पेप्टिक उल्सर (Peptic Ulcer) क्या है? कारण लक्षण और इसके रोकथाम के उपाय

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पेप्टिक उल्सर क्या है? (Peptic Ulcer Kya Hai) अल्सर के प्रकार और लक्षण, पेट के अल्सर की आयुर्वेदिक दवा (Natural Treatment Of Ulcer In Hindi) जानने के लिए पूरी पोस्ट पढ़ें |

पेप्टिक उल्सर मनुष्य के पेट के अन्दर एक प्रकार के जख्म (घाव) की तरह होता है | जिस प्रकार से मुंह में छाला जैसा घाव होता है उसी प्रकार भीतरी हिस्से की परत में, भोजन नली में तथा छोटी आंत छाला बन जाता है इसी को पेप्टिक उल्सर (Peptic Ulcer) कहा जाता है |

Peptic Ulcer kya hai hindi
Peptic Ulcer kya hai hindi

पेप्टिक उल्सर के कारण, लक्षण और उपचार हिंदी में (Mouth Ulcer In Hindi)

अल्सर के प्रकार और लक्षण जानना अत्यंत आवश्यक होता है क्यूंकि इसके प्रभाव से मनुष्य के पेट से छाती तक दर्द होता है |

Causes Of Peptic Ulcer – पेप्टिक उल्सर के कारण

शराब और सिगरेट का सेवन करने से अल्सर होता है (पेट में छाला होता है)
पाचन तंत्र की सुरक्षात्मक परत श्लेष्म को नष्ट होने से ये परेशानी होती है |
मसालेदार भोजन करने से |
तनाव में रहने से |
तेज मिर्च वाले मशाले का सेवन करने से |
कत्थे वाला पान का सेवन करते है |
धुम्रपान
काफी और चाय अधिक मात्रा में पीने से ये परेशानी हो सकती है |
रेडिएशन थेरेपी (Radiation Therapy) और आमाशय का कैंसर (Stomach Cancer)
एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स का सेवन
जल्दीबाजी में भिजन करना |
पाचन तरल पदार्थ (Digestive Fluids) के बीच असंतुलन होना |
खानपान की गलत आदतें
हेलिकोबैक्टर पायलोरी बैक्टीरिया का होना
दिनचर्या सही नहीं होना

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Peptic Ulcer Symptoms – पेप्टिक उल्सर के लक्षण

भूख कम लगना
साइन में दर्द होना
साँस लेने में दिक्कत होना
पेट के ऊपरी हिस्से में तेज दर्द होना
खाली पेट दर्द होना
वाहन घटना
उल्टी होना
सौच करते समय खून आना
मल काले रंग का होना
कभी-कभी उल्टी के स्थ खून का निकलना
घटो तक पेट में तेज दर्द होना

 

 

पेट के अल्सर की आयुर्वेदिक दवा और घरेलु उपचार

जब किसी मनुष्य के पेट में अल्सर पाया जाता है तो उन्हें दिनचर्या अनुशासित तरह ही बिताना चाहिए | इसके लिए किसी भी कार्य में जल्दीबजी करने से बचे |

जिस प्रकार मनुष्य को आठ घंटो तक नींद लेना चाहिए उसी प्रकार एक रोगी को भी कम से कम 8 से  10 घंटे तक अछे से नींद लेना चाहिए | समय पर सोना, भिजन समय पर करना और देर रात तक जागने से बचना चाहिए |

शराब, तेज मशाले, तीखी मिर्च का सेवन करने से बचना चाहिए | अधिक तला हुआ भोजन और चाय से बचना ही घरेलु दवाई जैसा कार्य करता है |

पेट के संक्रमण, गम और दंत के संक्रमण जैसी बिमारियों से बचाव के लिए बिस्मथ सबसैलिसिलेट (Bismuth Subsalicylate) नमक औषधि का इस्तेमाल करना चाहिए |

खाली पेट रहने से बचना चाहिए | समय – समय पर भिजन करना ही सही निर्णय है |

अमोक्सीसीलीन (Amoxicillin) और मेट्रोनिडाजोल (Metronidazole) टिबायोटिक्स दवाओं का सेवन करने से थेरेपी का विकास ट्रिपल थेरिपी के हानिकारक प्रभाव को कम किया जा सकता है |

ऑपरेशन से पेट में अल्सर (Ulcer Ka Operation Kaise Hota Hai) को आसानी से ठीक किया जा सकता है |

कहीं भी दर्द या बुखार होने पर अधिक मात्रा में दवाओं का सेवन करना गलत है हो सके तो समय – समय पर व्यायाम करें |

निष्कर्ष

इस लेख में पेप्टिक उल्सर (Peptic Ulcer) क्या है? कारण लक्षण और इसके रोकथाम के उपाय के बारे में सरल जानकारियां शेयर किया गया है | अगर आप पेट के अल्सर से परेशान है तो जल्द ही डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए वर्ना रोगी को मौत भी हो सकती है |


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1 thought on “पेप्टिक उल्सर (Peptic Ulcer) क्या है? कारण लक्षण और इसके रोकथाम के उपाय”

  1. आपने बोहोत अच्छी जानकारी शेयर की है। मैं हमेशा आपका ब्लॉग पढता रहता हूँ। आप ऐसे ही जानकारी हमें देते रहें।

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