u.g.c विश्वविद्यालय अनुदान आयोग क्या है ?

ugc विश्वविद्यालय अनुदान आयोगक्या है और यह कैसे काम करता है | हमारे देश में ugc पोपुलर वर्ड है | यूनिवर्सिटी के सभी छात्र – छात्रा के जुबान पर u.g.c का नाम रहता है और वो जानना चाहते है की ugc है क्या ? मन में कई प्रकार का सवाल हो सकती है | लेकिन वो समझ नही पाते है|
जब फर्स्ट समय यूनिवर्सिटी या लोकल इंस्टिट्यूट में दाखिला होती  है तो सभी छात्र जानना चाहते है की इस यूनिवर्सिटी / इंस्टिट्यूट का मान्यता कहाँ से प्राप्त है | उन्हें सही जानकारी नही मिल पता है | कभी – कभी तो छात्र / छात्रा इंस्टिट्यूट में दाखिला लेने जाते है तो उन्हें AICTE / UGC द्वारा मान्यता दिखाया जाता है | लेकिन असल में जरुरी नही होता है की जिस यूनिवर्सिटी में दाखिला हो रहा हो वह Aicte से ही मान्यता प्राप्त हो |
ऐसे देखा जाये तो ugc भी खराब नही है लेकिन इंजीनियरिंग , डिप्लोमा जैसा टॉप कोर्स के लिए इंस्टिट्यूट से कोर्स पूरा करने के बाद पता चलता है की इस संस्थान का मान्यता नही है | जॉब के समय सर्टिफिकेट लेकर अनेक प्राइवेट कंपनी के लिए मारा – मारा फिरना पड़ता है | यह भी अफवाह होता है की गवर्नमेंट जॉब नही मिल सकता है |
दोस्तों यह साब के झांसे में न आकर सही तरीका से यूनिवर्सिटी का मान्यता पता लगाकर ही दाखिला लेना चाहिए |

जानिये IGNOU / इन्दिरा गाँधी राष्ट्रिय मुक्त विश्वविद्यालय क्या है ?

जानिए बी.एड कोर्स क्या है ? डिटेल्स

ugc क्या है ?

ugc को अंग्रेजी में university grants commission के नाम से जानते है | जिसे हिंदी में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग कहा जाता है | विश्वविद्यालय अनुदान आयोग भारतीय केन्द्रीय सरकार का उपक्रम है | ugc को १९५६ में स्थापित किया गया था | लगभग भारतीय महाविद्यालय तथा विश्वविद्यालय को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (ugc) से मान्यता प्राप्त होते है |  विश्वविद्यालय अनुदान आयोग का मुख्यालय नई दिल्ली में है |

ugc का क्षेत्रीय कार्यालय

हमारे भारत देश में ugc का छ: क्षेत्रीय कार्यालय है |
कलकाता , गुवहाटी , पुणे , भोपाल , हैदराबाद , बंगलुरु

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग का इतिहास

१९२५ में इंटर यूनिवर्सिटी का स्थापना हुआ था | उसी समय से १९ वीं शताब्दी से उच्च शिक्षा का इतिहास चल रहा है | सभी चाहते थे उच्च शिक्षा प्राप्त कर सके | आज भी लोग चाहते है की बढ़िया शिक्षा प्राप्त कर सकूं | सभी क्षेत्रो में सुचना का आदान प्रदान करने के लिए इंटर यूनिवर्सिटी का नाम एसोसिअसन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज रखा गया |
१९४८ में डाक्टर राधा कृष्णा के अध्यक्षता में यूनिवर्सिटी कमीशन का नीव रखा गया | यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कोमिसन को गठित करने के लिए इसी समय से देश में , शिक्षा में सुधार करने के लिए विचार होने लगा था | इसी तरह अन्य यूनिवर्सिटी को यूनिवर्सिटी कोमिसन के अधीन लेन के लिए मौलाना अबुल कलाम के औपचारिक तौर पर दिसम्बर १९५३ को यूनिवर्सिटी कोमिसन का नीव रखा गया | इसके बाद १९५६ में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को संसद में सरकार के अधीन लाया गया था |
इसके बाद विश्वविद्यालय अनुदान आयोग में छ : जगहों पर अपना कार्यालय खोला | तभी से अनेक यूनिवर्सिटी ugc के under में वर्क करती है |

भारत में ugc से मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी

jnu जवाहर लाल नेहरु यूनिवर्सिटी , बंगलौर यूनिवर्सिटी , यूनिवर्सिटी ऑफ़ हैदराबाद , यूनिवर्सिटी ऑफ़ मद्रास , यूनिवर्सिटी ऑफ़ पुणे , अन्ना यूनिवर्सिटी , यूनिवर्सिटी ऑफ़ दिल्ली , अन्नामलाई यूनिवर्सिटी , यूनिवर्सिटी ऑफ़ लखनऊ , यूनिवर्सिटी ऑफ़ कलकता , पन्द्य्चेरी यूनिवर्सिटी , यूनिवर्सिटी ऑफ़ राजस्थान , यूनिवर्सिटी ऑफ़ कालिकुत, भारथैर यूनिवर्सिटी ,

Read also 

10th के बाद क्या करे |

जानिए बिहार और रोहतास में मानव श्रृंखला का तैयारी

जानिए फ्री ब्लॉग बनाने से फायदा होगा या नुकसान

3 thoughts on “u.g.c विश्वविद्यालय अनुदान आयोग क्या है ?”

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Scroll to Top