Murgi Palan Kya Hai: मुर्गी पालन कैसे करें

Last updated on August 31st, 2022 at 10:08 pm

Murgi Palan Kya Hai: मुर्गी पालन कैसे करें और मुर्गी पालन करने की जरुरत भरी चीजों के बारे में जानने के लिए वेबसाइटहिंदी.कॉम का पोस्ट पढ़िए. इस पोस्ट में Murgi Farm Kaise Khole से संबंधित जानकारियां शेयर किया गया है.

आज के समय में अंडे और दूध की खपत ज्यादा बढ़ गयी है. इसके अलावा अंडे और मांस के लिए मुर्गी पालन का उद्योग ज्यादा हो गया है. Poultry Farming Business ऐसा बिजनेस है जिसको करने के बाद मुनाफा होना आम बात है.

मुर्गी पालन ऐसा बिजनेस है जिसको कम पैसे में भी शुरू किया जा सकता है. आज भी गाँव शहर में माध्यम वर्गीय व्यक्ति Murgi Palan कर रहें है. आइये जानते है मुर्गी पालन करने के फायदे क्या है.और मुर्गी पालन करने के लिए कितने रकम की आवश्यकता होती है.

What Is Poultry Farming In Hindi

murgi palan kya hai
मुर्गी पालन क्या है (Murgi Palan Kya Hai In Hindi)

अंडे / मांस और पैसो में बढ़ोतरी करने के लिए मुर्गियों को वैज्ञानिक पद्धति का इस्तेमाल किया जाता है. इस पद्धति के द्वारा मुर्गियों को फर्मों में रखकर पाला जाता है इस प्रक्रिया को मुर्गी पालन कहते है.
आज के समय में अंडे और मुर्गी के मांस का बिजनेस बहुत ही तेजी से बढ़ रही है. गाँव – शहर में अधिकतर लोग मुर्गी का मांस ज्यादा पसंद करते है क्यूंकि यह ज्यादा टेस्टी और सस्ता मिल जाता है.
कहा जाता है की अंडे और मांस में अनेकों प्रकार के विटामिन और पौष्टिक आहार पाए जाते है. यही वजह है की आज के समय में मुर्गी का मांग बढ़ गया है. अब आप समझ गए होंगे मुर्गी क्या है? (Murgi Kya Hai)

जानिए मुर्गी की नस्लें (Chicken Breeds In Hindi)

आज के माय में मुर्गी पालन करने का व्यवसाय बढ़ गया है. फिर भी इस बिजने को करने से पहले नस्लों के बारे में जानना आवश्यक है. आइये जानते है मुर्गी की नस्लें कितने प्रकार के होते है.
असील (Aseel Chicken Breeds)
इस प्रकार के नस्लें भारत और ईरान में पाई जाती है. इस नस्ल को झगडालू नस्ल भी कहा जाता है क्यूंकि सबसे पहले मानव जाती द्वारा इसी नस्ल को दो मुर्गों को एक साथ लड़ाया गया.
इस तरह के नस्ल को बड़े स्तर पर उत्पादन किया जाता है. जिसे देशी नस्ल की मुर्गी भी कहा जाता है. इस प्रकार के मुर्गे की वजन 3 से 5 किलों के आस पास होता है.
कड़कनाथ (Kadaknath Chicken Breeds In Hindi)
Kadaknath नाम से प्रचलित मुर्गी भारत में बहुत ही लोकप्रिय है. सबसे खास यह है की यह किसी भी वातावरण में अपने आप को ढाल लेती है. सभी मौसम में जलवायु के अनुसार पाली जा सकती है. इस मुर्गी का चिकन खाने में स्वादिष्ट होता है.
सबसे मुख्य बात यह है की इसमें 25 % से अधिक विटामिन पाए जाते है. इसके अलावा कई प्रकार के दवाओं का निर्माण करने में उपयोग किया जाता है.
अमेरिकन वर्ग (American Class In Hindi)
अमेरिकन वर्ग के मुर्गियों में अनेकों नस्ल की मुर्गियां पाई जाती है. अलग – अलग नामों से जाने जानेवाले मुर्गियों की वजन 500 ग्राम से 3 किलोग्राम तक होती है.
यहां पर अलग – अलग नामों के मुर्गियों का नाम बता रहा हूँ जो इस प्रकार है.
रोड़े आईलैंड
रोड़े आईलैंड नाम की मुर्गियां भूरी और लाल रंग में पाई जाती है. वहीं वजन की बात करें तो आपको बता दूं इन मुर्गियों की वजन 3 किलोग्राम तक होता है.
प्लाईमाउथ रॉक
यदि आप अंडे और मांस की अधिक उत्पादन करना चाहते है तो आपको बता दूं सफ़ेद किस्म का मुर्गियों का पालन कर सकते है.
कोचीन
चीन में पायी जाने वाली इस तरह के मुर्गियों का मांस स्वादिष्ट होतें है, इस प्रकार के मुर्गी का वजन 4 से 5 किलों तक होती है.
Chittagong Breed
लम्बी गर्दन वाली इस प्रकार के मुर्गियों की वजन 4 किलो तक होती है. वहीँ लम्बाई की बात करें तो यह 2.5 फीट तक लम्बी होती है.
ग्रामप्रिय नश्ल
Gramapriya
इस मुर्गी को अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना के द्वारा विकसित किया गया है. सबसे मुख्य बात यह है की इस नस्ल को किसानों द्वारा पालन किया जाता है.
Punjab Brown Chicken Breed
पंजाब और हरियाणा में पाए जाने वाले इस प्रकार के मुर्गियों को किसानों द्वारा पालन किया जाता है. मांस की आवश्यकता को पूर्ति करने के लिए इस तरह के मुर्गियों का पालन किया जाता है.

मुर्गी के पालन प्रजनन करने की विधियाँ (Poultry Breeding Methods In Hindi)

किसी भी मुर्गी को पालन करने के लिए पालन से संबंधित जानकारियां होना आवश्यक है. यानि की वैज्ञानिक पद्धति का इस्तेमाल कर प्रजनन में बढ़ोतरी किया जाता है.
मुर्गियों की बाड़ों में एक नर मुर्गी होती है. पर निषेचन की दर बहुत ही कम होती है. इसमें से कुछ मुर्गियां नर के साथ संगम करती है तो कुछ मुर्गियां दूर रहती है.
प्रजनन के लिए मुर्गियों के साथ कई नर मुर्गियां को रखा जाता है ताकि उन सभी के बिच संगम हो सके.
कुछ प्रकार के संगम कराने में मुर्गियों को एक – एक करके मुर्गों को एक साथ छोड़ा जाता है. इस विधि में अधिक परिश्रम करना होता है जिसे खूंटा संगम कहा जाता है.

मुर्गी पालन कितने प्रकार के होती है?

मुर्गी पालन दो प्रकार के होते है जो इस प्रकार है.
(1.) पोल्ट्री पालन
(2.) ब्रायल पो

मुर्गी को कैसे बचाए?

मुर्गियों को बचाने के लिए सेड को हमेशा साफ रखना चाहिए. अगर आप सेड को साफ नहीं रखते है तो बहुत सारे विमारियां होने की चांस बढ़ जाती है.
इससे यह होगा की चूजे ज्यादा मरने लगते है.
हर साल हैजा, पुलोरम , टाईफाईड से बचें के लिए हमेशा सफाई के साथ दवाइयों का इस्तेमाल करना चाहिए.
खास कर के गर्मियों में ज्यादा मात्र में पानी पिने के वर्तन भरकर रखना चाहिए ताकि समय पर पानी मुर्गियों को मिल सके.
गर्मी में पानी के साथ गुड मिलकर मुर्गियों को देने चाहिए.

निष्कर्ष

वेबसाइटहिंदी.कॉम के पोस्ट में Murgi Palan Kya Hai के बारे में डिटेल्स शेयर किया गया है. इस पोस्ट में यह भी बताया गया है की मुर्गियों की नस्लें कौन – कौन है. अगर आप अधिक जानकारी जानना चाहते है तो Youtube चैनल को सब्सक्राइब करें.

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