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व्हाट्सएप का अविष्कार किसने किया?

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व्हाट्सएप का अविष्कार किसने किया? जानने के लिए पूरी पोस्ट पढ़ें | क्यूंकि वेबसाइटहिंदी.कॉम के लेख में Whatsapp के अविष्कारक के बारे में डिटेल्स शेयर किया गया है |

आज के समय में व्हाट्स-एप तेजी से उभरता हुआ सबसे बड़ी सोशल Messaging प्लेटफार्म है | यहाँ से आप हर किसी से जुड़कर पूरा डाटा शेयर कर सकते है | जिस एप्लीकेशन हम बात कर रहें है वह दुनियां हर संबंधी को एक दुसरे से जुड़ने का काम किया है | क्या आपको पता है व्हाट्सएप का अविष्कार कब और किसने किया?

व्हाट्सएप-का-अविष्कार

व्हाट्सएप का अविष्कार किसने किया?

Whatsapp एक अमेरिका की Messaging App है | व्हाट्सएप का अविष्कार 2009 में Brian Acton और  Jan Koum द्वारा किया गया था | इसके पहले दोनों दोस्त Yahoo जैसी बड़ी कंपनी में 20 वर्षो से काम करते थे |

Brian-Acton-Jan-Koum
Brian Acton Jan Koum

सबसे पहले Whatsapp Inc कंपनी बनाने के बाद कैलिफोर्निया में पहला वर्शन लांच हुआ | परन्तु यह Version उतना अच्छा नहीं था | इस तरह का एप कभी भी हैंग हो सकता था | इसके बाद दोनों दोस्त ने पांच दोस्तों को राजी किए पैसे लगाने के लिए और उनके फ्रेंड्स द्वारा $250000 का इन्वेस्ट हुआ | (इसे भी पढ़ें Imps Neft Rtgs क्या होता है? आईएमपीएस, एनईएफटी और आरटीजीएस में अंतर !)

इन्टरनेट की दुनियां में Whatsapp को आने से यूजर अधिक बढ़ने लगे | जिसके वजह से व्हाट्सएप को टेक्स्ट वेरिफिकेशन के लिए शुल्क देना होता था इसीलिए व्हात्सप्प को Paid कर दिया गया |

Whatsapp का अविष्कार और इतिहास

जैसा की हम जानते  है व्हाट्सएप को 2009 में दो दोस्त Brian Acton और  Jan Koum ने बनाया गया | जैसे – जैसे व्हाट्स-एप का अपडेट आया वैसे ही नए-नए सुविधाए ऐड किया गया | तभी से फेसबुक दुनिया का सबसे पॉपुलर Messaging Apps बन गया | (इसे भी पढ़ें 26 January Speech In Hindi – 26 जनवरी भाषण हिंदी में !)

 

पहली बार व्हात्सप्प को App Store में Iphone के लिए लांच किया गया | इसके अनोखा फीचर यूजर को पसंद आने के बाद 2010 में Ios एंड्राइड के लिए Launch किया गया | यह एक Messaging App बनकर तैयार हुआ | इसके बाद बाद 2014 में 19.3 बिलियन Us डॉलर देकर फेसबुक ने ख़रीदा |

व्हाट्सएप का अविष्कार कहाँ हुआ ?

व्हाट्सएप का अविष्कार जनवरी 2009 में कैलीफोर्निया (अमेरिका) में हुआ | जिसको दो दोस्त बरियन एक्शन तथा जान कौम द्वारा किया गया | (इसे भी पढ़ें डिप्थीरिया के घरेलू उपाय और लक्षण)

आज के समय में Whatsapp का मालिक कौन  है ?

आज के समय में Whatsapp का मालिक फेसबुक है | क्यूंकि फेसबुक द्वारा 2014 में 19.3 बिलियन डॉलर में ख़रीदा गया है |

Conclision

वेबसाइटहिंदी के इस पोस्ट में व्हाट्सएप का अविष्कार किसने किया? तथा इससे संबंधित अन्य जानकारियां भी शेयर किया गया है | व्हाट्सएप ऐसा एप है जिसको अनलिमिटेड फ्री में इस्तेमाल कर सकते है |

Imps Neft Rtgs क्या होता है? आईएमपीएस, एनईएफटी और आरटीजीएस में अंतर !

Imps-Neft-Rtgs
Imps Neft Rtgs
Imps Neft Rtgs क्या होता है? क्या आपको पता है इन तीनो नामो के बिच कितना अंतर है | वेबसाइटहिंदी के इस पोस्ट में आईएमपीएस, नेफ्ट और आर.टी.जी.एस के बारे में डिटेल्स दिया गया है |
जिस प्रकार हमारा देश डिजिटल बन रहा है उसी प्रकार बैंकिंग क्षेत्रो में हर तरह से बदलाव देखने को मिल रही है | आज के 7-10 वर्ष पहले बैंक में लम्बी लाइन देखने को मिलता था | ताकि लोग एक जगह से दुसरे जगह पैसे लेन-देन कर सकें | परन्तु आज के समय में 24X7 घंटे पैसे भेज सकते है क्यूंकि बांको द्वारा अपने यूजर को बेहतर सुविधा मिल रही है | इसीलिए Imps Neft Rtgs के बारे में जानना अति आवश्यक है |
Imps-Neft-Rtgs
Imps Neft Rtgs

Imps Neft Rtgs अंतर क्या है?

बैंकिंग क्षेत्र में रुपये भेजने के लिए बहुत सारे मोड है जिसके माध्यम से पैसे लेन-देन कर सकते है | आईएमपीएस, एनईएफटी और आरटीजीएस ये तीन मुख्य मेथड है जिसके द्वारा घर बैठे अन्य खाते में पैसे भेज सकते है | (इसे भी पढ़ें पांच तरीका से बैंक अकाउंट नंबर पता कैसे करें ? जानिए सरल तरीका |)
सुविधाएं
Imps
Neft
Rtgs
जानिए न्यूनतम ट्रान्सफर वैल्यू
1 रुपये
1 रुपये
2 लाख
पेमेंट आप्शन ऑनलाइन / ऑफलाइन
ऑनलाइन
ऑनलाइन और ऑफलाइन
ऑनलाइन और ऑफलाइन
जानिए अधिकतम ट्रान्सफर वैल्यू
2 लाख
कोई लिमिट नहीं
कोई लिमिट नहीं
सेत्तेलेमेंट टाइप
रियल टाइम
आधा घंटा आधार
रियल टाइम
सर्विस देने की टाइम
24 X 7 घंटे
08 Am से 07 Pm कार्यरत दिनों में |
08 Am से 06 Pm कार्यरत दिनों में |
ट्रांजेक्सन शुल्क
ट्रान्सफर राशी के अनुसार
ट्रान्सफर राशी के अनुसार
2 लाख से 5 लाख रकम तक ट्रान्सफर पर 25 रुपये | तथा 4 लाख से अधिक पर 50 रुपये भुगतान करना होता है |

आईएमपीएस, एनईएफटी और आरटीजीएस के बारे में जानकारी

Imps क्या है?

Imps का हिंदी में पूरा नाम तत्काल भुगतान सेवा तथा अंग्रेजी में Imps Full Form (Immediate Payment Service) कहा जाता है | इस सर्विस को नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया (National Payments Corporation Of India (Npci) द्वारा मैनेज किया जाता है | इस सेवा से सालों भर 24X7 तक फण्ड ट्रान्सफर कर सकते है | (इसे भी पढ़ें Digital Ocean पर वर्डप्रेस इनस्टॉल करने के लिए Droplet create कैसे करे?)

Neft क्या है?

Neft का हिंदी में पूरा नाम नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर है Neft Full Form (National Electronic Fund Transfer) है | इस सर्विस के माध्यम से एक बैंक से दुसरे बैंक में पैसे ट्रान्सफर कर सकते है | लेकिन पैसे भेजने के बाद 30 मिनट Wait करना होता है |  यानि की पैसे भेजने के बाद आधा घंटे बाद पैसा Successfully ट्रान्सफर होगा |

Rtgs क्या है?

Rtgs का पूरा नाम रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट है जिसे अंग्रेजी में Rtgs Full Form (Real-Time Gross Settlement) होता है | इस सर्विस के माध्यम से तुरंत पैसे भेज सकते है | लेकिन इसे जयादा व्यापारी लोग इस्तेमाल करते है | क्यूंकि इस सर्विस से न्यूनतम 2 लाख रुपये भेजना होता है | (इसे भी पढ़ें बिजली नहीं रहने पर धुप से चार्ज होनेवाला सोलर पॉवर बैंक जानिए कैसा है !)

पैसे ट्रान्सफर करने की लिमिट क्या है?

अगर आपको पैसे ट्रान्सफर करना है तो सबसे पहले ये पता करें की आपको कितने रुपये ट्रान्सफर करना है | इसके बाद तीनो सर्विस में से किसी एक का चयन करें | अगर आपको छोटी छोटी रकम तुरंत भेजना है तो Imps के मदद ले सकते है क्यूंकि इसमें आप 1 लाख तक पैसे लेन-दें कर सकते है | बेहतर ढंग से जानने के लिए उपाय के Imps Neft Rtgs के बिच अंतर का Paragraph पढ़ें |

Conclusion

वेबसाइटहिंदी के पोस्ट में Imps Neft Rtgs क्या होता है? और तीनो सर्विस के बिच अंतर के बारे में बताया गया है | अगर आप पैसे ट्रान्सफर कर रहें है तो इन सभी के लिमिट और शुल्क के बारे में जरुर जनियिए |

दांतों में तार लगाने के फायदे व नुकसान !

दांतों-में-तार
teeth braces

दांतों में तार लगाने के फायदे व नुकसान (Advantages and disadvantages of applying wire to teeth) जानने के लिए पूरा पोस्ट पढ़ें | इस पोस्ट में टीथ ब्रेसेस के लगाने के बाद क्या होता है? इस लेख में जानिए |

हर इन्सान को दांत से प्यार होता है | शिशु को जब पहली बार दांत निकलता है तो सबसे पहले माँ-बाप बहुत खुश होतें है | दांत एक ऐसा भाग होती है जिसके द्वारा भोजन चबाकर खाने में मदद मिलता है | इसके अलांवा दन्त से चेहरे की खूबसूरती भी बढती है | लेकिन टेढ़े-मेढ़े दन्त होने पर डेंटिस्‍ट द्वारा दांतों में तार लगाने की बात कही जाती है |

दांतों-में-तार
teeth braces

क्या आपको पता है प्रकृति में जो उपयोगी चीज मिला है उसके साथ छेड़-छाड़ करने से फायदा होगा या नुकसान ! जैसा की आप जानते है दांतों में समस्या होने पर आसपास के अंगो को भी परेशानी हो सकती है |

दांतों में तार लगना क्या है?

दांतों में तार लगाने को अंग्रेजी में डेंटल ब्रेसेस कहा जाता है | इसकी मदद तब ली जाती है जब आपके दन्त एक दुसरे से दुरी पर है या आगे पीछे होतें है |

अगर आपके दांत खूबसूरती में बाधा बनती है तो आप  ब्रेसेस का सहारा ले सकते है | इससे खूबसूरती के साथ दन्त स्वास्थ्य भी हो जाते है पर इसके लिए ब्रेसेस को नियमित उपयोग करना होता  है | आज के आधुनिक समय में तार लगाना बहुत आसान हो गया है | (इसे भी पढ़ें फीडबर्नर ईमेल सदस्यता (Feedburner Email Subscription) बॉक्स ब्लॉग और वेबसाइट में कैसे लगाये?)

दांतों में तार (Danton me tar) लगाने के फायदे |

टीथ ब्रेसेस का यूज करने से टेढ़े मेढ़े दांत सीधे हो जाते है | अगर आपका दन्त एक दुसरे से अलग है तो दांत के ऊपर तार लगाकर ठीक कर सकते है |

आज के समय में हर किसी को बैक्टीरिया और मसूड़ों की बीमारी होने की संभावना होती है  | अगर आप दांतों में तार लगते है तो ये परेशानियाँ दूर हो जाती है | जिससे आपके अन्दर मानसिक और शरीरिक बीमारी दूर रहती है | (इसे भी पढ़ें जवान लड़कियों की डाइट कैसा होना चाहिए?)

दांतों में तार लगाने से जबड़ो की कमजोरी ठीक हो सकती है इसीलिए डेंटिस्ट से परामर्श कर teeth को ठीक करा सकते है |

Danton-me-tar

दांतों के ऊपर तार से होनेवाला नुकसान

दन्त में तार लगाने से अधिक नुकसान तो नहीं है पर सावधानियां नहीं वरतने से आपको नुकसान का सामना करना पड़ सकता है | यह परेशानी तब होती है जब तार लगने वाले जगह खाली रह जाता है तो उसमें कुछ फंसने का डर रहता है | (इसे भी पढ़ें Diksha App Selt Registration In Hindi / दीक्षा एप पर टीचर रजिस्टर कैसे करे 2021 में)

ब्रेसेस लगवाने से आपका दांत कमजोर हो सकता है अगर डॉक्टर के कहे अनुसार देखभाल नहीं करते है |

खाने से पहले और बाद मुलायम ब्रश से दन्त सफाई नहीं करते है तो आपके दन्त में कीड़े लग सकते है | इसीलिए मुलायम ब्रश का यूज करें  |

दांतों में तार लगाने के बाद सख्त चीजो का सेवन करते है तो आपका दन्त टूट सकता है इसीलिए ठोस पदार्थों का सेवन करने से बचना चाहिए |

टेढ़े-मेढ़े दांतों को जगह पर लाने के लिए कितने दिनों महीनो तक ब्रेसेस पहनना चाहिए?

ब्रेसेस पहनना आपके दांतों के स्थिति पर निर्भर करता है | अगर आप ब्रेसेस लगवा लिए है तो हमेशा डेंटिस्ट से संपर्क करते है | समस्या और स्थिति के अनुसार ब्रेसेस का यूज 18 महीनो से 30 महीनो तक इस्तेमाल करना होता है |

ब्रेसेस लगाने के बाद क्या करें?

दांतों में प्रेसेस लगाने के बाद निम्नलिखित तरीका से ख्याल रखना होता है | (इसे भी पढ़ें 10 Voice Recorder Apps आवाज रिकॉर्ड करने के दस एंड्राइड एप्लीकेशन)

  • भोजन करने के बाद अच्छी तरीका से दन्त साफ करें |
  • दांतों की सफाई मुलायम ब्रश से करें |
  • ठोस पदार्थो को खाने से परहेज करें |
  • हमेशा मुलायम भोजन करें |
  • सख्त पदार्थ न खाए| जैसे चना, बादाम, चॉकलेट, मकई इत्यादि |
  • ऐसे पदार्थो का सेवन न करें जो दांतों में फंसता है जैसे मांस, पिज्जा और चिपचिपा पदार्थ |
  • समय-समय पर डॉक्टर से दिखाएँ |

Conclusion

वेबसाइटहिंदी के इस पोस्ट में दांतों में तार लगाने के फायदे व नुकसान के बारे में सरल जानकारियां शेयर किया गया है | अगर आपका दन्त ज्यादा बाहर या अंदर है तो ब्रेसेस (teeth braces) का इस्तेमाल कर आसानी से ठीक कर सकती है |

बच्चों की मालिश कैसे करें? Bachcho Ki Malish

बच्चों-की-मालिश-कैसे-करें
Bachcho Ki Malish

बच्चों की मालिश कैसे करें? यह सवाल बहुत छोटी है परन्तु छोटे शिशु के लिए बहुत महत्वपूर्ण है | बच्चों को मसाज (Malish) करने से पुरे दिन की थकावट दूर हो जाती है और बच्चा अच्छी नींद में सो सकता है |

जिस तरह बच्चे को माँ की दूध की आवश्यकता होती है उसी प्रकार नवजात शिशुओं को तेल मालिश की जरुरत होती है | बच्चों की मालिश (Bachcho Ki Malish) करने से मजबूत शारीर होने के साथ-साथ माँ के साथ बच्चे का लगाव बढ़ता है | तेल मालिश करने के बहाने माँ अपने बच्चों से बहुत दुलार-प्यार कर सकती है |

बच्चों-की-मालिश-कैसे-करें
Bachcho Ki Malish

नवजात शिशु की मालिश क्या होता है?

सरसों तेल या अन्य मेडिसिन तेल से घर के सदस्य या माँ द्वारा बच्चों को मालिश (मसाज) किया जाता है | तेल (oil) मालिश करने से बच्चों में शरीरिक विकास होता है | तेल मालिश करके माँ अपने बच्चों के साथ बहुत बड़ा कर्तव्य का पालन करती है | (इसे भी पढ़ें रेडियो एनाउंसर की तरह आवाज भारी कैसे करें?)

तेल मालिश के फायदे इन हिंदी जानने के लिए वेबसाइटहिंदी.कॉम का पूरा पोस्ट पढना होगा | आज के समय में लोग Google पर तरह-तरह के तेल व नुस्खे ढूँढना चाहते है जैसे:- डाबर लाल तेल बच्चों को कब लगाना चाहिए, नवजात शिशु की मालिश के लिए तेल, गर्मियों में बच्चों को कौन सा तेल लगाना चाहिए, मजबूत हड्डियों के लिए सबसे अच्छा बच्चा तेल की मालिश. नवजात शिशु की लोई, मालिश करने की विधि इत्यादि |

बच्चों की मालिश करने के फायदे ! Benefits Of Massaging Children

अगर आप छोटे बच्चों को नियमित मालिश करते है तो बहुत सारे फायदे मिल सकतें है जो निम्नलिखित है | (इसे भी पढ़ें फॉल्स प्रेगनेंसी क्या है? False Pregnancy In Hindi)

(1.) बच्चों की मांसपेशियों में आराम मिलना

जैसा की हम जानते है छोटे बच्चे पुरे दिन कुछ न कुछ गतिविधियाँ  करते रहतें है जिससे उनके शरीर में दर्द सा बना रहता है | अगर शिशु को दिन -रात में कम से कम 2-4 बार तेल मालिश हो जाये तो मांसपेशियां में बहुत आराम मिल सकता है | (इसे भी पढ़ें फ्रिज में अंडे रखने के फायदे जानिए कितने दिनों तक फ्रिज में अंडा रख सकते है?)

(2.) पेट से संबंधित समस्याओं से छुटकारा |

तेल मालिश करने से बच्चे को पेट संबंधित समस्याएं परेशानी गैस, ऐंठन, कब्ज बनना कम हो जाते है | जैसा की आप जानते है नवजात शिशु को कितना भी तकलीफ क्यों न हो रोने के सिवा कुछ बताते नहीं है | जिसका ध्यान माँ को रखना पड़ता है | (इसे भी पढ़ें त्वचा पर होनेवाली एलर्जी के घरेलू उपाय – Skin Allergy Home Remedy In Hindi)

(3.) तनाव कम करना

जब मनुष्य धरती पर जन्म लेता है तब से छोटी से बड़ी तनाव से गुजरना होता है | शिशु को मालिश करने से मांसपेशियों में तनाव कम होती है | जो बच्चे समय से पहले जन्म ले लेते है उनके लिए मालिश फायदेमंद होतें है |

(4.) विक्लांग व कमजोर शिशु

विकलांग व कमजोर शिशु के लिए मालिश करना मतलब आहार के बराबर है | कमजोर शिशुओं को नियमित मसाज करने से स्वास्थ्य संबंधित लाभ मिलता है तथा मजबूती जल्दी आती है | (इसे भी पढ़ें घबराहट दूर करने के सरल उपाय – Ghabrahat Dur Karne Ke Upay)

Bachchon Ki Malish कब करना चाहिए?

नवजात शिशुओं की मालिश कुछ सप्ताह बाद किया जा सकता है | जो बच्चे ज्यादा मजबूत होतें है उनकी माँ एक सप्ताह के पहले से मुलायम अँगुलियों से मालिश करना शुरू कर देती है | बच्चे का मालिश तभी करें जब वह मूड में हो | अगर शिशु रोता है या बेहतर महसूस नहीं करता है उस स्थिति में मसाज न करें |

शिशु को मालिश करने के लिए एक समय तह करना होता है | अगर सुबह में मालिश करने की सोच रही है तो हल्की धुप में मालिश जरुर करें | इससे शरीरिक विकास होगा | (इसे भी पढ़ें लम्बी दाढ़ी बढ़ाने के 10 घरेलु तरीका – 10 Domestic Ways To Grow A Long Beard)

नवजात शिशु को मसाज कितनी बार करनी चाहिए?

माता-पिता अपने समय के अनुसार बच्चों की मालिश कर सकते है | अगर आप किसी  कार्य में ज्यादा समय देते है तो भी सुबह और रात में सोते समय मालिश जरुर करें | क्यूंकि रात में सोने से पहले मालिश करने से बच्चे की नींद अच्छी आती है |

अगर आपके पास अधिक समय है तो दिन में 4 घंटे के अन्तराल पर तेल मालिश कर सकती है | गाँव में देखा गया है माँ, दादी माँ और नानी माँ अधिक दुलार करने वाली मिल जाती है तो वो शिशु को हर दिन 7 बार भी तेल मालिश करती है | (इसे भी पढ़ें सफेद दाग (Safed Daag) हटाने के उपाय | घरेलु नुस्खे 2021 में)

बच्चों की मालिश कैसे करें? Bachcho Ki Malish Kaise Kare In Hindi

पहली बार माँ बनने वाली महिलाएं को मालिश करने में बहुत कठिनाइयाँ होती है | क्यूंकि वो बच्चों  से बिलकुल अनजान होती है | अगर आपको समझ में नहीं आता है तो घर या पड़ोस के बुजुर्ग औरते से मदद ले सकती है |

6 -7 माह के बच्चे को हल्के हाथों से मालिश करना होता है | मालिश करने के लिए कुछ खास ख्याल रखना जरुरी है | (इसे भी पढ़ें मोबाइल नंबर पोर्ट (MNP) कैसे करें 2021 में)

  • जिस जगह पर मालिश कर रहीं है उस जगह पर शांत वातावरण होना चाहिए यानि वह जगह हवादार होना हो |
  • अगर आप धुप में मालिश कर रहीं है तो यह ध्यान रहें है की सूर्य की रौशनी बच्चे की आंखों पर न जाएँ |
  • मालिश करने से पहले हांथों से ज्वेलरी बाहर निकालें |
  • आपका नाख़ून काफी छोटा होना चाहिए ताकि बच्चे को किसी पारकर की खरोच न लगे |
  • मालिश करने से पहले साबुन या हैंड वाश से हाथ धोएं |
  • मालिश करने से पहले बच्चे का कपडा निकाल दें |
  • जिस विस्तार पर बच्चे की मालिश होगा वह बिस्तर मुलायम होना चाहिए |
  • शिशु को पीठ के बल लिटाये और थोड़ी तेल कानों तथा हांथों पर लगाये | हो सके तो पैर से मालिश घुटनों तक मालिश करना शुरू करें |
  • हाथों को गोल-गोल गुमाते हुए सीना, कन्धा और बांह तक मालिश करते रहें |
  • बच्चे को पेट के बाल लिटाकर पैर के तलवे और हथेलियों को अच्छे से मालिश करें |
  • बच्चे का चेहरा मालिश करना बहुत जरुरी होती है | आंखों के निचे और नाक के आसपास सहलाएं |
  • मुलायम हाथों से सिर का भी मसाज कर देना चाहिए |

Conclusion

वेबसाइटहिंदीडॉटकॉम के इस पोस्ट में बच्चों की मालिश कैसे करें? (How To Massage Children) के बारे में फुल जानकारियां दिया गया है | अगर आपको मालिश करने नहीं आता है तो घर के बुजुर्ग दादी माँ से जरुर पूछें | इस लेख को पढ़कर भी मदद ले सकती है |

नवजात शिशु का वजन कैसे बढ़ाएं? Shishu Ka Vajan Badhan Eke Upay In Hindi

नवजात-शिशु-का-वजन
नवजात-शिशु

छोटे बच्चों की चिंता माता-पिता तब करते है जब उनके बच्चे का वजन ग्रोथ चार्ट के अनुसार नहीं बढ़ता है | यह समस्या हर माँ-बाप को असमंजस की स्थिति बना देती है | इस पोस्ट में जानेंगे नवजात शिशु का वजन कैसे बढ़ाएं?

बच्चे का उम्र थोड़ी-बहुत कम या ज्यादा होने से परेशानी नहीं है | समस्या तब होती है जब बच्चे का वजन उसके आयु के अनुसार नहीं होता है | इस तरह की परेशानी तब समझ में आती है जब पड़ोस के बच्चे की वजन और स्वास्थ्य आपके बच्चे से अधिक बढियां होती है | इस समस्या का निवारण करने के लिए नवजात शिशु को मेडिसिन के अलांवा घरेलु ऊपर कर सकते है  |

नवजात-शिशु-का-वजन
नवजात-शिशु

नवजात शिशु का वजन कितना होना चाहिए?

छोटे बच्चे का वजन खान-पान और रहन सहन पर भी निर्भर करता है | जो निम्नलिखित है | (इसे भी पढ़ें फॉल्स प्रेगनेंसी क्या है? False Pregnancy In Hindi)

आयुलड़की (किलोग्राम)लड़का (किलोग्राम)
3 माह5.05.3
6 माह6.26.7
9 माह6.97.4
1 वर्ष7.88.4
2 वर्ष9.610.1
3 वर्ष11.211.8
4 वर्ष12.913.5
5 वर्ष14.514.8
6 वर्ष16.016.3
7 वर्ष17.618.0
8 वर्ष19.419.7
9 वर्ष21.321.5
10 वर्ष23.623.7

 

 

बच्चों को सही वजन अच्छा क्यों माना जाता है?

बच्चों में सही वजन रहने पर यह देखा जाता है की उनका स्वास्थ्य कितना बेहतर होगा जो निम्नलिखित है | (इसे भी पढ़ें आंखों में जलन (Aankhon Mein Jalan) का ईलाज, कारण और लक्षण !)

  • जिन बच्चों में वजन अधिक कम होतें है उनके शरीरिक प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है |
  • वजन कम होने से बढ़ते विकास धीमा हो जाता है |
  • आयु के हिसाब से वजन नहीं रहने पर कुपोषण का संकेत मिलता है |
  • बच्चे दुबला – पतला और वजन काफी कम है तो बच्चों में अनेक प्रकार के बीमारियाँ हो सकती है |
  • सही समय पर ध्यान नहीं दिया जाये तो समस्या बढ़ते जायेगा और बच्चे की मृत्यु भी हो सकती है |

छोटे बच्चों का वजन कैसे बढ़ाएं? How To Gain Weight Of Young Children?

6 महीने से कम सभी नवजात शिशु को माँ का दूध प्रयाप्त होता है | माँ के दूध में वो सभी आहार मिल जाता है जिसका आवश्यकता बच्चों में होती है | माँ का दूध पिने से पेट की समस्याएं कम होती है | (इसे भी पढ़ें हिलते दांत का उपचार घरेलु उपचार व नुस्खे |)

डॉक्टरो द्वारा हमेशा सुनने को मिलता है की छ: महीने से छोटे नवजात शिशु को भरपूर मात्रा में माँ का दूध अनिवार्य होता है |

(1.) नवजात शिशु का वजन बढ़ाने के लिए घी दें |

जैसा की आप जानते है घी पौष्टिकता से भरपूर होता है | 9-10 महीने के बच्चे को शब्जी, रोटी, पराठा, दलिया के साथ दो चार बूंद घी देना सही होगा | बच्चें को घी की मात्रा बच्चे की आयु के अनुसार ही देना चाहिए | (इसे भी पढ़ें त्वचा पर होनेवाली एलर्जी के घरेलू उपाय – Skin Allergy Home Remedy In Hindi)

(2.) बच्चे को केले खाने दें |

6-7 महीने से ज्यादा उम्र के बच्चों को केले खिलाना चाहिए | बच्चों में विटामिन सी, विटामिन बी6, कार्बोहाईड्रेट, फाइबर और पोटेशियम की पूर्ति केले खिलने से हो सकता है | ठंड के मौसम को देखते हुए घर या सफ़र में केले का इस्तेमाल कर सकती है |

(3.) वजन बढ़ाने के लिए दही है उपयोगी

दही में प्रोटीन और उर्जा बच्चों के लिए अच्छा माना जाता है | दही खिलने से बच्चे का वजन बढ़ सकता है क्यूंकि दही में कैल्शियम, पोटेशियम, आयरन, विटामिन तथा अनेक पोषक तत्व मौजूद होतें है | इसीलिए बच्चों को थोडा-थोडा दही की मात्रा देना चाहिए | (इसे भी पढ़ें भारत डायनामिक्स लिमिटेड (BDL) के तहत स्नातक और तकनीशियन (डिप्लोमा) अपरेंटिस पदों पर भर्ती 2020)

 (4.) दालें खिलाकर वजन बढ़ाएं|

अगर आप बच्चों की मांसपेशियां मजबूत करना चाहते है तो दालें का सेवन करना बहुत उपयोगी है | क्यूंकि इसमें प्रोटीन आयरन, जिंक, मिनरल मौजूद होतें है | छोटे बच्चो के खाने में दालें शामिल जरुर करें |

(5.) ड्राई फ्रूट्स से वजन बढ़ाएं |

जैसा की आप जानते है ड्राई फ्रूट्स में एनर्जी भरपूर  मात्रा में पाई जाती है | वजन बढ़ाने के लिए बच्चों को ड्राई फ्रूट्स जरुर खिलाएं | (इसे भी पढ़ें जवान लड़कियों की डाइट कैसा होना चाहिए?)

(6.) फ्रूट जूस पिलाएं |

बच्चें को स्वास्थ्य रहने के लिए वजन के साथ – साथ विटामिन और मिनरल्स की आवश्यकता होती हैं | अगर आप   फ्रूट जूस देतें है तो वजन बढ़ने में मदद मिलेगा |

(7.) मक्खन से बच्चे का वजन बढ़ाएं |

बिना नमक डाले बच्चे को मक्खन देना सही होता है | मक्खन खिलाने से बच्चों में विटामिन ए, कोलेस्ट्राल और फैटी एसिड की पूर्ति होती हैं | इसीलिए छोटे बच्चों की डाइट (Diet) में मक्खन शामिल जरुर करें |

बच्चों की उम्र कम होने की कारण

भोजन में पोषक तत्वों की पूर्ति नहीं होने और वजन में कमी होने के अनेक कारण होतें है जो निम्नलिखित है | (इसे भी पढ़ें दाखिल खारिज (Dakhil Kharij) आवेदन स्थिति (Status) कैसे देखें?)

  • बच्चों में हार्मोन्स संबंधी समस्या होना |
  • पेट में कीड़ा होना |
  • खून से संबंधित बीमारी होना |

माता-पिता बच्चों के लिए क्या करें या क्या न करें |

  • बच्चे की भूख कब लगती है समझने की कोशिश करें |
  • ऐसी आहार देने से बचना चाहिए जिससे बच्चे को एलर्जी होता हो |
  • भावनात्मक संबंध को अच्छा करें |

Conclusion

वेबसाइटहिंदी.कॉम के इस पोस्ट में नवजात शिशु का वजन कैसे बढ़ाएं? (Shishu Ka Vajan Badhan Eke Upay In Hindi) के बारे में बताया गया है | अगर आप बच्चे का वजन बढ़ाना चाहते है तो पोस्ट में बताये अनुसार उपाय जरुर करें या नजदीकी डॉक्टर से परामर्श करें |

पायरिया ठीक कैसे करें? घरेलु उपाय

पायरिया-ठीक-कैसे-करें
Payriya Thik Kaise Kare In Hindi

पायरिया ठीक कैसे करें? घरेलु उपाय इन हिंदी: दांतों में बैक्टीरिया फैलने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाती है जिसके वजह से Payriya रोग हो सकता  है |

आज के समय में दांतों में होनेवाली समस्या से हर कोई परेशान रहता है | क्यूंकि थोड़ी सी सावधानी नहीं वरतने से आपके दन्त पीला, नीला, काला और पायरिया जैसी समस्याओं के चंगुल में फंस सकता है | आइये वेबसाइटहिंदी.कॉम के पोस्ट में जानते है Payriya क्या है?

पायरिया-ठीक-कैसे-करें
Payriya Thik Kaise Kare In Hindi

पायरिया होने के मुख्य कारण

पायरिया होने के मुख्य कैरन निम्नलिखित है |

खून में खराबी आने के कारण पायरिया हो सकता है | यह तब होता है जब रक्त में दूषित अम्लीय बढ़ जाता है |

जब शरीर में भोजन ठीक से नहीं पचता है तो पायरिया होने की उम्मीद बढ़ जाती है | (इसे भी पढ़ें जवान लड़कियों की डाइट कैसा होना चाहिए?)

दांतों को समय पर देखभाल नहीं करने से दन्त में पायरिया रोग होने लगता है | इसीलिए हर रोज सुबह शाम दांतों की सफाई करनी चाहिए |

कुछ लोगो को गुटखा तम्बाकू खाने की आदते रहती है | जो लोग गुटखा तम्बाकू खातें है उनको पायरिया लगने की संभावना बढ़ जाती है |

मांसाहारी भोजन करने के बाद अच्छी तरीके से दांतों को सफाई नहों करने से आपका दन्त पायरिया से ग्रस्त हो सकता है |

हार्मोन्स में बदलाव होने के वजह से भी पायरिया होने की संभावना बढ़ जाती है | विटामिन सी और डी की कमी से पायरिया हो सकती है |

Payriya Rog के लक्षण

  • मसूढ़ों और दांतों में पस जमा होना |
  • मसूढ़ों से खून आना
  • दन्त हिलने लगता है |
  • साँस छोड़ते समय बदबू आना |
  • मसूढ़ों में सूजन होना |

 

पायरिया रोग के सरल ईलाज

आज के समय में पायरिया ठीक करने के लिए विभिन्न प्रकार के नुस्खे इस्तेमाल किये जाते है | परन्तु इस पोस्ट में मुख्य नुस्खे के बारे में जानकारी दिया गया है जिससे आपके दांतों से पायरिया ठीक होगा | (इसे भी पढ़ें दिल को मजबूत कैसे बनाये?)

पायरिया ठीक कैसे करें?

 

(1.) अदरक से पायरिया में फायदा |

अदरक का एक छोटा टुकड़ा को महीन कूट लें| इन टुकडो को 4-5 मिनट के लिए दांतों पर लगाये जहाँ पायरिया लगा हो | पांच मिनट बाद कुल्ला करके धो लें | अदरक से दांतों पर मसाज भी कर सकते है | (इसे भी पढ़ें हिलते दांत का उपचार घरेलु उपचार व नुस्खे |)

(2.) नारियल तेल से पायरिया से छुटकारा

नारियल तेल हर घर में रहता है | अगर आपको पायरिया हुआ है तो आधा चम्मच नारियल तेल और आधा चम्मच बेकिंग सोडा मिलाकर दांतों पर ब्रश की तरह यूज करें | फिर आप देखेंगे की आपका दन्त चमकने लगेगा |

(3.) पायरिया से छुटकारा निम्बू से करें  |

अगर आपको Payriya Rog हुई है तो निम्बू का आधा भाग काटकर दांतों पर मलिए | हर दिन इस प्रक्रिया को करने से पायरिया से छुटकारा होगा |  (इसे भी पढ़ें कान की सफाई करने का सही तरीका नुस्खे |)

(4.) नमक और सरसों का तेल

आधा चम्मच नमक में सरसों का तेल मिलाकर दांतों पर मलिए | इससे भी पायरिया कम होने लगता है |

 

Conclusion

वेबसाइटहिंदी.डॉट.कॉम पर पायरिया ठीक कैसे करें? (Payriya Thik Kaise Kare) घरेलु उपाय इन हिंदी: बताई गयी है | अगर आपके दांतों में पायरिया रोग है तो आप पोस्ट में बताये गए उपायों को करेंगे तो पायरिया से छुटकारा मिल सकता है |

Keyboard Function Keys क्या है? कंप्यूटर कीबोर्ड फंक्शन कीज के बारे में पूर्ण जानकारियां हिंदी में !

Computer Keyboard Function Keys
Computer Keyboard Function Keys

Computer Keyboard Function Keys क्या है? कंप्यूटर कीबोर्ड फंक्शन कीज (Complete Information About Computer Keyboard Function Keys) के बारे में फुल जानकारी जानने के लिए पूरा पोस्ट पढ़ें |

आज के समय में कंप्यूटर / लैपटॉप के बिना दुनियां के सभी कार्य अधुरा हैं | किसी न किसी कार्य में कंप्यूटर की आवश्यकता पड़ती ही है क्यूंकि कंप्यूटर से जल्दी और आसानी से कार्य संभव होतें है | अगर आप कंप्यूटर कीबोर्ड में फंक्शन कीज के बारे में जानना चाहते है तो यह पोस्ट आपके लिए उपयोगी है | ऐसे तो कंप्यूटर कीबोर्ड फंक्शन कीज को अलग – अलग फंक्शन और सॉफ्टवेयर में विभिन्न प्रकार से इस्तेमाल किया जाता है परन्तु हकीकत बताऊंगा की कंप्यूटर कीबोर्ड में Computer Keyboard Function Keys का यूज क्या है ?

Computer Keyboard Function Keys
Computer Keyboard Function Keys

कंप्यूटर कीबोर्ड फंक्शन कीज (Computer Keyboard Function Keys ) के बारे में पूर्ण जानकारी जानिए |

जैसा की आप जानते है कंप्यूटर कीबोर्ड में 12 फंक्शन कीज (F1, F2, F3, F4, F5, F6, F7, F8, F9, F10, F11, F12) होतें है जिसका उपयोग इस प्रकार है |

F1 फंक्शन कीज (Function Keys)

F1 कंप्यूटर का पहला कीय है | यह कंप्यूटर यूजर के लिए Helpful key हैं | अगर आप कोई ब्राउज़र या Notepad यूज करते समय F1 प्रेस करते है तो उस ब्राउज़र के Help Centre यानी की Support Team का पेज खुलेगा | यहाँ से आप Message या Feedback आसानी से Send कर सकते है | ये Key बहुत ही मजेदार हैं | इस कीय के सहारे बिना Support टीम का लिंक ढूंढे हेल्प पोर्टल पर Visit कर सकते हैं |

F2 फंक्शन कीज (Function Keys)

अगर आप कंप्यूटर पर कार्य करते है तो किसी भी फोल्डर या फाइल का नाम जरुर Change करते होंगे | इसके लिए उस फोल्डर पर Right क्लिक कर Rename पर क्लिक करना होता है इसके लिए कुछ टाइम अधिक लगता है | लेकिन F2 के मदद से कुछ समय बचा सकतें हैं | किसी भी फोल्डर का रीनेम बदलने के लिए उस फोल्डर पर क्लिक कर F2 दबाइए | ऐसा करने से Rename का आप्शन Open हो जायेगा . और आप आसानी से किसी भी फोल्डर या डाटा का नाम बदल सकतें है |

F3 फंक्शन कीज (Function Keys)

कंप्यूटर पर कार्य करते समय F3 प्रेस करने पर एक Search बॉक्स Open होता है जहाँ से आप आवश्यकता अनुसार कुछ भी सर्च कर सकतें है |

F4 फंक्शन कीज (Function Keys)

F4 बहुत बढियां Key है | अगर आप खुला हुआ एप्लीकेशन शॉर्टकट कीज से बंद करना चाहते है तो F2 + Alt कीज एक साथ प्रेस करें |

Shortcut कीज से कंप्यूटर Shut Down करना चाहते है तो डेस्कटॉप पर जाकर F2 + Alt प्रेस करें | यहाँ से Shut Down, Sign Out, Keep, Restart, Switch User का आप्शन मिलता है | उदाहरण: अगर आप रीस्टार्ट करना चाहते है तो Restart सेलेक्ट कर Ok बटन पर क्लिक करें |

F5 फंक्शन कीज (Function Keys)

इस फंक्शन कीज के माध्यम से किसी ब्राउज़र में खुले वेबसाइट को रिफ्रेश कर सकते है | मान लीजिए पहले से वेबसाइट ओपन है और रीलोड करना चाहते है तो F5 को प्रेस करें ऐसा करने से वेबसाइट फिर से रीलोड हो जायेगा |

F6 फंक्शन कीज (Function Keys)

  • इस फंक्शन Key को प्रेस कर साउंड कम कर सकते है |
  • अगर आप कोई वेबसाइट Open किये है तो F6 Press कर डायरेक्ट यूआरएल पर जा सकते है |

F7 फंक्शन कीज (Function Keys)

इस फंक्शन कीज को प्रेस कर वाल्यूम बढ़ा सकते है | अगर आप Ms Word या Wordpad इस्तेमाल करते है तो किसी गलत स्पेलिंग को ठीक करने के लिए F7 प्रेस करें | ऐसा करने से किसी भी Word का स्पेलिंग सुधरने में मदद मिलेगा |

F8 फंक्शन कीज (Function Keys)

सेफ मोड के आप्शन में जाने के लिए F8 प्रेस कर सकते है |

F9 फंक्शन कीज (Function Keys)

F9 (Key) का यूज कंप्यूटर में कोई ख़ास नहीं है लेकिन Ms Word में Shift और Alt के साथ प्रेस किया जा सकता है |

F10 फंक्शन कीज (Function Keys)

कंप्यूटर में इसका कोई खास यूज नहीं है लेकिन F10 दबाने पर Toolbar का आप्शन खुलेगा | अगर किसी Ms Word में F10 प्रेस करते है तो Copy, Past का आप्शन खुलता है |

F11 फंक्शन कीज (Function Keys)

अगर आप किसी ब्राउज़र को Full Screen में करना चाहते है तो F11 प्रेस करें | इसके बाद आसानी से फुल स्क्रीन या हाफ स्क्रीन में बदल सकते है |

F12 फंक्शन कीज (Function Keys)

लैपटॉप में Airplane Mode को On करने के लिए F12 प्रेस करें | ऐसा करने से Flight मोड Open होगा | अगर आप Ms Word को Save करना चाहते है तो F12 दबाकर कंप्यूटर में सेव कर सकतें हैं |

इस लेख में Computer Keyboard Function Keys क्या है? कंप्यूटर कीबोर्ड फंक्शन कीज के बारे में पूर्ण जानकारियां शेयर किया गया है | अगर आप कंप्यूटर / लैपटॉप इस्तेमाल कर रहें है तो 12 फंक्शन KEYS का यूज कर सकतें है |


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Fm Whatsapp डाउनलोड कैसे करें? नए सुविधा के साथ 2021 में |

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Fm Whatsapp download

2021 में Fm Whatsapp डाउनलोड करने का तरीका जानने के लिए पूरा पोस्ट पढ़ें | जैसा की आप जानते है व्हाट्सएप दुनियां का सबसे पॉपुलर Messaging App है जिसको सभी युवा इस्तेमाल करते है |

ओरिजिनल व्हाट्सएप तो सभी डाउनलोड करते है पर क्या आप एफ.एम व्हाट्सएप की ओर जाना चाहते है | क्यूंकि Fm Whatsapp है तो नकली पर इसमें Original Whatsapps से भी अधिक फीचर देखने को मिलता है |

Fm-Whatsapp-download
Fm Whatsapp download

Fm Whatsapp डाउनलोड करने का तरीका

जैसा की आपको बताया गया है Fm Whatsapp में अनेक फीचर दिए गए है जिसपर आज के युवा इसी के ओर आकर्षित हो रही है | Google के अनुसार इसे 4.1 की Reting भी प्राप्त है | यह एप गूगल Play Store पर Available नही है | इसको डाउनलोड करने के लिए ब्राउज़र का सहारा लेना होगा | (इसे भी पढ़ें लाल रक्त कोशिकाएं (Red Blood Cells) को घटने व बढ़ने के कारण !)

स्टेप 1

सबसे पहले Google में Fm Whatsapp सर्च करें | आपके सामने बहुत सारे वेबसाइट दिखाई देंगे | परन्तु आपको पहले वाला लिंक Gbapps.Net पर क्लिक करना है |

इसके बाद एफ.एम व्हाट्सएप का स्पेसिफिकेशन दिखाई देगा | थोडा सा स्क्रोल करके Download Fm Whatsapp Apk लिंक पर क्लिक करें |

FmWhatsapp

स्टेप 2

यहाँ पर कई लिंक दिखाई देगा इस व्हाट्सएप्प को डाउनलोड करने के लिए आपको किसी भी लिंक से डाउनलोड कर लेना है | हम Download Fm Whatsapp पर क्लिक करते है | इसके बाद डाउनलोड करने के लिए Permission देना होगा | इसके लिए Ok बटन पर क्लिक करें | (इसे भी पढ़ें whatsapp में two step verification Enable करके अकाउंट secure बनाये |)

अब आप अन्य Apk की तरह ही इसे Install करें | आपका एप यूज करने के लिए रेडी है |

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अकाउंट कैसे बनाये Fm Whatsapp में |

इस व्हाट्सएप और ओरिजिनल व्हाट्सएप की तरह ही अकाउंट बनाया जाता है | खाता बनाने के लिए एक मोबाइल नंबर की जरुरत होती है | जिसको Otp से वेरीफाई कर अकाउंट Successfully बना सकते है | (इसे भी पढ़ें Youtube Video Promoter App क्या है? यूटूब विडियो पर Views कैसे बढ़ाये |)

एफएम व्हाट्सएप अपडेट कैसे करें इन हिंदी

एफएम व्हाट्सएप अपडेट करने के लिए फिर से ब्राउज़र में जाकर  Download Fm Whatsap सर्च करना है | इसके बाद Apk File डाउनलोड कर इनस्टॉल करेंगे तो आपका एप नए वर्शन में अपडेट हो जायेगा |

एफएम व्हाट्स-एप्प डाउनलोड करने से पहले क्या करें ?

अगर आप पहली बार इस एप को डाउनलोड व इनस्टॉल करना चाहते है तो कुछ समय के लिए ओरिजिनल व्हाट्सअप्प को डिसएबल कर दें | अगर Disable नहीं करेंगे तो हो सकता है आप नए व्हाट्सएप को यूज न कर सकेंगे | (इसे भी पढ़ें Bharat Me Pratham Purush भारत में सबसे प्रथम पुरुष)

इस लेख में 2021 में Fm Whatsapp डाउनलोड करने का तरीका बताया गया है | अगर आप ओरिजिनल व्हाट्सएप से अधिक फीचर इस्तेमाल करना चाहते है तो एफएम व्हाट्स-एप्प को डाउनलोड व इनस्टॉल कर सकते है |

एनपीए (NPA) क्या है? फुल जानकारी हिंदी में !

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NPA

NPA क्या है N.P.A Full Form Npa Meaning In Hindi : अभी के समय में हर कोई एनपीए के बारे में जानना चाहता है क्यूंकि इसकी चर्चा जोरो पर है |

जैसा की आप जानते है जरुरत के हिसाब से लोन हर कोई लेना चाहता है इसी में लोन समय पर नहीं चुकता है तो बैंक उस फाइल को एनपीए करार देती है | वेबसाइटहिंदीडॉटकॉम के पोस्ट में आपको आसानी से पता चल जायेगा की NPA क्या है?

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NPA

NPA क्या है? व्हाट इज एनपीए

सरल भाषा में जानिए की जब कोई व्यक्ति बैंक से लोन लेकर समय पर नहीं चुकाता है तो उस रकम को बैंक के नियमो अनुसार एन.पी.ए करार दिया जाता है | NPA का पूरा नाम गैर निष्पादित सम्पति (Non-Performing Asset) है | (इसे भी पढ़ें Sbi इन्टरनेट बैंकिंग सेवा ऑनलाइन शुरू (activate) कैसे करे ?)

यह उस बैंक के स्थिति पर भी निर्भर करता है | जब कोई व्यक्ति लोन लेने के बाद बैंक को लगातार 3-5 माह तक EMI जमा नहीं करता है तो उस अकाउंट को NPA घोषित कर दिया जाता है | या किसी स्थिति में बैंक से कर्ज लेने के बाद Return भरना बंद कर दिया जाता है तो उस बैंक अकाउंट को Non-Performing Asset में शामिल कर दिया जाता है | अब आप समझ गए होंगे की NPA क्या है ? (इसे भी पढ़ें क्या है भीम यूपीआई आईडी ? फुल जानकारी हिंदी में !)

कर्ज का EMI नहीं जमा करने पर क्या होता है?

जब कोई व्यक्ति लोन लेता है तो उसके बदले प्रॉपर्टी दस्तवेज या अन्य डॉक्यूमेंट जमा करता है | समय पर लोन जमा नहीं करने पर बैंक आपके Property जप्त कर सकती है इसके बाद बैंक का मामला हो जाता है जिसके बाद वह नीलामी भी कर सकती है | (इसे भी पढ़ें Diksha App Selt Registration In Hindi / दीक्षा एप पर टीचर रजिस्टर कैसे करे 2021 में)

भारत में एनपीए की स्थिति

आज के समय में पहले के अपेक्षा N.P.A की स्थिति गिरावट की ओर है | मात्र दो वर्षो में 2% एनपीए में गिरावट हुई है | अगर इसी तरह चलता रहा तो तुरंत नॉन-परफोर्मिंग एसेट में सुधार होगा |

Conclusion

Websitehindi.Com के पोस्ट में NPA क्या है ? (N.P.A Full Form Npa Meaning In Hindi) के बारे में बताया गया है | अगर आपको यह जानकारी अच्छा लगे तो दोस्तों के पास शेयर करें |

किडनी फेल होने पर भोजन में क्या खाएं या न खाएं? – What To Eat In The Event Of Kidney Failure

किडनी-फेल

किडनी फेल होने पर भोजन में क्या खाएं? ये समस्या तब आती है जब मनुष्य के Kidney Failure हो जाती है | किडनियां शरीर के महत्वपूर्ण भाग होती है जिसको खराब होने के बाद शरीर में बहुत सारे समस्या के सामना करना पड़ता है | जिसके बाद लोग अन्य रोग से ग्रस्त हो जातें है |

मानव शरीर में किडनी फ़िल्टर की तरह कार्य करता है जिससे खून और पानी से विषाक्त पदार्थ इकठ्ठा होकर पेशाब के रास्ते बाहर निकल जातें है | Kidney हमारे शरीर में लाल रक्त कोशिकाए और शरीर को स्वास्थ्य बनाने में मदद करता है | किडनियां में खराबी आने से फास्फोरस, सोडियम, पोटैसियम, खनिज  और नमक का संतुलन बिगड़ जाता है |

किडनी-फेल

किडनी फेल होने पर भोजन में क्या खाएं या न खाएं? – What To Eat In The Event Of Kidney Failure

(इसे भी पढ़ें डिप्थीरिया के घरेलू उपाय और लक्षण)

 

Kidney Fail होने के बाद पानी पिने की मात्रा पर ध्यान दें|

जब किडनी खराब होने की स्थिति में हो या हो जाए तो पानी की मात्रा शरीर के वजन, आयु और स्थिति पर निर्भर करता है | आप अपने बीमारी के अनुसार पानी पिने की कोशिश कर सकते है | आपको जब भी पानी पीना है एक बार में 500 Ml या एक लीटर पानी न पिएं | जब भी पानी पिए घुटे-घुट पानी पिने की कोशिश करें | अगर आप पानी पिने के बारे में जानना चाहते है तो नूट्रिशनिस्ट से सलाह ले सकते है क्यूंकि वे आपके स्थिति के अनुसार बताएँगे |

किडनी फेल होने के बाद या गंभीर स्थिति में भोजन का चुनाव

जब आपको पता चल जाये की आपकी सेहत किडनी के कारण खराब हो रही है या किडनी खराब है तो डॉक्टर के कहे अनुसार भोजन करना चाहिए | अनाज में आप गेंहू और चावल से बनी भोजन आसानी से कर सकते है | (इसे भी पढ़ें डिलीवरी के बाद बाल झाड़ना कैसे रोके? सरल तरीका)

सब्जियां में लौकी, केला, मुली, खीरा, शिमला मिर्च, गोभी और परवल का सेवन कर सकते है | आप अपने आवश्यकता के अनुसार फल को भी खाने में शामिल करें | जैसे- पपीता, आनर इत्यादि |

 

किडनी समस्या में इन बातों पर ध्यान रखना चाहिए |

(1.)  हमेशा बासी भोजन के बदले ताजा और गर्म भोजन करना चाहिए |

(2.) जल्दी-जल्दी भोजन न करें |

(3.) हमेशा खुश रहने की कोशिश करें |
(4.) हो सके तो पुरे दिन में 4-5 बार भोजन अवश्य करें |

(5.) भोजन को निगलने के बजाये चबाकर खाएं |

(6.) सूर्योदय के पहले जागने की आदत डालें |

(7.) दिन और रात को भोजन करने के बाद लगभग 100 कदम टहलें |

(8.) रात्रि में भरपूर नींद लेने की कोशिश करें |

(9) सुबह का योगा भ्यास करें |

(10.) दांतों को साफ रखें |

 

किडनी के बीमारी में जीवनशैली पर ध्यान दें |

जीवन शैली सुधारने का मतलब आप अपने जीवन में स्वयं बदलाव करें | अधिक दौड़ भाग वाला व्यायाम न करें | अगर आप एक्सरसाइज करना चाहते है तो टहलना, घुमने जैसा क्रिया कर सकते है | दिन के अलांवा रात में सोने की आदतें डालें | भोजन उतना ही करें जितना आप पचा सको | तनाव और गुस्सा बिलकुल भी न करें |

(इसे भी पढ़ें ताकत बढ़ाने के मात्र 10 सामान्य घरेलु उपाय अपनाकर मर्दाना ताकत लौटाए |)

Conclusion

वेबसाइटहिंदी.कॉम के लेख में किडनी फेल होने पर भोजन में क्या खाएं? (kidney Fail Hone Par Kya Khaye) के बारे में डिटेल्स जानकारी शेयर किया गया है | अगर आप Kidney से परेशान है तो आपको दवा के साथ-साथ खाने पर भी ध्यान देना चाहिए |