Bpsc Syllabus For Bihar Head Teacher 2023 (प्रधान शिक्षक सिलेबस)

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Bpsc Syllabus For Bihar Head Teacher 2023 Pdf: अगर आप बिहार के हेड टीचर का फॉर्म भर चुके  है और तैयारी करने के बारे में सोंच रहें है तो आप सही वेबसाइट पर है. इस Website पर BPSC Head Teacher Syllabus & Exam Pattern 2022 के बारे में बताया गया है.

इस लेख में यह भी बताया गया है की एग्जामिनेशन की तैयारी करने के लिए Bpsc Head Teacher Book में कौन – कौन सी ईकाई पढना अनिवार्य है. इस पोस्ट में सामान्य अध्ययन और Deled कोर्स पाठ्यक्रम से पूछे जाने वाले ईकाई के बारे में डिटेल्स शेयर किया गया है.

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Bpsc Syllabus For Bihar Head Teacher 2023

जैसा की आपको पता है सामान्य अध्ययन से पूर्णांक – 75 और डी.एल.एड से पूर्णांक – 75 अंक का सिलेबस तैयार किये गए है. यानि की आप बिहार प्रधान शिक्षक के परीक्षा में बैठने से पहले इस सिलेबस को रीड आउट जरुर करें.

सिलेबस पाठ्यक्रम (प्रधान शिक्षक)

सामान्य अध्ययन (पूर्णांक – 75)

इस विषय में ज्ञान विज्ञान के निम्नलिखित क्षेत्रों से सम्बन्धित प्रश्न होंगेः-

  1. सामान्य विज्ञान
  2. राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व की समसामयिक घटनाएँ.
  3. भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन तथा इसमें बिहार का योगदान.
  4. भूगोल
  5. भारतीय राजव्यवस्था
  6. प्रारम्भिक गणित और मानसिक क्षमता परीक्षण

 

पाठ्यक्रम (डी.एल.एड) Syllabus (पूर्णांक – 75)

ईकाई-1

  1. बच्चे तथा बचपन : सामाजिक, सांस्कृतिक तथा ऐतिहासिक समझ |
  2. बाल अधिकारों का संदर्भ : उपेक्षित वर्गों से आनेवाले बच्चों पर विशेष चर्चा के साथ
  3. शिक्षा, विद्यालय और समाज : अंतर्सम्बंधों की समझ
  4. विद्यालय में समाजीकरण की प्रक्रिया : विभिन्‍न कारकों की भूमिका व प्रभाओं की समझ
  5. शिक्षा : सामान्य अवधारणा; उदेश्ध. एवं विद्यालयी शिक्षा-की प्रकृति
  6. शिक्षा को समझने के विभिन्‍न आधार/दृष्टिकोण : दर्शनशास्त्रीय, मनोवैज्ञानिक, समाजशास्त्रीय, शिक्षा का साहित्य, शिक्षा का इतिहास, आदि |
  7. ज्ञान की अवधारणा : दार्शनिक परिप्रेक्ष्य

ईकाई-2

  1. महात्मा गाँधी-हिन्द स्वराज : सामाजिक दर्शन और शिक्षा के संबंध को रेखांकित करते हुए
  2. गिजुभाई बधेका- दिवास्वपन  : शिक्षा में प्रयोग  के विचार को रेखांकित करते हुए
  3. रवीन्द्रनाथ टैगोर-शिक्षा : सीखने में स्वतंत्रता एवं स्वयत्तता की भूमिका का रेखांकित करते हुए
  4. मारिया मांटेसरी-ग्रहणशील मन पुस्तक से विकास के क्रम शीर्षक अध्याय: बच्चों के खीखेनें के संबंध में विशेष पद्धति को रेखांकित करते हुए
  5. ज्योतिबा फुले-हंटर आयोग (1882) को दिया गया बयान : शैक्षिक, समाजिक एवं सांस्कृतिक असमानता को रेखांकित करते हुए.
  6. डॉ० जाकिर हुसैन-शैक्षिक लेख: बाल-केन्द्रित शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए
  7. जे० कृष्णमूर्ति-‘शिक्षा क्या है’ : सीखने-सिखाने में संवाद की भूमिका को रेखांकित करते हुए
  8. जॉन- डीवी-शिक्षा और लोकतंत्र से ‘जीवन की आवश्यकता के रूप में शिक्षा’ शीर्षक लेख: शिक्षा और समाज की अंतःक्रिया को रेंखांकित करते हुए

ईकाई -3

  1. पाठ्यचर्या तथा पाठ्यक्रम: अवधारणा तथा विविध आधार.
  2. पाठ्यचर्या में कार्य और शिक्षा की भूमिका: कार्यकेन्द्रित शिक्षणशास्त्रें की समस्या.
  3. बचपन को प्रभावित करने वाले मनोसामाजिक कारक
  4. बाल विकास : अवधारणा, विकास के विविध आयाम, प्रभावित करनेवाले कारक
  5. वृद्धि एवं विकास : अंतर्सम्बंधों की समझ, अध्ययन के तरीके.
  6. बच्चों के शारीरिक एवं मनोगत्यात्मक विकास की समझ
  7. सृजनात्मकता : अवधारणा, बच्चों के संदर्भ में विशेष महत्त्व
  8. खेल से आशय : अवधारणा, विशेषता, बच्चों के विकास के संदर्भ में महत्त्व
  9. व्यक्तित्व विकास के विविध आयाम : एरिक्सन के सिद्धांत का विशेष संदर्भ.
  10. बच्चों में भावनात्मक / संवेगात्मक विकास का पहलू : जॉन बाल्बी का सिद्धांत एवं अन्य विचार
  11. नैतिक विकास और बच्चे : सही-गलत की अवधारणा, जीन पियाजे तथा कोहलबर्ग का सिद्धांत

इकाई – 4

  1. ईसीसीई की आवश्यकता एवं उदेश्य.
  2. एक संतुलित तथा संदर्भयुक्त ईसीसीई पाठ्यचर्या की समझ
  3. ईसीसीई पाठ्यचर्या के लघु एवं दीर्घकालिक उदेश्य तथा नियोजन
  4. कक्षा में विकासोनूकूल, बाल केन्द्रित तथा समावेशी वातावरण निर्माण
  5. प्रारंभिक वर्षों में विकास के विभिन्‍न आयाम एवं अधिगम
  6. विशेष आवश्यकता वाले (दिव्यांग) बच्चें तथा प्रारंभिक बाल्यावस्था देंखभांल और शिक्षा
  7. शारीरिक शिक्षा: अवधारणा एवं महत्त्व
  8. बिहार में प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा की वर्तमान स्थिति
  9. राज्य में प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा की चुनौतियाँ एवं नवाचार
  10. राज्य में विद्यालय की तैयारी में संस्थाओं की (अकादमिक व सामाजिक) अपेक्षा

 

ईकाई – 5

  1. विद्यालय संस्कृति के संगठनात्मक पहलू : अवधारणा, संरचना एवं घटकों की आलोचनात्मक समझ
  2. शिक्षा के अधिकार के अंतर्गत विद्यालयी व्यंवस्था में परिवर्तन
  3. समावेशी शिक्षा के अनुरूप विद्यालय संगठन व प्रबंधन
  4. कला समेकित शिक्षा के माध्यम से विद्यालयी परिवेश एवं कक्षायी शिक्षण में बदलाव?
  5. कक्षा-कक्ष शिक्षण की प्रकृति : परम्परागत, बाल-केन्द्रित, लोकतांत्रिक, सृजनात्मक, आदि.
  6. पाठ्य-सहगामी वे सह-शैक्षिक क्रियाएँ : महत्त्व, योजना एवं क्रियान्वयन (गतिविधियाँ, कला, खेल इत्यादि)
  7. विद्यालय में आकलन एवं मूल्यांकन की व्यवस्था : सतत्‌ एवं व्यापक आलकन, प्रगति पत्रक
  8. शिक्षक वृतिक विकास : अवधारणा, आवश्यकता, नीतिगत विमर्श सीमाएँ
  9. विद्यालय में नेतृत्व व्यवस्था और शिक्षक : प्रशासनिक, सामूहिक, शिक्षणशास्त्रीय, परिवर्तनकारी

ईकाई -6

 

  1. निकटवर्त्ती जिला स्तरीय संस्थाएं: संकुल संसाधन केन्द्र (सी.आर.सी), प्रखण्ड संसाधन केन्द्र (बी.आर.सी.), जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), प्रारंभिक शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय (पी.टी.ई.सी)
  2. राज्य स्तरीय संस्थाएँ : राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद्‌ (एस.सी.ई.आर.टी.), बिहार शिक्षा परियोजना परिषद्‌ (बी.ई-पी.सी.), बिहार विद्यालय परीक्षा बोर्ड (बी.एस.ई.बी.), बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड (बीःएस:एस.बी.), बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड (बी.एस.एमई.बी.), बिहार मुक्त विद्यालयी शिक्षण एवं परीक्षा बोर्ड (बी.बी.ओ.एस.ई.)
  3. राष्ट्रीय स्तर की संस्थाएँ : राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद्‌ (एन.सी.ई.आरटी), केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सी.बी.एस.ई.), राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान (एन.आई.ई.पी.ए)) राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद्‌ (एन.सी.टी.ई)

इकाई – 7

  1. भारतीय समाज में स॒मावेशन और  अपवर्जन के विभिन्‍न रूप (हाशिए का समाज, जेण्डर, विशेष आवश्यकता वाले बच्चें-दिव्यांगजन)
  2. कक्षाओं में विविधता और असमानता की समझ : पाद्यचर्यात्मक और शिक्षण शास्त्रीय संदर्भ
  3. समावेशी शिक्षा के लिए आकलन की प्रकृति एवं प्रक्रिया
  4. समावेशी शिक्षा में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों का संदर्भ : ऐतिहासिक विकास, वर्तमान स्थिति, चुनौतियां, बिहार का संदर्भ.
  5. शिक्षा व्यवस्था व विद्यालय में प्रचलित जेण्डर विभेद : पाठ्यचर्या/ घाठ्य-पुस्तकें, कक्षायी प्रक्रियाओं विद्यार्थी-शिक्षक (स्टूडेंट-टीचर इन्टरैक्शन) संवाद के विशेष संदर्भ में
  6. जेण्डर संवेदनशीलता और समानता में शिक्षा की भूमिका.
  7. समता, समानता और सामाजिक न्याय के लिए शिक्षा: अवधारणा, आवश्यकता एवं अवरोध
  8. शिक्षकों की अस्मिता : सममालीन विमर्श, एक आदर्श शिक्षक की संकल्पना

ईकाई – 8

  1. शाष्ट्रीय पाठ्यचर्चा की रूप रेखा – 2005 व बिहार पाद्यचर्या की रूप रेखा – 2008 के विशेष संदर्भ में विज्ञान, पर्यावरण, गणित, भाषा एवं सामाजिक विज्ञान शिक्षण शास्त्र की समक्ष
  2. शिक्षण-अधिगम में ऑडियॉ-विडियो, मल्टीमीडिया साधनों की महत्ता तथा उपयोग
  3. सीखने की योजना एवं विद्यालय के अन्य कार्य के-साथ आई0सी0टी0 का एकीकरण

निष्कर्ष (Conclusion)

इस लेख में Bpsc Syllabus For Bihar Head Teacher 2023  के बारे में Syllabus के बारे में डिटेल्स शेयर किया गया है. इस पोस्ट में यह भी बताया गया है की आप परीक्षा की तैयारी कैसे करेंगे. यदि आप हेड टीचर के नौकरी करना चाहते है तो इस पोस्ट को पूरा पढ़ें.

इस पोस्ट में डीएलएड के 8 ईकाई के बारे में बताया हूं इसको पढने के बाद 100 % सवालों का उत्तर मिल जायेगा. अधिक्क जानकारी के लिए आप हमारे Website Hindi यूटूब Channel को Subscribe जरुर करें.

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