संत रविदास जयंती

संत रविदास परिचय

संत रविदास जी देश के १५ वीं शताब्दी महान संतो में से एक थे | संत रविदास का जन्म उतर प्रदेश राज्य में वाराणसी के एक गॉव में १३९८ में हुआ था | यह साल भी तय नहीं है | इसपर हमेशा विवाद चलता रहता है | संत रविदास के माता घुरबिनिया व पिता के नाम राधू हुआ करता था | संत रविदास संसार के सभी कष्ट और बुराइयाँ दूर करने में लगे रहते थे | कहा जाता है की ईश्वर के प्रति इनमे असीम प्यार था |

संत रविदास जी शिक्षा ग्रहण करने के लिए अपने गुरु पंडित सरदा जी के पाठशाला जाया करते थे | शुरू से ही संत रविदास जी तेज दिमाग का छात्र थे | कहा जाता था की रविदास जी ईश्वर का ही अंश है | उस समय का सबसे होनहार छात्र रहे |

रविदास jayanti

संत रविदास पुरे संसार में योगदान का काम किये है | उन्होंने अपने कविता और रचनाओ से देश के बुराइयाँ दूर करने में महान काम किया है | संत रविदास के वाणी को सुन पढके उनके भक्त पर बहुत बड़ा प्रभाव पड़ता है | इसीलिए संत रविदास का गड़ना देश में ही नहीं पुरे विश्व में याद किये जातें है | इनकी रचनाये कई भाषाओ में मिलती है |

रविदास जयंती

संत रविदास जी का उत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है | इनके जन्म दिवस पर अलग – अलग कार्यक्रम किया जाता है | इस दिन संत रविदास के भक्त बहुत खुस दिखतें है | गुरु रविदास के अन्य सभी घटनाओ को जानने से अनेक गुणों की प्राप्ति होती है | और उनके भक्त शांति महसूस करतें है |
इस दिन उनके भक्त उपवास रहतें है | और बड़ी ही धूमधाम से पूजा की जाती है | पूजा करने से पहले उनके भक्त जन्म दिवस पर गंगा स्नान करने के लिए जातें है |  सजावट से लेकर लाइट , जुगनू , कई प्रकार के संगीत का मधुर आवाज सुने देता है | चारो तरफ हरि गुण का आवाज सुनाई देता है | इस उत्सव पर अंग्रेजी बाजा भी बजाय जाता है | और लोग ख़ुशी  मनाकर आशीर्वाद लेतें है |

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