विद्यालय चलो केंद्र (Vidyalaya Chalo Kendra) के बारे में फुल जानकारी

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विद्यालय चालो केंद्र क्या है? और इनकी शुरुआत कब हुई थी | अगर आप विद्यालय चलो केंद्र (Vidyalaya Chalo Kendra) के अंतर्गत कार्य कर चुके है तो आपको पता ही होगा यह किस तरह का संस्थान है | क्या विद्यालय चालो के अंतर्गत कार्य करने वाले अभी भी बेरोजगार है |

जैसा की आपको पता है भारत देश में हमेशा की तरह कार्य करने के लिए एक वर्ष , 2 वर्ष या तीन वर्ष अवधि के लिए शिक्षित व्यक्ति को कार्य करने के लिए रखा जाता है | जिस तरह से शिक्षा मित्र में बहुत सारे महिलाएं और पुरुष शिक्षक के पोस्ट पर नियुक्त हुए उसी तरह विद्यालय चलो केंद्र (Vidyalaya Chalo Kendra) के अंतर्गत बहुत सारे उम्मीदवारों को नियुक्त किया गया था |

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विद्यालय चालों संस्थान के अंतर्गत कई हप्ते ट्रेनिंग देने के बाद विद्यालय चलो शिक्षक को गाँव के टोला या स्कूल में नियुक्त किया गया| | इसके बाद एक वर्ष से अधिक काम करने वाले शिक्षिका को वेतन भी प्रदान किया गया है | ऐसे में शिक्षको के पास कोई खास ठिकाना नही है की वे अपना जीवन पालन कर सके |

विद्यालय चालो केंद्र क्या है? Vidyalaya Chalo Kendra Kya Hai?

विद्यालय चलो केंद्र सरकार का ही उपकर्म है जिसको बिहार के सभी जिलो से 2006 में शुरू किया गया था | इस संस्था के तहत पढ़े – लिखे महिलाओं को ट्रेंड करना था | 1 महीने ट्रेनिंग करने के बाद नजदीकी स्कूल में नियुक्त किया गया |

एक वर्ष पढ़ाने के बाद इन सभी कार्यकर्त्ता को समय और वादे अनुसार पैसे दिए गए | लेकिन एक वर्ष के बाद किसी भी तरह के नौकरी इन्हें नहीं मिला | अब बात करें इन कार्यकर्ताओं को तो वे सभी वेरोजगार है | (इसे भी पढ़िए Nios Exam देने से पहले क्या करें?)

विद्यालय चलो केंद्र द्वारा ट्रेनिंग सर्टिफिकेट

विद्यालय चलो द्वारा ट्रेनिंग सर्टिफिकेट कार्यालय समन्वयक प्रखंड संसाधन केंद्र द्वारा जारी किया गया | यह प्रमाण पत्र सभी ट्रेनिंग करने वाले व्यक्ति को दिया गया ताकि वे अपने क्षेत्र के स्कूल में जोइनिंग कर सके | (इसे भी पढ़िए Ignou Bsc Admission Online कैसे करें?)

वही जिला मुख्यालय (बिहार शिस्खा परियोजना ) से एक प्रमाण पत्र दिया गया जिसमें यह बताया गया है की आपने कितने सेवा काल तक नौकरी की |bihar vidyalau chalo kendra

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सर्टिफिकेट में लिखे गए काक्य

बिहार शिक्षा परियोजना रोहतास , फजल गंज सासाराम

प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी / विद्यालय शिक्षा समिति प्रधानाध्यापक के प्रतिवेदन के आधार पर

प्रमाण पत्र बनाया गया है | इस प्रमाण पत्र पर जिला शिक्षा अधीक्षक का हस्ताक्षर और मुहर लगा है |

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कार्यानुभव भेजे गए प्रखंड स्तरों पर आवेदन की सूची |

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संतोष कुमार

अनिल कुमार

अरबिंद कुमार राम

पूनम देवी

अतुल कुमार

नागेन्द्र प्रसाद

संतोष कुमार सिंह

प्रेमचंद राम

उमाकांत

पूनम देवी

राजेंद्र प्रसाद

अजय कुमार

राम लायक राम

गीता देवी

आरती कुमारी

संतोष कुमार

रीना कुमारी

गुलाब दस

कपिलदेव पांडे

सरोज कुमार

कबिता कुमारी उपाध्याय

सरोजबाला देवी

सब्नम प्रवीन

सुनीता कुमारी

रंजू कुमारी

शीमा कुमारी

धर्मशीला कुमारी

किरण कुमारी

सुनीता कुमारी

उषा कुमारी

विणा देवी

सुजाता कुमारी

जयप्रभा कुमारी

रीता देवी

सुनीता कुमारी

यहाँ पर मात्र एक प्रखंड का लिस्ट दिया गया है | इसी तरह बिहार के हर प्रखंड में यह ट्रेनिंग कराया गया था लेकिन एक वर्ष बाद हर कार्य करने वाले महिला और पुरुष को बता दिया गया |

अगर आप पोस्ट पढ़ रहे है और आपके घर या साथी द्वारा इस ट्रेनिंग को किया गया है तो कमेंट बॉक्स में जरुर बतायें | अगर आप ट्रेनिंग किये है तो सरकार से लड़ाई खुद लड़ने होंगे | ताकि आपका मेहनत सफल रहे और आप एक शिक्षक बन सके |

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