वज्रदंती के फायदे – Benefits And Side Effects Of Vajradanti In Hindi

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वज्रदंती (Vajradanti) क्या है? यूज करने के फायदे हिन्दीमें जानने के लिए पूरा पोस्ट पढ़िए | इस पोस्ट में वज्रदंती के फायदे के बारे में शेयर किया गया है| (Vajradanti In Hindi)

वज्रदंती औषधि का वैज्ञानिक नाम बारलेरिया प्रियोनाइटिस है जिसका जड़, फूल और छाल को प्रयोग में इस्तेमाल कर सकते है | यह औषधि उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में अधिक पाया जाता है | यह पौधा सूजन तथा मसूड़ों से सबंधित समस्या के लिए इस्तेमाल कर सकते है |

वज्रदंती-के-फायदे
Vajradanti

वज्रदंती के फायदे – Benefits Of Vajradanti

वज्रदंती का इस्तेमाल बहुत सारे स्वास्थ्य के फायदे में उपयोग किया जाता है | जो इस प्रकार निम्नलिखित है |

  • मुत्रवर्धन
  • सूजन कम करने के लिए वज्रदंती का उपयोग कर सकते है |
  • गले और नाक के संक्रमण के लिए
  • बलगम निकालने में
  • एस्ट्रीनजेंट – Astringent
  • गठिया
  • सूजन

 

Benefits Of Vajradanti

(1.) बालों की समस्या

अगर आपके` बाल सफेद हो रही है तो परेशान होने की आवश्यकता नहीं है | तिल के तेल में Vajradanti का प्रयोग कर इसका लाभ ले सकते है | अगर आप लगातार प्रयोग करते है तो बालों को सफेद होने से रोक सकते है | (इसे भी पढ़ें केमिकल से जलने पर क्या करें?)

(2.) खांसी में फायदेमंद है वज्रदंती

कुछ लोग खांसी और बलगम के समस्या से परेशान रहते है उस समय आपको वज्रदंती का उपयोग करना गलत नहीं होगा | आप मात्र वज्रदंती का इस्तेमाल कर अपने आप कोई फायदे पहुंचा सकते है | इस औषधि को खांसी के साथ – साथ अस्थमा में भी इस्तेमाल किया जा सकता है |

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(3.) प्रजनन क्षमता को बढ़ाने में प्रयोग करें वज्रदंती

अगर किसी को शुक्राणुओं की कमी हो जाये तो परेशान होने से बेहतर है की आप वज्रदंती के पत्तियों तथा जड़ों का इस्तेमाल करें | महिला हो या पुरुष प्रजनन क्षमता को बढ़ाने के लिए वज्रदंती (Vajradanti In Hindi) का प्रयोग कर सकते है | (इसे भी पढ़ें बांस के फायदे और नुकसान)

(4.) त्वचा के समस्याओं में उपयोगी है वज्रदंती

आये दिन लोगो को खुजली, एक्जीमा, मुहांसे, फोड़े- फुंसी होते रहती है | ऐसे में खुजली हो जाये तो वज्रदंती के पत्तियों को पेस्ट बनाकर प्रभावित जगहों पर लगाने के बाद आप अपने त्वचा से सभी समस्या ठीक कर सकते है |

दाद खुजली को ख़त्म करने के लिए वज्रदंती के जड़ आपके लिए लाभदायक है | वज्रदंती के जड़ को कूटकर निम्बू के रस में मिलाये और प्रभावित जगहों पर लगाना है | इससे त्वचा में बहुत फायदा मिलेगा | (इसे भी पढ़ें अधिक थकान क्यों होती है?)

(5.) गठिया और जोड़ो के सूजन में इस्तेमाल करें वज्रदंती

अगर किसी व्यक्ति को गठियां और खुजली जैसी समस्या है तो वज्रदंती के पौधों का काढ़ा बनाकर सेवन करने से बहुत आराम मिलेगा | अधिक से अधिक समझने के लिए आयुर्वेद विशेषज्ञ से सलाह ले सकते है |

इस पोस्ट में बताये गए जानकारी केवल जानने व समझने के लिए शेयर किया गया है | लेख में बताये गए उपायों को रोगी के स्थिति और उम्र के अनुसार सोंच समझकर करें या नजदीकी डॉक्टर से सलाह ले सकते है | (इसे भी पढ़ें Create New Ads Campaigns In Hindi – फर्स्ट काम्पैग्न्स क्रिएट कैसे करें?)

वज्रदंती के दुष्प्रभाव हिंदी में

अगर आप वज्रदंती का इस्तेमाल करना चाहते है तो पहले रोगी के हालात , आयु और स्थिति देखकर ही करें | अगर आप डोज से कम या ज्यादा औषधि का सेवन करते है तो नुकसान भी हो सकता है |

 

Conclusion

इस पोस्ट में वज्रदंती के फायदे और दुष्प्रभाव हिंदी में (Benefits And Side Effects Of Vajradanti In Hindi) बताया गया है | मुझे उम्मीद है यह जानकारी पसंद आया होगा | अगर आपको अच्छा लगे तो वेबसाइट हिंदी का अन्य पोस्ट भी पढ़ें |

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