deled course 510

Deled course 510 Assignment 2 Question With Answer

Deled course 510 Assignment 2 Question With Answer विज्ञानं शिक्षण के वर्णनात्मक , प्रसारण , खोज एवं जाँच उपागमो से संबंधित निम्नलिखित बिन्दुओं की एक उदाहरण की सहायता से व्याख्या कीजिए |
इस पोस्ट में Deled course 510 Assignment 2 के पहले प्रश्न का उत्तर लाया हूँ    इसे आप  असाइनमेंट कॉपी में  सकते हैं |

Deled course 510 Assignment 2 Question With Answer

Deled course 510 Assignment 2 के उत्तर |

Q. 1) विज्ञानं शिक्षण के वर्णनात्मक , प्रसारण , खोज एवं जाँच उपागमो से संबंधित निम्नलिखित बिन्दुओं की एक उदाहरण की सहायता से व्याख्या कीजिए |
  1. संरचना
  2. शिक्षण अधिगम प्रक्रिया
उत्तर :- शिक्षण के विभिन्न उपागमो के बिच संबंध
क्र.सं.
पैरामीटर
वर्णात्मक
खोज उपागम
जाँच उपागम / प्रक्रिया कौशल
1.
संकेत
सभी संकेत शिक्षक द्वारा दिए जाते हैं |
कुछ संकेत शिक्षक द्वारा दिए जाते हैं |
शिक्षक कोई संकेत नही देता हैं |
2
संरचना
उच्च संरचित
औसतन संरचित
कम संरचित
3
शिक्षण अधिगम प्रक्रिया
पूर्णत: शिक्षक केन्द्रित
मामूली रूप से शिक्षक केन्द्रित
पूर्ण: शिक्षार्थी केन्द्रित
exel document ko protechted password se surakshit kaise rakhe
तीनो उपागम परस्पर अनन्य नहीं है एक दुसरे से संबंधित हैं | तीनो उपागम संकेत , संरचना , शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में शिक्षक और शिक्षार्थी के भूमिका में अलग हैं | वर्णात्मक उपागम में सभी संकेत शिक्षक द्वारा दिए जाते हैं | निगमनात्मक सोंच जिसमे अमूर्त विषय वास्तु शिक्षक द्वारा शिक्षार्थियों को उपयुक्त उदाहरण देकर संभेदित की जाती हैं | शिक्षण अधिगम प्रक्रिया पूरी तरह से शिक्षक द्वारा नियंत्रित की जाती हैं खोज उपागम में शिक्षक अधिगम सामग्री के रूप में शिक्षार्थियों को संकेत देता हैं | और शिक्षार्थियों से आशा की जाती हैं की वे आग्नातामक सोंच द्वारा अवधारण या समंयीकारण को खोज निकालें | इस प्रकार शिक्षण अधिगम प्रक्रिया आंशिक रूप से शिक्षक द्वारा नियंत्रित की जाती हैं और शिक्षार्थी काफी हद तक इस प्रक्रिया में शामिल होते हैं | जाँच उपागम में शिक्षार्थियों को एक समस्या या एक प्रतिकूल घटना दे जाती हैं | शिक्षार्थी आंकड़े एकत्र करने के लिए शिक्षक से प्रश्न पूछते हैं और इस प्रश्न उत्तर के माध्यम से दी गई समस्या का हल या प्रतिकूल घटना का स्पस्टीकरण धुनधते हैं | इस उपागम में शिक्षक अधिगम प्रक्रिया पूर्णत: शिक्षार्थियों के नियंत्रण में होती हैं |

 

एक शिक्षक के रूप में हमे शिक्षा के सभी स्तरों पर , साडी विषय वास्तु में तथ्य , अव्धार्नाये नियम पढ़ने होते हैं | हैदर्सन ने गणित के शिक्षको से हजारो आडियोतोपो का व्यस्थित रूप से विश्लेषण करना | उसने किसी भी नियम को पढ़ने के लिए चार सामान्य शिक्षण के रस्ते पहचाने |
नियम कथन (sr) – नियम का कथन शिक्षार्थी या शिक्षक , किसी के द्वारा हो सकता हैं |
नियम का स्पस्टीकरण (cr) – उदाह्रानो , प्रदर्शनों , सबूतों के होने का प्रमाण , उप नियम की चर्चा के प्रयोग द्वारा |
नियम का औचित्य (jr) – यह क्रिया ज्ञान की सच्चाई पहचानती हैं , क्रास , प्रूफ , विशेषताओं की रे |
नियम का प्रयोग (ar) – यह पक्का करने के लिए की शिक्षार्थी सीखे हुए नियमो को दूसरी परिस्थितियों में प्रयोग कर सकते हैं | उन्हें कुछ अभ्यास जरुर करवाना चाहिए |
ऊपर दिए गए क्रियाओं का प्रयोग करके और इन क्रियाओं के क्रम को बदल कर विभिन्न विधियाँ उत्पन्न की जा सकती हैं | संक्षिप्त में कहे तो ये तीनो उपागम अन्य नही हैं बल्कि एक दुसरे से संबंधित हैं | इसीलिए यह बेहद जरुरी हैं की प्रत्येक शिक्षक इन क्रियाओं से भली प्रकार परिचित हो ताकि विषय वास्तु , संसाधनों  की उपलब्धी , समय आदि के अनुसार वह उपयुक्त विधि का चुनाव कर कक्षा में बाधा सके | संक्षिप्त विषय में विधि की अवधारणा को गणितीय समीकरण के रूप में इस प्रकार लिखा जा सकता हैं |
निम्न स्तरीय – उच्च स्तरीय उद्देश्य
अकेले बात करना – दो शिक्षार्थियों को – शिक्षार्थियों के मध्य अंत: क्रिया बिच बात
विषय वास्तु का ज्ञान – ज्ञान एक अंतिम उत्पाद के रूप में – ज्ञान एक प्रक्रिया के रूप में |
एक जैसी सोंच – अलग – अलग तरह की सोच
राटना – अधिगम में परांगत होना
शिक्षा केन्द्रित – शिक्षार्थी केन्द्रित
कुछ इकाइयाँ ऐसी होती हैं जिन्हें खोज बिधि या जाँच विधि द्वारा पढाया जा सकता हैं | यदि शिक्षक कुल शिक्षण अवधि का १५ % से २० % समय भी इन दो विधियों पर लगाये तो कक्षा का वातावरण रुचिकर और स्प्फुरती दायक बन जायेगा |
———————*—————————-*———————–
Deled course 510 Assignment 2 Question With Answer

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.