Nios Bridge course 522 PDPET Assignment

Nios Bridge course 522 PDPET Assignment 1 Question 2 with Answer

Nios Bridge course 522 PDPET Assignment 1 किशोरावस्था के दौरान विभिन्न विकासात्मक परिवर्तनों और किशोरों की समस्याओं पर चर्चा कीजिये

इस पोस्ट में Nios Bridge course 522 PDPET Assignment 1 के दुसरे प्रश्न का उत्तर लाया हूँ इसे आप असाइनमेंट कॉपी में लिख सकते है |

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Nios Bridge course 522 PDPET Assignment 1 Question 2 with Answer

Q.) किशोरावस्था के दौरान विभिन्न विकासात्मक परिवर्तनों और किशोरों की समस्याओं पर चर्चा कीजिये

उत्तर :- किशोरावस्था के दौरान विभिन्न विकासात्मक परिवर्तन

किशोरावस्था में ज्ञानात्मक , संवेगात्मक , और सामाजिक विकास मनुष्य को प्रभावित करता है | अधिकतर लोग वृद्धि विकास को सामान अर्थो में प्रयोग करते है |

1.) ज्ञानात्मक विकास

बोध अथवा संज्ञान का अर्थ है | मस्तिष्क | यदि मस्तिष्क पूर्णतया विकसित है | तो बौधिक क्रियाओं में तीब्र वृद्धि होती है | जैसे – भाषा कौशल , चिंतन , तर्क , संप्रत्यय निर्माण , विश्लेषण संश्लेषण आदि |

  • परिवर्ती क्रियाओं की अवस्था जैसे – चुसना
  • प्रारंभिक चक्रीय अवस्था परिवर्ती प्रक्रियाओं में तालमेल हो जाना |
  • द्वितीय अरेखीय अवस्था (4-6 माह)
  • द्वितीय आरेखीय समन्वयन की अवस्था |
  • मानसिक श्कित्यों के संयोग के द्वारा नए अर्थो की खोज

2.) संवेगात्मक विकास

यह विकास बालको के संवेगों से संबंधित होता है | यह भी बालको के विकास का महत्वपूर्ण पक्ष है | शबिद्क अर्थो में संवेग का अर्थ है | हलचल उत्पन्न होना या उतेजित भावना या उतेजना | संवेगों को शारिय या मस्तिक की उतेजना या आन्दोलन की अवस्था के रूप में समझा जा सकता है | अत : संवेग जटिल प्रभावी अनुभव  है | जिनमे मनोवैज्ञानिक परिवर्तन सम्मलित होता है |

3.) सामाजिक विकास

बालक के स्वास्थ्य वृद्धि व विकास के लिए सामाजिक विकास महत्वपूर्ण पक्ष है | बच्चो को यह सीखना आवश्यक होता है | की वह अपने समूह के सदस्यों व बड़ो से सामाजिक स्वीकृत व्यवहार करे | अर्थात उनके अनुकूल बातचीत करें | सामाजिक विकास सामाजिक कुशलता का परिचायक होता हो | सामाजिक परिपक्वता संबंध बनाने व दुसरो को जुड़ने के लिए आवश्यक होती है |

यह प्रक्रिया बालक या बालिका के सामाजिक व्यवहार में उचित परिवर्तन लाती है | जिसे सामाजिक विकास कहा जाता है | कभी – कभी इसे समाजीकरण की प्रक्रिया भी कहते है | सामाजिक विकास उस प्रक्रिया को संकेत करता है | जिसके द्वारा एक व्यक्ति आवश्यक ज्ञान और कौशल को ग्रहण करता है |

किशोरावस्था की समस्याएँ

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने किशोरावस्था को आयु के सन्दर्भ में (10-19 वर्ष ) तथा जीवन के विशिष्ट गुसन्दर्भ में परिभाषित किया है इसके अंतर्गत आनेवाली विशेषताए है |  

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