चेक बाउंस (Cheque Bounce) क्यों होता है? चेक बाउंस होने पर क्या करें |

Last updated on November 25th, 2023 at 07:33 pm

वेबसाइट हिंदी के इस पोस्ट में Cheque Bounce Kyu Hota Hai? के बारे में जानकारियां शेयर करेंगे | अगर आपका चेक बाउंस हो जाये तो क्या करें? चेकबुक से संबंधित समस्या ठीक कैसे किया जाता है ? 2021 में जानने के लिए पूरा पोस्ट पढ़िए |

इस तरह की समस्या तब होती  है जब आप पैसे की लेन-देन करने के लिए बैंक जाते है और आपके बैंक द्वारा कह दिया जाये की आपका Cheque Bounce है तो क्या होगा? चेक बुक से Related जानकारी नही होने से जगह- जगह समस्या उठाना पड़ सकता है |

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जब चेक को बैंक में ले जाते है तो आपका ChequeBounce हो जाता है | चेक बाउंस होने का अनेक कारण होता है जिसको बारीकी से जानना आवश्यक है |

Cheque Bounce Kyu Hota Hai?

जब कोई बैंक अकाउंट होल्डर किसी चेक बुक पर रकम लिखकर अन्य व्यक्ति को देता है तो चेक बुक देनेवाले व्यक्ति के अकाउंट में पर्याप्त धन नहीं होता है | जिसके वजह से Cheque Bounce हो जाते है | (इसे भी पढ़ें गैस सिलिंडर (Gas Cylinder) बुकिंग करने का तरीका)

यूँ कहें की Check बुक जारी करने वाले व्यक्ति के बैंक अकाउंट में पर्याप्त राशि नहीं होती है जिसके वजह से चेक बाउंस हो जाता है |

चेक बाउंस होने का मुख्य सभी कारण

  • चेक बाउंस (Check Bounce in hindi) होने का पहला वजह यह होता है की चेक पर लिखी गयी रकम उस बैंक खाता में मौजूद नहीं है |
  • जैसा की आप जानते है हर बैंक होल्डर का हस्ताक्षर बैंक खाते में रजिस्टर होती है | यह हस्ताक्षर अकाउंट होल्डर का बहुत बड़ा पहचान होती है | जब खाता धारक चेक कटता है तो Signature सही से नहीं कर पता है जिसके वजह से बैंक अकाउंट में हस्ताक्षर मैच नहीं करने से चेक बाउंस हो जाता है |
  • जैसा की आप जानते है चेक जारी करने के 3 महीने के अंदर बैंक में जमा करना होता है वर्ना एक्सपायरी चेक बैंक में जमा करने पर बाउंस हो जाता है |
  • गलत नाम या तिथि लिखने से भी Check Bounce हो जाता है |
  • मान लीजिए अकाउंट होल्डर के खाते में बहुत सारे धन है और उनका खाता फ्रिज है तो उस स्थिति में चेक बाउंस हो जायेगा |

Cheque Bounce Hone Par Kya Karen

जब आप बैंक में चेक जमा करते है तो बैक कर्मचारी चेक बाउंस होने पर एक नोटिस देता है जिसमें Bounce होने की स्थिति दिया रहता है | इससे आपको पता चलता है की आपका चेक बाउंस क्यों हुई है | (इसे भी पढ़ें भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के अंतर्गत Specialist Cadre Officer हेतु बम्पर भर्ती 2020)

चेक बाउंस होने के 30 दिन के अन्दर आप एक वकील से मिलकर आपका समस्या बतायें | इसके बाद वकील द्वारा देनदार के पास एक लीगल नोटिस जाता है | इस नोटिस को मिलने  के 15 दिनों के अन्दर अकाउंट होल्डर (देनदार) को हाजिर होना पड़ता है |

इसके बाद देनदार पैसे नहीं दे रहा है तो वकील और कोर्ट की मदद से केस दर्ज करवा सकते है | जिसके बाद देनदार को पूरी रकम या दुगनी रकम देना पड़ सकता है | इसके लिए जेल भी हो सकती है |

Cheque Bounce होने पर दी जानेवाली सजा

जब देनदार की बैंक खाता में रकम नहीं होती है तो उसको गुमराह करने के जुर्म में 2 वर्ष की जेल हो सकती है | जितना रकम भारी गयी है उससे दुगनी रकम वसूल किया जा सकता है | (इसे भी पढ़ें बंधन बैंक से पर्सनल लोन लेने का आसान तरीका (मात्र दो दिन में))

चेक बुक बाउंस होने से संबंधित नियम

कभी भी चेक बुक बैंक में एक्सपायरी ठीक के बाद जामा न करें | देनदार द्वारा चेक पर तिथि दी गई होती है | उस तिथि के अंदर ही चेक Cash करा लेना चाहिए |

चेक बुक जिस तिथि को Cheque Bounce होती है उसके 30 दिनों के अंदर देनदार के पास नोटिस भेजना चाहिए | जिसके बाद देनदार को यह पता चल जाये की उनके द्वारा जारी किया गया चेक बाउंस हो गया है |

नोटिस भेजने के 15 दिन के भीतर कोई जबाब नहीं मिलता है या आपको पैसे नहीं प्राप्त होता है तो आप कोर्ट या थाने से केस दर्ज करा सकते है | (इसे भी पढ़ें Pnb Net Banking ऑनलाइन active कैसे करें ?)

Conclusion

पोस्ट में Cheque Bounce Kyu Hota Hai? के बारे में जानकारियां शेयर किया गया है | अगर आपके साथ चेक बुक बाउंस की मामला हो गयी है तो आप वकील और कोर्ट का सहारा ले सकते है |

Cheque Bounce होने पर आपको चेक से रिलेटेड नियमों के बारे में जानकारियां होना अनिवार्य है वर्ना सबकुछ सही रहते हुए बुडबक बनना पड़ेगा | इससे संबंधित जानने के लिए वेबसाइटहिंदी का पूरा पोस्ट पढ़ें |

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