैलिफोर्निया में पहला वर्शन लांच हुआ | परन्तु यह Version उतना अच्छा नहीं था | इस तरह का एप कभी भी हैंग हो सकता था | इसके बाद दोनों दोस्त ने पांच दोस्तों को राजी किए पैसे लगाने के लिए और उनके फ्रेंड्स द्वारा $250000 का इन्वेस्ट हुआ | (इसे भी पढ़ें Imps Neft Rtgs क्या होता है? आईएमपीएस, एनईएफटी और आरटीजीएस में अंतर !)

इन्टरनेट की दुनियां में Whatsapp को आने से यूजर अधिक बढ़ने लगे | जिसके वजह से व्हाट्सएप को टेक्स्ट वेरिफिकेशन के लिए शुल्क देना होता था इसीलिए व्हात्सप्प को Paid कर दिया गया |

Whatsapp का अविष्कार और इतिहास

जैसा की हम जानते  है व्हाट्सएप को 2009 में दो दोस्त Brian Acton और  Jan Koum ने बनाया गया | जैसे – जैसे व्हाट्स-एप का अपडेट आया वैसे ही नए-नए सुविधाए ऐड किया गया | तभी से फेसबुक दुनिया का सबसे पॉपुलर Messaging Apps बन गया | (इसे भी पढ़ें 26 January Speech In Hindi – 26 जनवरी भाषण हिंदी में !)

 

पहली बार व्हात्सप्प को App Store में Iphone के लिए लांच किया गया | इसके अनोखा फीचर यूजर को पसंद आने के बाद 2010 में Ios एंड्राइड के लिए Launch किया गया | यह एक Messaging App बनकर तैयार हुआ | इसके बाद बाद 2014 में 19.3 बिलियन Us डॉलर देकर फेसबुक ने ख़रीदा |

व्हाट्सएप का अविष्कार कहाँ हुआ ?

व्हाट्सएप का अविष्कार जनवरी 2009 में कैलीफोर्निया (अमेरिका) में हुआ | जिसको दो दोस्त बरियन एक्शन तथा जान कौम द्वारा किया गया | (इसे भी पढ़ें डिप्थीरिया के घरेलू उपाय और लक्षण)

आज के समय में Whatsapp का मालिक कौन  है ?

आज के समय में Whatsapp का मालिक फेसबुक है | क्यूंकि फेसबुक द्वारा 2014 में 19.3 बिलियन डॉलर में ख़रीदा गया है |

Conclision

वेबसाइटहिंदी के इस पोस्ट में व्हाट्सएप का अविष्कार किसने किया? तथा इससे संबंधित अन्य जानकारियां भी शेयर किया गया है | व्हाट्सएप ऐसा एप है जिसको अनलिमिटेड फ्री में इस्तेमाल कर सकते है |

Imps Neft Rtgs क्या होता है? आईएमपीएस, एनईएफटी और आरटीजीएस में अंतर !

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Imps Neft Rtgs
Imps Neft Rtgs क्या होता है? क्या आपको पता है इन तीनो नामो के बिच कितना अंतर है | वेबसाइटहिंदी के इस पोस्ट में आईएमपीएस, नेफ्ट और आर.टी.जी.एस के बारे में डिटेल्स दिया गया है |
जिस प्रकार हमारा देश डिजिटल बन रहा है उसी प्रकार बैंकिंग क्षेत्रो में हर तरह से बदलाव देखने को मिल रही है | आज के 7-10 वर्ष पहले बैंक में लम्बी लाइन देखने को मिलता था | ताकि लोग एक जगह से दुसरे जगह पैसे लेन-देन कर सकें | परन्तु आज के समय में 24X7 घंटे पैसे भेज सकते है क्यूंकि बांको द्वारा अपने यूजर को बेहतर सुविधा मिल रही है | इसीलिए Imps Neft Rtgs के बारे में जानना अति आवश्यक है |
Imps-Neft-Rtgs
Imps Neft Rtgs

Imps Neft Rtgs अंतर क्या है?

बैंकिंग क्षेत्र में रुपये भेजने के लिए बहुत सारे मोड है जिसके माध्यम से पैसे लेन-देन कर सकते है | आईएमपीएस, एनईएफटी और आरटीजीएस ये तीन मुख्य मेथड है जिसके द्वारा घर बैठे अन्य खाते में पैसे भेज सकते है | (इसे भी पढ़ें पांच तरीका से बैंक अकाउंट नंबर पता कैसे करें ? जानिए सरल तरीका |)
सुविधाएं
Imps
Neft
Rtgs
जानिए न्यूनतम ट्रान्सफर वैल्यू
1 रुपये
1 रुपये
2 लाख
पेमेंट आप्शन ऑनलाइन / ऑफलाइन
ऑनलाइन
ऑनलाइन और ऑफलाइन
ऑनलाइन और ऑफलाइन
जानिए अधिकतम ट्रान्सफर वैल्यू
2 लाख
कोई लिमिट नहीं
कोई लिमिट नहीं
सेत्तेलेमेंट टाइप
रियल टाइम
आधा घंटा आधार
रियल टाइम
सर्विस देने की टाइम
24 X 7 घंटे
08 Am से 07 Pm कार्यरत दिनों में |
08 Am से 06 Pm कार्यरत दिनों में |
ट्रांजेक्सन शुल्क
ट्रान्सफर राशी के अनुसार
ट्रान्सफर राशी के अनुसार
2 लाख से 5 लाख रकम तक ट्रान्सफर पर 25 रुपये | तथा 4 लाख से अधिक पर 50 रुपये भुगतान करना होता है |

आईएमपीएस, एनईएफटी और आरटीजीएस के बारे में जानकारी

Imps क्या है?

Imps का हिंदी में पूरा नाम तत्काल भुगतान सेवा तथा अंग्रेजी में Imps Full Form (Immediate Payment Service) कहा जाता है | इस सर्विस को नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया (National Payments Corporation Of India (Npci) द्वारा मैनेज किया जाता है | इस सेवा से सालों भर 24X7 तक फण्ड ट्रान्सफर कर सकते है | (इसे भी पढ़ें Digital Ocean पर वर्डप्रेस इनस्टॉल करने के लिए Droplet create कैसे करे?)

Neft क्या है?

Neft का हिंदी में पूरा नाम नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर है Neft Full Form (National Electronic Fund Transfer) है | इस सर्विस के माध्यम से एक बैंक से दुसरे बैंक में पैसे ट्रान्सफर कर सकते है | लेकिन पैसे भेजने के बाद 30 मिनट Wait करना होता है |  यानि की पैसे भेजने के बाद आधा घंटे बाद पैसा Successfully ट्रान्सफर होगा |

Rtgs क्या है?

Rtgs का पूरा नाम रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट है जिसे अंग्रेजी में Rtgs Full Form (Real-Time Gross Settlement) होता है | इस सर्विस के माध्यम से तुरंत पैसे भेज सकते है | लेकिन इसे जयादा व्यापारी लोग इस्तेमाल करते है | क्यूंकि इस सर्विस से न्यूनतम 2 लाख रुपये भेजना होता है | (इसे भी पढ़ें बिजली नहीं रहने पर धुप से चार्ज होनेवाला सोलर पॉवर बैंक जानिए कैसा है !)

पैसे ट्रान्सफर करने की लिमिट क्या है?

अगर आपको पैसे ट्रान्सफर करना है तो सबसे पहले ये पता करें की आपको कितने रुपये ट्रान्सफर करना है | इसके बाद तीनो सर्विस में से किसी एक का चयन करें | अगर आपको छोटी छोटी रकम तुरंत भेजना है तो Imps के मदद ले सकते है क्यूंकि इसमें आप 1 लाख तक पैसे लेन-दें कर सकते है | बेहतर ढंग से जानने के लिए उपाय के Imps Neft Rtgs के बिच अंतर का Paragraph पढ़ें |

Conclusion

वेबसाइटहिंदी के पोस्ट में Imps Neft Rtgs क्या होता है? और तीनो सर्विस के बिच अंतर के बारे में बताया गया है | अगर आप पैसे ट्रान्सफर कर रहें है तो इन सभी के लिमिट और शुल्क के बारे में जरुर जनियिए |

दांतों में तार लगाने के फायदे व नुकसान !

दांतों-में-तार
teeth braces

दांतों में तार लगाने के फायदे व नुकसान (Advantages and disadvantages of applying wire to teeth) जानने के लिए पूरा पोस्ट पढ़ें | इस पोस्ट में टीथ ब्रेसेस के लगाने के बाद क्या होता है? इस लेख में जानिए |

हर इन्सान को दांत से प्यार होता है | शिशु को जब पहली बार दांत निकलता है तो सबसे पहले माँ-बाप बहुत खुश होतें है | दांत एक ऐसा भाग होती है जिसके द्वारा भोजन चबाकर खाने में मदद मिलता है | इसके अलांवा दन्त से चेहरे की खूबसूरती भी बढती है | लेकिन टेढ़े-मेढ़े दन्त होने पर डेंटिस्‍ट द्वारा दांतों में तार लगाने की बात कही जाती है |

दांतों-में-तार
teeth braces

क्या आपको पता है प्रकृति में जो उपयोगी चीज मिला है उसके साथ छेड़-छाड़ करने से फायदा होगा या नुकसान ! जैसा की आप जानते है दांतों में समस्या होने पर आसपास के अंगो को भी परेशानी हो सकती है |

दांतों में तार लगना क्या है?

दांतों में तार लगाने को अंग्रेजी में डेंटल ब्रेसेस कहा जाता है | इसकी मदद तब ली जाती है जब आपके दन्त एक दुसरे से दुरी पर है या आगे पीछे होतें है |

अगर आपके दांत खूबसूरती में बाधा बनती है तो आप  ब्रेसेस का सहारा ले सकते है | इससे खूबसूरती के साथ दन्त स्वास्थ्य भी हो जाते है पर इसके लिए ब्रेसेस को नियमित उपयोग करना होता  है | आज के आधुनिक समय में तार लगाना बहुत आसान हो गया है | (इसे भी पढ़ें फीडबर्नर ईमेल सदस्यता (Feedburner Email Subscription) बॉक्स ब्लॉग और वेबसाइट में कैसे लगाये?)

दांतों में तार (Danton me tar) लगाने के फायदे |

टीथ ब्रेसेस का यूज करने से टेढ़े मेढ़े दांत सीधे हो जाते है | अगर आपका दन्त एक दुसरे से अलग है तो दांत के ऊपर तार लगाकर ठीक कर सकते है |

आज के समय में हर किसी को बैक्टीरिया और मसूड़ों की बीमारी होने की संभावना होती है  | अगर आप दांतों में तार लगते है तो ये परेशानियाँ दूर हो जाती है | जिससे आपके अन्दर मानसिक और शरीरिक बीमारी दूर रहती है | (इसे भी पढ़ें जवान लड़कियों की डाइट कैसा होना चाहिए?)

दांतों में तार लगाने से जबड़ो की कमजोरी ठीक हो सकती है इसीलिए डेंटिस्ट से परामर्श कर teeth को ठीक करा सकते है |

Danton-me-tar

दांतों के ऊपर तार से होनेवाला नुकसान

दन्त में तार लगाने से अधिक नुकसान तो नहीं है पर सावधानियां नहीं वरतने से आपको नुकसान का सामना करना पड़ सकता है | यह परेशानी तब होती है जब तार लगने वाले जगह खाली रह जाता है तो उसमें कुछ फंसने का डर रहता है | (इसे भी पढ़ें Diksha App Selt Registration In Hindi / दीक्षा एप पर टीचर रजिस्टर कैसे करे 2021 में)

ब्रेसेस लगवाने से आपका दांत कमजोर हो सकता है अगर डॉक्टर के कहे अनुसार देखभाल नहीं करते है |

खाने से पहले और बाद मुलायम ब्रश से दन्त सफाई नहीं करते है तो आपके दन्त में कीड़े लग सकते है | इसीलिए मुलायम ब्रश का यूज करें  |

दांतों में तार लगाने के बाद सख्त चीजो का सेवन करते है तो आपका दन्त टूट सकता है इसीलिए ठोस पदार्थों का सेवन करने से बचना चाहिए |

टेढ़े-मेढ़े दांतों को जगह पर लाने के लिए कितने दिनों महीनो तक ब्रेसेस पहनना चाहिए?

ब्रेसेस पहनना आपके दांतों के स्थिति पर निर्भर करता है | अगर आप ब्रेसेस लगवा लिए है तो हमेशा डेंटिस्ट से संपर्क करते है | समस्या और स्थिति के अनुसार ब्रेसेस का यूज 18 महीनो से 30 महीनो तक इस्तेमाल करना होता है |

ब्रेसेस लगाने के बाद क्या करें?

दांतों में प्रेसेस लगाने के बाद निम्नलिखित तरीका से ख्याल रखना होता है | (इसे भी पढ़ें 10 Voice Recorder Apps आवाज रिकॉर्ड करने के दस एंड्राइड एप्लीकेशन)

  • भोजन करने के बाद अच्छी तरीका से दन्त साफ करें |
  • दांतों की सफाई मुलायम ब्रश से करें |
  • ठोस पदार्थो को खाने से परहेज करें |
  • हमेशा मुलायम भोजन करें |
  • सख्त पदार्थ न खाए| जैसे चना, बादाम, चॉकलेट, मकई इत्यादि |
  • ऐसे पदार्थो का सेवन न करें जो दांतों में फंसता है जैसे मांस, पिज्जा और चिपचिपा पदार्थ |
  • समय-समय पर डॉक्टर से दिखाएँ |

Conclusion

वेबसाइटहिंदी के इस पोस्ट में दांतों में तार लगाने के फायदे व नुकसान के बारे में सरल जानकारियां शेयर किया गया है | अगर आपका दन्त ज्यादा बाहर या अंदर है तो ब्रेसेस (teeth braces) का इस्तेमाल कर आसानी से ठीक कर सकती है |

बच्चों की मालिश कैसे करें? Bachcho Ki Malish

बच्चों-की-मालिश-कैसे-करें
Bachcho Ki Malish

बच्चों की मालिश कैसे करें? यह सवाल बहुत छोटी है परन्तु छोटे शिशु के लिए बहुत महत्वपूर्ण है | बच्चों को मसाज (Malish) करने से पुरे दिन की थकावट दूर हो जाती है और बच्चा अच्छी नींद में सो सकता है |

जिस तरह बच्चे को माँ की दूध की आवश्यकता होती है उसी प्रकार नवजात शिशुओं को तेल मालिश की जरुरत होती है | बच्चों की मालिश (Bachcho Ki Malish) करने से मजबूत शारीर होने के साथ-साथ माँ के साथ बच्चे का लगाव बढ़ता है | तेल मालिश करने के बहाने माँ अपने बच्चों से बहुत दुलार-प्यार कर सकती है |

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Bachcho Ki Malish

नवजात शिशु की मालिश क्या होता है?

सरसों तेल या अन्य मेडिसिन तेल से घर के सदस्य या माँ द्वारा बच्चों को मालिश (मसाज) किया जाता है | तेल (oil) मालिश करने से बच्चों में शरीरिक विकास होता है | तेल मालिश करके माँ अपने बच्चों के साथ बहुत बड़ा कर्तव्य का पालन करती है | (इसे भी पढ़ें रेडियो एनाउंसर की तरह आवाज भारी कैसे करें?)

तेल मालिश के फायदे इन हिंदी जानने के लिए वेबसाइटहिंदी.कॉम का पूरा पोस्ट पढना होगा | आज के समय में लोग Google पर तरह-तरह के तेल व नुस्खे ढूँढना चाहते है जैसे:- डाबर लाल तेल बच्चों को कब लगाना चाहिए, नवजात शिशु की मालिश के लिए तेल, गर्मियों में बच्चों को कौन सा तेल लगाना चाहिए, मजबूत हड्डियों के लिए सबसे अच्छा बच्चा तेल की मालिश. नवजात शिशु की लोई, मालिश करने की विधि इत्यादि |

बच्चों की मालिश करने के फायदे ! Benefits Of Massaging Children

अगर आप छोटे बच्चों को नियमित मालिश करते है तो बहुत सारे फायदे मिल सकतें है जो निम्नलिखित है | (इसे भी पढ़ें फॉल्स प्रेगनेंसी क्या है? False Pregnancy In Hindi)

(1.) बच्चों की मांसपेशियों में आराम मिलना

जैसा की हम जानते है छोटे बच्चे पुरे दिन कुछ न कुछ गतिविधियाँ  करते रहतें है जिससे उनके शरीर में दर्द सा बना रहता है | अगर शिशु को दिन -रात में कम से कम 2-4 बार तेल मालिश हो जाये तो मांसपेशियां में बहुत आराम मिल सकता है | (इसे भी पढ़ें फ्रिज में अंडे रखने के फायदे जानिए कितने दिनों तक फ्रिज में अंडा रख सकते है?)

(2.) पेट से संबंधित समस्याओं से छुटकारा |

तेल मालिश करने से बच्चे को पेट संबंधित समस्याएं परेशानी गैस, ऐंठन, कब्ज बनना कम हो जाते है | जैसा की आप जानते है नवजात शिशु को कितना भी तकलीफ क्यों न हो रोने के सिवा कुछ बताते नहीं है | जिसका ध्यान माँ को रखना पड़ता है | (इसे भी पढ़ें त्वचा पर होनेवाली एलर्जी के घरेलू उपाय – Skin Allergy Home Remedy In Hindi)

(3.) तनाव कम करना

जब मनुष्य धरती पर जन्म लेता है तब से छोटी से बड़ी तनाव से गुजरना होता है | शिशु को मालिश करने से मांसपेशियों में तनाव कम होती है | जो बच्चे समय से पहले जन्म ले लेते है उनके लिए मालिश फायदेमंद होतें है |

(4.) विक्लांग व कमजोर शिशु

विकलांग व कमजोर शिशु के लिए मालिश करना मतलब आहार के बराबर है | कमजोर शिशुओं को नियमित मसाज करने से स्वास्थ्य संबंधित लाभ मिलता है तथा मजबूती जल्दी आती है | (इसे भी पढ़ें घबराहट दूर करने के सरल उपाय – Ghabrahat Dur Karne Ke Upay)

Bachchon Ki Malish कब करना चाहिए?

नवजात शिशुओं की मालिश कुछ सप्ताह बाद किया जा सकता है | जो बच्चे ज्यादा मजबूत होतें है उनकी माँ एक सप्ताह के पहले से मुलायम अँगुलियों से मालिश करना शुरू कर देती है | बच्चे का मालिश तभी करें जब वह मूड में हो | अगर शिशु रोता है या बेहतर महसूस नहीं करता है उस स्थिति में मसाज न करें |

शिशु को मालिश करने के लिए एक समय तह करना होता है | अगर सुबह में मालिश करने की सोच रही है तो हल्की धुप में मालिश जरुर करें | इससे शरीरिक विकास होगा | (इसे भी पढ़ें लम्बी दाढ़ी बढ़ाने के 10 घरेलु तरीका – 10 Domestic Ways To Grow A Long Beard)

नवजात शिशु को मसाज कितनी बार करनी चाहिए?

माता-पिता अपने समय के अनुसार बच्चों की मालिश कर सकते है | अगर आप किसी  कार्य में ज्यादा समय देते है तो भी सुबह और रात में सोते समय मालिश जरुर करें | क्यूंकि रात में सोने से पहले मालिश करने से बच्चे की नींद अच्छी आती है |

अगर आपके पास अधिक समय है तो दिन में 4 घंटे के अन्तराल पर तेल मालिश कर सकती है | गाँव में देखा गया है माँ, दादी माँ और नानी माँ अधिक दुलार करने वाली मिल जाती है तो वो शिशु को हर दिन 7 बार भी तेल मालिश करती है | (इसे भी पढ़ें सफेद दाग (Safed Daag) हटाने के उपाय | घरेलु नुस्खे 2021 में)

बच्चों की मालिश कैसे करें? Bachcho Ki Malish Kaise Kare In Hindi

पहली बार माँ बनने वाली महिलाएं को मालिश करने में बहुत कठिनाइयाँ होती है | क्यूंकि वो बच्चों  से बिलकुल अनजान होती है | अगर आपको समझ में नहीं आता है तो घर या पड़ोस के बुजुर्ग औरते से मदद ले सकती है |

6 -7 माह के बच्चे को हल्के हाथों से मालिश करना होता है | मालिश करने के लिए कुछ खास ख्याल रखना जरुरी है | (इसे भी पढ़ें मोबाइल नंबर पोर्ट (MNP) कैसे करें 2021 में)

  • जिस जगह पर मालिश कर रहीं है उस जगह पर शांत वातावरण होना चाहिए यानि वह जगह हवादार होना हो |
  • अगर आप धुप में मालिश कर रहीं है तो यह ध्यान रहें है की सूर्य की रौशनी बच्चे की आंखों पर न जाएँ |
  • मालिश करने से पहले हांथों से ज्वेलरी बाहर निकालें |
  • आपका नाख़ून काफी छोटा होना चाहिए ताकि बच्चे को किसी पारकर की खरोच न लगे |
  • मालिश करने से पहले साबुन या हैंड वाश से हाथ धोएं |
  • मालिश करने से पहले बच्चे का कपडा निकाल दें |
  • जिस विस्तार पर बच्चे की मालिश होगा वह बिस्तर मुलायम होना चाहिए |
  • शिशु को पीठ के बल लिटाये और थोड़ी तेल कानों तथा हांथों पर लगाये | हो सके तो पैर से मालिश घुटनों तक मालिश करना शुरू करें |
  • हाथों को गोल-गोल गुमाते हुए सीना, कन्धा और बांह तक मालिश करते रहें |
  • बच्चे को पेट के बाल लिटाकर पैर के तलवे और हथेलियों को अच्छे से मालिश करें |
  • बच्चे का चेहरा मालिश करना बहुत जरुरी होती है | आंखों के निचे और नाक के आसपास सहलाएं |
  • मुलायम हाथों से सिर का भी मसाज कर देना चाहिए |

Conclusion

वेबसाइटहिंदीडॉटकॉम के इस पोस्ट में बच्चों की मालिश कैसे करें? (How To Massage Children) के बारे में फुल जानकारियां दिया गया है | अगर आपको मालिश करने नहीं आता है तो घर के बुजुर्ग दादी माँ से जरुर पूछें | इस लेख को पढ़कर भी मदद ले सकती है |

नवजात शिशु का वजन कैसे बढ़ाएं? Shishu Ka Vajan Badhan Eke Upay In Hindi

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नवजात-शिशु

छोटे बच्चों की चिंता माता-पिता तब करते है जब उनके बच्चे का वजन ग्रोथ चार्ट के अनुसार नहीं बढ़ता है | यह समस्या हर माँ-बाप को असमंजस की स्थिति बना देती है | इस पोस्ट में जानेंगे नवजात शिशु का वजन कैसे बढ़ाएं?

बच्चे का उम्र थोड़ी-बहुत कम या ज्यादा होने से परेशानी नहीं है | समस्या तब होती है जब बच्चे का वजन उसके आयु के अनुसार नहीं होता है | इस तरह की परेशानी तब समझ में आती है जब पड़ोस के बच्चे की वजन और स्वास्थ्य आपके बच्चे से अधिक बढियां होती है | इस समस्या का निवारण करने के लिए नवजात शिशु को मेडिसिन के अलांवा घरेलु ऊपर कर सकते है  |

नवजात-शिशु-का-वजन
नवजात-शिशु

नवजात शिशु का वजन कितना होना चाहिए?

छोटे बच्चे का वजन खान-पान और रहन सहन पर भी निर्भर करता है | जो निम्नलिखित है | (इसे भी पढ़ें फॉल्स प्रेगनेंसी क्या है? False Pregnancy In Hindi)

आयुलड़की (किलोग्राम)लड़का (किलोग्राम)
3 माह5.05.3
6 माह6.26.7
9 माह6.97.4
1 वर्ष7.88.4
2 वर्ष9.610.1
3 वर्ष11.211.8
4 वर्ष12.913.5
5 वर्ष14.514.8
6 वर्ष16.016.3
7 वर्ष17.618.0
8 वर्ष19.419.7
9 वर्ष21.321.5
10 वर्ष23.623.7

 

 

बच्चों को सही वजन अच्छा क्यों माना जाता है?

बच्चों में सही वजन रहने पर यह देखा जाता है की उनका स्वास्थ्य कितना बेहतर होगा जो निम्नलिखित है | (इसे भी पढ़ें आंखों में जलन (Aankhon Mein Jalan) का ईलाज, कारण और लक्षण !)

  • जिन बच्चों में वजन अधिक कम होतें है उनके शरीरिक प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है |
  • वजन कम होने से बढ़ते विकास धीमा हो जाता है |
  • आयु के हिसाब से वजन नहीं रहने पर कुपोषण का संकेत मिलता है |
  • बच्चे दुबला – पतला और वजन काफी कम है तो बच्चों में अनेक प्रकार के बीमारियाँ हो सकती है |
  • सही समय पर ध्यान नहीं दिया जाये तो समस्या बढ़ते जायेगा और बच्चे की मृत्यु भी हो सकती है |

छोटे बच्चों का वजन कैसे बढ़ाएं? How To Gain Weight Of Young Children?

6 महीने से कम सभी नवजात शिशु को माँ का दूध प्रयाप्त होता है | माँ के दूध में वो सभी आहार मिल जाता है जिसका आवश्यकता बच्चों में होती है | माँ का दूध पिने से पेट की समस्याएं कम होती है | (इसे भी पढ़ें हिलते दांत का उपचार घरेलु उपचार व नुस्खे |)

डॉक्टरो द्वारा हमेशा सुनने को मिलता है की छ: महीने से छोटे नवजात शिशु को भरपूर मात्रा में माँ का दूध अनिवार्य होता है |

(1.) नवजात शिशु का वजन बढ़ाने के लिए घी दें |

जैसा की आप जानते है घी पौष्टिकता से भरपूर होता है | 9-10 महीने के बच्चे को शब्जी, रोटी, पराठा, दलिया के साथ दो चार बूंद घी देना सही होगा | बच्चें को घी की मात्रा बच्चे की आयु के अनुसार ही देना चाहिए | (इसे भी पढ़ें त्वचा पर होनेवाली एलर्जी के घरेलू उपाय – Skin Allergy Home Remedy In Hindi)

(2.) बच्चे को केले खाने दें |

6-7 महीने से ज्यादा उम्र के बच्चों को केले खिलाना चाहिए | बच्चों में विटामिन सी, विटामिन बी6, कार्बोहाईड्रेट, फाइबर और पोटेशियम की पूर्ति केले खिलने से हो सकता है | ठंड के मौसम को देखते हुए घर या सफ़र में केले का इस्तेमाल कर सकती है |

(3.) वजन बढ़ाने के लिए दही है उपयोगी

दही में प्रोटीन और उर्जा बच्चों के लिए अच्छा माना जाता है | दही खिलने से बच्चे का वजन बढ़ सकता है क्यूंकि दही में कैल्शियम, पोटेशियम, आयरन, विटामिन तथा अनेक पोषक तत्व मौजूद होतें है | इसीलिए बच्चों को थोडा-थोडा दही की मात्रा देना चाहिए | (इसे भी पढ़ें भारत डायनामिक्स लिमिटेड (BDL) के तहत स्नातक और तकनीशियन (डिप्लोमा) अपरेंटिस पदों पर भर्ती 2020)

 (4.) दालें खिलाकर वजन बढ़ाएं|

अगर आप बच्चों की मांसपेशियां मजबूत करना चाहते है तो दालें का सेवन करना बहुत उपयोगी है | क्यूंकि इसमें प्रोटीन आयरन, जिंक, मिनरल मौजूद होतें है | छोटे बच्चो के खाने में दालें शामिल जरुर करें |

(5.) ड्राई फ्रूट्स से वजन बढ़ाएं |

जैसा की आप जानते है ड्राई फ्रूट्स में एनर्जी भरपूर  मात्रा में पाई जाती है | वजन बढ़ाने के लिए बच्चों को ड्राई फ्रूट्स जरुर खिलाएं | (इसे भी पढ़ें जवान लड़कियों की डाइट कैसा होना चाहिए?)

(6.) फ्रूट जूस पिलाएं |

बच्चें को स्वास्थ्य रहने के लिए वजन के साथ – साथ विटामिन और मिनरल्स की आवश्यकता होती हैं | अगर आप   फ्रूट जूस देतें है तो वजन बढ़ने में मदद मिलेगा |

(7.) मक्खन से बच्चे का वजन बढ़ाएं |

बिना नमक डाले बच्चे को मक्खन देना सही होता है | मक्खन खिलाने से बच्चों में विटामिन ए, कोलेस्ट्राल और फैटी एसिड की पूर्ति होती हैं | इसीलिए छोटे बच्चों की डाइट (Diet) में मक्खन शामिल जरुर करें |

बच्चों की उम्र कम होने की कारण

भोजन में पोषक तत्वों की पूर्ति नहीं होने और वजन में कमी होने के अनेक कारण होतें है जो निम्नलिखित है | (इसे भी पढ़ें दाखिल खारिज (Dakhil Kharij) आवेदन स्थिति (Status) कैसे देखें?)

  • बच्चों में हार्मोन्स संबंधी समस्या होना |
  • पेट में कीड़ा होना |
  • खून से संबंधित बीमारी होना |

माता-पिता बच्चों के लिए क्या करें या क्या न करें |

  • बच्चे की भूख कब लगती है समझने की कोशिश करें |
  • ऐसी आहार देने से बचना चाहिए जिससे बच्चे को एलर्जी होता हो |
  • भावनात्मक संबंध को अच्छा करें |

Conclusion

वेबसाइटहिंदी.कॉम के इस पोस्ट में नवजात शिशु का वजन कैसे बढ़ाएं? (Shishu Ka Vajan Badhan Eke Upay In Hindi) के बारे में बताया गया है | अगर आप बच्चे का वजन बढ़ाना चाहते है तो पोस्ट में बताये अनुसार उपाय जरुर करें या नजदीकी डॉक्टर से परामर्श करें |