websitehindi channel

Breastfeeding (स्तन पान) संबंधी आम समस्याएँ एवं उनका निवारण

Breastfeeding स्तन पान संबंधी आम समस्याएँ एवं उनका निवारण – स्तनपान के लक्षण , Breast feeding में होनेवाली समस्या के निवारण.

आज के समय में स्तनपान से लगभग सभी महिलाएँ परिचित होती है अगर आप महिला है तो भी आपको भी इन सभी बातों को जानना बहुत आवश्यक है हालाँकि लगभग सभी महिलाएँ इस परेशानी और परिस्थिति से परिचित होती है |

Breastfeeding-hindi
Breastfeeding-hindi

अक्सर देखा जाता है कुछ महिलाये को अपने बच्चों को स्तनपान कराने में कुछ समस्याएँ आती है जिसके बारे में जानकारी नहीं होने के कारण वह कुछ निवारण नहीं कर पाती है |

कुछ महिलाये समस्या को झेलना पसंद करती है लेकिन किसी अनुभवी या डॉक्टर से शेयर नहीं करना चाहती  क्यूंकि चुचक महिला के प्राइवेट भाग होता है |


Breastfeeding (स्तन पान) संबंधी लक्षण एवं उनके निवारण

चुचुक – शोध sore nippals

इसमे महिलाये स्वच्छता पर ध्यान नही देती है | वह यैसा ही वस्त्र पहनती है जो उनके साइज़ का नहीं है | निप्पल को बार – बार साबुन से धोना | शिशुओं द्वारा निप्पलों का त्रुटिपूर्ण स्तिति में चूसने से यह परेशानी होती है | जब शिशु सपन पान करता हो उस स्थिति में जोर देकर अलग कर देना |

लक्षण

इस स्थिति में महिलाएँ को अत्यधिक परेशानी झेलना पड़ता है इसमे महिला के निप्पल सूज जाते है और अधिक पीड़ा होती है जिससे निप्पल को स्पर्श करने से सहन नही होती है | (इसे भी पढ़ें वज्रदंती के फायदे – Benefits And Side Effects Of Vajradanti In Hindi)

समस्या के निवारण

  1. दिन में निप्पल को एक या दो बार साबुन से साफ कर सकते है |
  2. कुछ महिलाये शिशु को जब मन तब खींचकर अलग कर देती है ऐसा बिलकुल न करें | जब जक शिशु स्तन से दूध पीकर छोड़ न दे तबतक अलग न करें |
  3. शिशु को दूध पिलाने का तरीका को जानना चाहिए | शिशु को दूध पिने की तकनीक और स्थिति में सहायता करना चाहिए |

Cracked nippals फटा निपल्स

ऐसा समस्या तभी आती है जब शिशु त्रुटिपूर्ण ढंग से चुचुक चूसता है |

लक्षण

कुछ महिलाये के निप्पलों की त्वचा  क्षत – विक्षत होती है मतलब उनके त्वचा में दरार बन जाती है |

समस्या का निवारण

  1. दरकदर या क्षतिग्रस्त निप्पलस में मुलायम आयली जैसे घी या दूध के मलाई लगानी चाहिए |
  2. पर्याप्त वायु लगनी चाहिए |
  3. सूर्य के रौशनी लगना चाहिए |

Engoegement अतिपुरण

अतिपुरण की समस्यां तभी होती है जब महिला शिशु को दूध पिलाने के तरीका को नहीं जानती है | इस स्थिति में कुछ महिलाये मानसिक रूप से शिशु से निप्पल चुस्वाने के लिए तैयार नहीं होती है | कुछ समस्या के कारण शिशु दूध नहीं पी पता है इससे भी यह समस्याएँ होती है |

लक्षण

मानसिक रूप से निप्पल चुसवाने का मन नहीं करना , स्तन से पर्याप्त मात्र में दूध का न होना | उसमे अत्यधिक मात्र में पीड़ा होना | (इसे भी पढ़ें गुड़मार के फायदे और नुकसान)

समस्या का निवारण

  1. स्तन पान कराने के तरीका को जानना आवश्यक है | स्तनपान के विधियों को जाने |
  2. कुछ बच्चे निप्पल को चूस नही पते है इस स्थिति में माँ को चाहिए की स्तनों को बार – बार दबाकर दूध निकाले | इससे शिशु को आहार भी मिल जायेगा |
  3. माँ को चाहिए की दिन और रात में पर्याप्त मात्र में बार – बार शिशु को Breastfeeding कराये |

Blocked Duct अवरुद्ध नलिका

कुछ महिलाये व्यक्तिगत स्तन के स्वच्छता पर ध्यान कम देती है और स्तन पान कराने में बिलम्ब करती है यानि वह दूध कभी – कभी पिलाती है | वह त्रुटिपूर्ण तरीके से भी Breastfeeding कराती है | (इसे भी पढ़ें दमबेल क्या है? Dambel के फायदे और नुकसान hindi me)

लक्षण

स्तनों में ऊत्तक खंडो में व्यवस्थित होती है तथा प्रत्येक खंड से नलिका बहार निकलती है | इन नलिकाओं को अवरुद्ध होने पर स्तन में एक वेदनायुक्त पिंड का बनना |

समस्या का निवारण

  1. जब भी महिलाये स्तन पान कराये उसके पहले निप्पलस को हल्के हाथ से मालिश करना चाहिए |
  2. निप्पल कोमल और मुलायम त्वचा होती है इसकी सफाई आराम से करें |
  3. माँ को स्तन पान की आवृति बढ़ानी चाहिए |

अब आप Breastfeeding (स्तन पान) में आम समस्या के लक्षण और निवारण के बारे में जानकारी प्राप्त कर चुके होंगे |

2 thoughts on “Breastfeeding (स्तन पान) संबंधी आम समस्याएँ एवं उनका निवारण”

  1. Hari Shankar Prasad

    Sir 16.1.19ko dled Ke ek group me paper kata peice ka message aaya jisme likha 1.2.19 se 514ka practice teaching district Ke nios Ke study center per karaya jayega. Per jab hum coordinator se poochhe to wo bole ye Ranchi Ke lie hai. PLEASE SIR BATA YE YE KAISA MESSAGE HAI AUR RANCHI KE LIE HI KIU HAI.

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Scroll to Top