UP D.El.Ed 2nd Semester Subjects – जय हिंद दोस्तों, आप सभी का बहुत-बहुत स्वागत है| जितने भी हमारे साथी यूपी डीएलएड (UP D.El.Ed / BTC) के सेकेंड सेमेस्टर में आए हैं, उन सभी को बहुत-बहुत बधाई |
पहला सेमेस्टर तो आपने जैसे-तैसे निकाल लिया, लेकिन अब सेकेंड सेमेस्टर की पढ़ाई शुरू करने से पहले आपको यह पता होना बहुत ज़रूरी है कि इस सेमेस्टर में कौन-कौन से सब्जेक्ट्स हैं, कितने नंबर का पेपर होता है और पास होने के लिए कम से कम कितने नंबर लाने पड़ेंगे |
बहुत से छात्र बिना पासिंग मार्क्स का गणित समझे पढ़ाई करते हैं और बाद में किसी न किसी सब्जेक्ट में बैक (Back) लग जाती है| इसलिए आज के इस आर्टिकल में हम यूपी डीएलएड सेकेंड सेमेस्टर के सभी विषयों और उनके पासिंग मार्क्स की पूरी जानकारी एकदम आसान और देसी हिंदी भाषा में समझेंगे| तो इस आर्टिकल को पूरा ज़रूर पढ़िएगा ताकि आपको एक-एक बात अच्छे से समझ में आ जाए |
UP D.El.Ed 2nd Semester में कुल कितने Subjects हैं?
दोस्तों, सबसे पहले बात कर लेते हैं कि सेकेंड सेमेस्टर में आपको कुल कितने विषय (Subjects) पढ़ने हैं| इस सेमेस्टर में आपको कुल 7 लिखित विषय (Written Subjects) पढ़ने होते हैं|
आपको इन सभी 7 विषयों की तैयारी बहुत ही ध्यान से करनी होगी क्योंकि हर विषय की अपनी एक अलग अहमियत है| आइए इन सभी 7 विषयों के बारे में विस्तार से समझते हैं|
वर्तमान भारतीय समाज एवं प्रारंभिक शिक्षा
यह आपका पहला और मुख्य पेपर है| यह बिल्कुल आपके पहले सेमेस्टर के बाल विकास जैसा ही मुख्य पेपर है| इसमें आपको वर्तमान भारतीय समाज और शिक्षा के बुनियादी ढांचों के बारे में पढ़ना होता है|
प्रारंभिक शिक्षा के नवीन प्रयास
इस विषय में शिक्षा से जुड़े सरकारी नियम और योजनाएं शामिल हैं| सरकार ने प्रारंभिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए जो भी नए-नए प्रयास, नियम और योजनाएं चलाई हैं, उन सभी के बारे में इस पेपर में पूछा जाता है|
विज्ञान (Science)
विज्ञान यानी साइंस का पेपर भी आपको इस सेमेस्टर में पढ़ना है| इसमें सामान्य विज्ञान के बेसिक कॉन्सेप्ट्स और नियम शामिल होते हैं जो प्रारंभिक शिक्षा के लिए ज़रूरी हैं|
गणित (Maths)
गणित एक ऐसा विषय है जिसमें सबसे ज़्यादा बच्चों की बैक लगती है! इस विषय में आपको पहले दिन से ही मेहनत करनी होगी क्योंकि थोड़ी सी भी लापरवाही आपके लिए परेशानी खड़ी कर सकती है|
सामाजिक अध्ययन (Social Science)
इसमें सामाजिक अध्ययन से जुड़े अलग-अलग पहलुओं को शामिल किया गया है| यह पेपर भी बड़ा होता है और इसमें अच्छे मार्क्स लाने के लिए आपको विस्तार में उत्तर लिखना होता है|
हिंदी (Hindi)
हिंदी हमारी भाषा है और इसका पेपर भी लिखित होता है| इसमें भाषा ज्ञान, व्याकरण और शिक्षण से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं|
अंग्रेजी (English)
ध्यान दीजिए! पहले सेमेस्टर में संस्कृत या उर्दू का ऑप्शन था, लेकिन सेकेंड सेमेस्टर में सभी को कंपल्सरी English ही पढ़नी है! इसमें किसी के पास कोई ऑप्शन नहीं होता है, सभी छात्रों के लिए इंग्लिश पढ़ना और इसका पेपर देना अनिवार्य है|
इन 7 लिखित विषयों के अलावा आपका इंटर्नशिप (टीचिंग) और प्रैक्टिकल भी होता है, जिसके नंबर आपके डाइट (DIET) या कॉलेज से मिलते हैं|
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UP D.El.Ed 2nd Semester Passing Marks का गणित – पास होने के लिए कितने नंबर चाहिए?
अब आते हैं सबसे ज़रूरी बात पर—’पास होने के लिए कितने नंबर चाहिए?’
डीएलएड का नियम बाकी नॉर्मल कोर्स से अलग होता है| यहाँ पास होने के लिए कम से कम 50% नंबर (Passing Marks) लाना अनिवार्य होता है! अगर 50% से 1 नंबर भी कम आया, तो सीधे बैक लग जाएगी|
बहुत से छात्र यही गलती कर बैठते हैं कि वो इसे आम कोर्सेज की तरह समझते हैं जहाँ 33% या 40% पर पासिंग होता है, लेकिन डीएलएड में हर विषय में 50% मार्क्स लाना ज़रूरी है|
इस पासिंग मार्क्स के गणित को आसान भाषा में समझने के लिए हम इसे दो हिस्सों में बाँटकर समझेंगे |
50 नंबर वाले बड़े पेपर्स
पहले हम उन पेपर्स की बात करते हैं जो 50 नंबर के होते हैं| इन्हें हम बड़े पेपर्स कहते हैं|
वर्तमान भारतीय समाज एवं प्रारंभिक शिक्षा
प्रारंभिक शिक्षा के नवीन प्रयास
सामाजिक अध्ययन
पास होने के लिए चाहिए (Passing Marks)
ज़रूरी बात: अगर आपके 50 में से 24 नंबर भी आए, तो आप फेल माने जाएंगे और उस विषय में आपकी बैक लग जाएगी! इसलिए इन 50 नंबर वाले बड़े पेपर्स में कम से कम 25 नंबर लाना हर हाल में ज़रूरी है|
अब बात करते हैं उन पेपर्स की जो 25 नंबर के होते हैं| इन्हें हम छोटे पेपर्स कहते हैं|
विज्ञान (Science)
गणित (Maths)
हिंदी (Hindi)
अंग्रेजी (English)
पास होने के लिए चाहिए (Passing Marks)
अगर आपके 25 में से 11 नंबर आए, तो उस विषय में बैक लग जाएगी! दोस्तों, गणित और अंग्रेजी में 25 में से 12 नंबर लाना भी बहुत से छात्रों के लिए मुश्किल हो जाता है| इसलिए इन दोनों विषयों पर आपको पहले दिन से ही मेहनत करनी होगी |
Practical और 1 महीने की Internship (Teaching) का पूरा हिसाब
लिखित परीक्षा के अलावा डीएलएड सेकेंड सेमेस्टर में प्रैक्टिकल और इंटर्नशिप भी शामिल होती है| इसका मार्क्स डिस्ट्रीब्यूशन किस तरह होता है, आइए इसे समझते हैं|
50 नंबर वाले पेपर्स में से 30 से 45 नंबर तक कॉलेज वाले देते हैं| यह नंबर आपके कॉलेज की तरफ से आपके व्यवहार, अटेंडेंस और इंटरनल परफॉर्मेंस के आधार पर मिलते हैं|
इसमें भी आपको 50% से ज़्यादा नंबर लाने होते हैं| बाहर से जो एग्जामिनर आते हैं, वो आपका वाइवा (Viva) और प्रैक्टिकल वर्क देखते हैं|
जो प्राइमरी स्कूल में 100 नंबर की होती है, उसमें हेडमास्टर साहब आपको ग्रेड/नंबर देते हैं| इसमें भी पास होने के लिए 50 नंबर से ज़्यादा ही चाहिए होते हैं, जो आसानी से मिल जाते हैं|
इस पूरे हिसाब को देखने के बाद यह साफ हो जाता है कि आपका असली मुकाबला सिर्फ और सिर्फ लिखित परीक्षा (Written Exam) से है! प्रैक्टिकल और इंटर्नशिप में मार्क्स आसानी से मिल जाते हैं, लेकिन लिखित परीक्षा में एक-एक नंबर आपको अपनी मेहनत से हासिल करना पड़ता है|
Back से बचने के लिए 3 सबसे ज़रूरी बातें
अगर आप चाहते हैं कि आपकी किसी भी सब्जेक्ट में बैक न लगे और आप पहली बार में ही अच्छे मार्क्स से पास हो जाएं, तो मेरी 3 बातें ध्यान से सुन लीजिए |
गणित (Maths) की रोज़ प्रैक्टिस करें
डीएलएड सेकेंड सेमेस्टर की गणित थोड़ी कठिन होती है| इसमें आपको बीजगणित (Algebra), क्षेत्रफल (Area), और त्रिभुज (Triangle) जैसे टॉपिक्स देखने को मिलेंगे| इन सभी टॉपिक्स को डेली सॉल्व करें और रोज़ाना प्रैक्टिस करें| गणित में प्रैक्टिस ही आपको बैक से बचा सकती है|
अंग्रेजी (English) को हल्के में न लें
जैसे कि हमने बताया, इस सेमेस्टर में संस्कृत या उर्दू नहीं है, सभी के लिए इंग्लिश कंपल्सरी है| इसमें ग्रामर, Tense, और Teaching Methods की अच्छे से तैयारी करें| अगर आप इंग्लिश को हल्के में लेंगे तो 25 में से 12 नंबर लाना भी भारी पड़ सकता है|
50 नंबर वाले बड़े पेपर्स (वर्तमान भारतीय समाज, प्रारंभिक शिक्षा के नवीन प्रयास, और सामाजिक अध्ययन) में उत्तर हमेशा पॉइंट-टू-पॉइंट और साफ़-सुथरी हेडिंग डालकर लिखें| हेडिंग बनाकर लिखने से एग्जामिनर पर अच्छा प्रभाव पड़ता है और नंबर अच्छे मिलते हैं|
निष्कर्ष (Conclusion)
तो दोस्तों, यह था यूपी डीएलएड सेकेंड सेमेस्टर के सब्जेक्ट्स और पासिंग मार्क्स का पूरा लेखा-जोखा| अगर आप पहले दिन से ही गणित और अंग्रेजी पर ध्यान देंगे और 50% पासिंग मार्क्स के नियम को ध्यान में रखकर पढ़ाई करेंगे, तो आपको किसी भी विषय में बैक का सामना नहीं करना पड़ेगा|
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