deled course 506 assignment

Deled course 506 Assignment 1 Question 1 with answer

Deled course 506 Assignment 1 Question 1 with answer कारण लिखिए कि शिक्षक के लिए आनुवांशिकता एवं वातावरण की भूमिका को जानना क्यों महत्वपूर्ण हैं ?
1st वर्ष  की तरह Dled 2nd year में भी असाइनमेंट तैयार करके अध्ययन केंद्र पर जमा करना अनिवार्य हैं |
इस पोस्ट में Deled course 506 Assignment के पहला प्रश्न का उत्तर लेकर आया हूँ  जो आपके लिए हेल्पफुल हो सकती हैं |
इस लेख में दिए गए प्रश्न 5 – 5 अंको का हैं इस प्रश्न का उत्तर कम से कम 500 शब्दों में wright कर सकते हैं |
इस सवाल का जबाब nios के pdf एवं ज्ञान के आधार पर दिया हूँ |
अगर कोई गलतियाँ दिखे तो आप स्वयं सुधार या बदलाव कर सकते हैं |
NIOS DELED HINDI ASSIGNMENT ALL QUESTION WITH ANSWER

Deled course 506 Assignment 1 Question 1 with answer

Deled course 506 Assignment पहला के प्रश्न एक का उत्तर
Q. 1) कारण लिखिए कि शिक्षक के लिए आनुवांशिकता एवं वातावरण की भूमिका को जानना क्यों महत्वपूर्ण हैं ?
विद्यालय में बच्चे को शिक्षा देने से पहले शिक्षक को आनुवांशिकता एवं वातावरण के भूमिका को जानना अति आवश्यक हैं |
उसके पहले यह जानते हैं की आनुवांशिकता तथा वातावरण की भूमिका से क्या समझते हैं |
आनुवांशिकता , निषेचित अण्डाणु में उपस्थित संभावित विशेषताओं का सम्पूर्ण योग्य हैं |
सभी विशेषताओं जिन्हें बच्चो ने अभिभावकों से वंशानुगत प्राप्त किया  हैं | अनुवांशिकता कहलाती हैं |
वातावरण का अभिप्राय प्रेणना की सम्पूर्णता हैं जो की व्यक्ति के चारो ओर बिना कुछ भी प्राप्त किये अव्याव्यो से टकराता हैं , को पर्यावरण कहा जाता हैं |
जब बच्चा विद्यालय में पढने आता है तो उनके घर , परिवार और रहन सहन के बारे में जानना आवश्यक होती है |
बच्चो  को सही तरह से शिक्षा देने के लिए वातावरण और आनुवांशिकता की भूमिका जानना आवश्यक हैं जो इस प्रकार हैं |
शिक्षक की ओर से आनुवांशिकता और पर्यावरण की सापेक्षित भूमिका का ज्ञान बहुत महत्वपूर्ण है | ताकि वह अधिगम को पूरी तरह समझने में आपकी विद्यार्थियों को पूरी तरह सहायता कर सकें | दोनों कारको का ज्ञान या टी गणित या अंग्रेजी के अधिगम में अपने विद्यार्थियों के बिच वैयकित्क विभिन्नताओं का पता लगने में शिक्षक की सहायता करेगा | साथ ही साथ तदनुसार उनकी शिक्षक विधियों और तकनीको का सामंजस्य करने में सहायता करेगा
शिक्षक को बेहतर शिक्षा और पर्यावरण प्रदान करने की योजना अवश्य जननी चाहिए | प्रत्येक विद्यालय में कंप्यूटर पर्योगशाला और पत्यावारण पुस्तकालय सुबिधाएं प्रदान करें | उसे बच्चे की योग्यताये और साथ – ही – साथ उनकी पर्यावरण का अध्ययन करना चाहिए तथा उन्हें विकाश के लिए योजना अवश्य बनानी चाहिए | इस सब्दार्भ में sorenson ही ठीक ही च्गिन्हित किया है की शिक्षक के लिए ज्ञान , आनुवांशिकता की शक्तियों का सापेक्षित प्रभाव और मानवीय विकास का पर्यावरण और अंत : संबंधो का एक महान अभिप्राय हैं   | शैक्षिक उपलब्धि का उच्च स्तर विद्यालय के वातावरण पर निर्भर करता हैं |
विद्यालय को बच्चों के लिए पथ्य्गामी एवं पथ्य्सह्गामी गतिविधियों का संरिद्ध कार्यक्रम प्रदान करने पर केन्द्रित करना चाहिए | उसके पास बेहतर शैक्षिक , व्यवसायिक , वैयकित्क दिशानिर्देश और परामर्श तथा व्यक्तित्व विकास के लिए कार्यक्रम होने चाहिए | यदि उनकी आनुवंशिकता और पर्यावरण ज्ञात है | सभी प्रकार के अवधारणा बच्चों ( जैसे – प्रतिभाशाली , सामान्य , औसत , विकलांग बच्चे और शैक्षिक रूप से पिछड़े बच्चे , प्रथम पीढ़ी के अधिगाम्कर्ताओं ) का सामना करने में शिक्षक के लिए आनुवांशिकता और पर्यावरण का ज्ञान होना बहुत अनिवार्य हैं |
पूर्व ज्ञान बुद्धि , परिवारिक पृष्ठभूमि , रूचि का अभाव , अभिरुचि और मनोवृति एक महत्व भूमिका निभाती है |
उप्लान्धी के अन्य क्षेत्रों में कुछ बेहतर करने में कुछ विधार्थी पिछड़े रह जाते है |
अत: शिक्षक को विद्यार्थियों के लिए एक संज्ञानी वातावरण अवश्य प्रदान करना चाहिए |
तथा उनके साथ सामान्य व्यवहार करना चाहिए | पर्यावरण के साथ समंजन करने में शिक्षक को उन्हें प्रेरित करता हैं |
कक्षा कक्ष में विभिन्न शिक्षण विधिओं को अपनाना चाहिए |
यह भिविन्न व्यक्तियों को उनकी रुचियों और समझ के स्तर के अनुसार जरूरतों को प्रेषित करने में सहायता करता हैं |
विधालय व्यक्तित्व विकास के लिए होना चाहिए | विद्यालय को नेतृत्व , समूह गतिकी , आनुवांशिकता को पृष्ठभूमि में रखने और अधिगाम्कर्ता के पर्यावरण पर कार्यकर्मो को आयोजित करना चाहिए |
आनुवांशिकता जो जैविक रूप से संप्रेषित कारको की सम्पुर्ता के रूप में परिभाषित किया गया हैं | जो शारीर की संरचना को प्रभावित करता हैं और पर्यावरणीय स्थितियों की सम्पुर्ता है जो व्यवहार को प्रेरित करता या आधुनिक बदलाव लाने का कार्य करता हैं |
अनुवांशिकता और पर्यावरण दोनों एक  शिक्षक के  जीवन में महत्वपूर्ण हैं | दोनों विकास के निधरिक है
आनुवांशिकता केवल कुछ प्रकार के पर्यावरण में कार्य करता हैं |
बिना पर्यावरण के यह व्यर्थ है और पर्यावरण बिना अनुवांशिकता के कुछ नहीं हैं | इसका अर्थ है की शिक्षक के जीवन में दोनों व्यर्थ हैं |

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Deled course 506 Assignment 1 Question 1 with answer

5 thoughts on “Deled course 506 Assignment 1 Question 1 with answer”

  1. Sir sabhi assignment ke answer kab tak upload karenge aap?
    Aur what is the deadline for submission of the assignment.?

  2. sir, mera 501,502,503 k exam k samay accident ho gaya jiske karan mai exam nahi de saka. Lekin maine 504,505 ka exam diya hai aour pass v ho gaya hu isme. kya mai chhute huwe exam de paunga?

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