Deled course 503 assignment

Deled course 503 assignment 2 question 2 with answer

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Deled course 503 assignment 2 question 2 with answer :
बच्चो में लिखना कौशल विकसित करने हेतु किन्ही दो विधियों का उनके गुण
एवं कमियो के आधार पर आलोचनात्मक विशलेषण कीजिए |

पिछले पोस्ट में हमने 501 , 502 और 503 के असाइनमेंट
2 तक सभी प्रश्नों का उत्तर पब्लिश कर दिया है |
इस पोस्ट में Deled course 503 assignment 2 के दुसरे प्रश्न का उत्तर बताने  रहा    हूँ |

Deled course 503 assignment

इस प्रश्न का उत्तर हमने अपने सोंच और ज्ञान के आधार पर लिखा है |
अगर आपको लगे की उत्तर में बदलाव करना चाहिए तो कर सकते है |
या खुद से लिख सकते है | अगर आप इसे भी लिखेंगे तो गलत नही होगा |

⇒ Deled course 503 assignment 2 question 2 with answer

Deled course 503 assignment
Q. 1 ) बच्चो में लिखना कौशल विकसित करने हेतु किन्ही दो विधियों का उनके गुण
एवं कमियो के आधार पर आलोचनात्मक विशलेषण कीजिए |
उत्तर →   भाषा सिखने में लिखना सबसे कठिन विधियों में से एक है | लिखने में एक साथ अनेक प्रकार की कौशलो का उपयोग करने की जरुरत होती है | लिखने के लिए हमे सबसे पहले परिचालन कुशलता होनी चाहिए जो की हमे पेन या पेंसिल पकड़ने और मनचाही आत्रिती बनाने हेतु तैयार कर सके | लिखना क्या है  लिखने का अर्थ माना जाता है | ऐसे चिन्ह और आकृतियाँ बनाना जो दुसरे व्यक्ति द्वारा समझा जा सके | हमारे दैनिक जीवन में प्रयोग किये जाने वाले शब्दों के अर्थ में छिपी बारीकियो की ओर ध्यान नही देती | उदाहरण के लिए यह परिभाषा अभिव्यक्ति और लिखने के बिच महत्वपूर्ण कड़ीयो को व्यक्त नही करती | यदि कोई व्यक्ति एक ऐसा चित्र बनता है | जो की दुसरे व्यक्ति द्वारा समझा जा सकता हिया | भीर भी उसे हम भाषा नही कहते | यह भाषा बोलने और लिखने के बिच महत्वपूर्ण कड़ी को भी अनदेखा करती है | लिखना केवल एक प्रकार का माध्यम है | बात को व्यक्त किया जा सकता है | यानि लिखना एक नयी भाषा को प्रस्तुत नही करता बल्कि केवल उसी भाषा को प्रस्तुत नही करता |
1.  परिचालन कुशलता विधि के गुण तथा कमिया :- लिखने में अनेक कौशलो में समन्वय की जरुरत होती है | बच्चे लिखना सिख सके इसके पहले उनके कौशलो में दक्षता प्राप्त करना आवश्यक है | जो इसे जुड़े है | पहले बच्चे में परिचालन छमता / उंगुलियों की पकड़ अच्छी तरह से विकसित होनी चाहिए | परिचालन कौशलो के विकाश को प्रोत्साहित करने के लिए बच्चे के ठोस वस्तुओ के साथ अंत क्रिया करनी चाहिए और उन्हें इन वस्तुओ को जैसा वे ठीक समझे उसी के अनुसार परिचालन करने देना चाहिए | वस्तुओ को पकड़ने और उनका प्रयोग करने से पच्चे की पकड़ विकसित होती है | चित्रकारी बच्चो में परिचालन कौशलो के विकाश करने के अतिरिक्त उनका मनोरंजन भी करती है | इसीलिए बच्चो को चित्र बनाने की प्रोत्साहन भी करनी चाहिए | बच्चियो के चित्रकारी में आरंभ में अर्थहीन लिखवात जैसे आकर बनते है | जो धीरे – धीरे पहचानने योग्य विशेष आकर और आकृति के रूप में विकसित हो जाते है | इसके आलावा एक वर्तन में पानी उडेलना , फूलो की माला बनाना | , मिटटी या गरे की आकृतियाँ बनाना | , जैसे खेल भी परिचालन सम्बन्धी कुशलताओ के विकाश में सहायता करते है | बच्चो के घर वातावरण उसे इस तरह के कामो के लिए पर्याप्त मौका देता है | इसीलिए अध्यापक को बच्चो को इस तरह की गतिविधियों का मौका देना चाहिए |
2.  अक्षर , शब्द और वाक्यों के अभ्यास विधि के गुण और कमिया :- अक्षरों को बार – बार अभ्यास करने से वाक्यों को लिखना सिखने में सहायता मिलती है | यदि बच्चे अक्षरों के दोहराने के कठिन कार्य में लगे रहे | तो लिखना – सीखना आरंभ करने से पहले ही लिखने के प्रति उनकी रूचि ख़त्म हो जाएगी | बच्चे को लिखित सब्दो से परिचित करने में अलग – अलग वर्णमाला उपयोगी है | बच्चो को लिखना सिखाने में दो बाते महत्वपूर्ण रहती है | उनकी योग्यता और क्षमताओ को समानं करना और आनंददायक वातावरण तैयार करना | जिसमे वे सिख सके | इस बात को समझना आवश्यक है की बच्चे में भाषा सिखने की अपार एवं जन्म जात क्षमता होती है | सामाजिक अनुभवों के माध्यम से जिनमे की बोलना और सुनना शामिल है | स्वाभाविक रूप से अपनी मात्र भाषा सिख लेते है | इसी तरह लिखित अनुभाव से अर्थपूर्ण अनुभाव के माध्यम से अधिकांस लिखने के नियम भी ग्रहण कर लेते है | स्कूल आने के समय बच्चे में एक विशेष लिखने की क्षमता होती है | यह एक आम बात है की बच्चे मिट्टी फर्श पर या कागज पर अलग – अलग किस्म का चिन्ह या आकृतियाँ बनाकर अच्छी खासी कहानिया सुना देते है | यह आकृतिया उनके लिए निरर्थक नही होती | बल्कि अपनी बातचीत को लेकर कहने की अपनी लिपि होती है | बच्चे को अपनी छमताओ को प्रयोग करने के लिए एक मौका देना चाहिए | सिखने की प्रक्रिया चित्र को पूरा करने के लिए टुकड़ो को एक साथ जोड़ने जैसा कार्य नही है बल्कि वास्तव में सबसे उलटी प्रक्रिया है | सबसे पहले एक सम्पूर्ण चित्र आकर लेता है | भाषा की अच्छी समझ और भाषा पर अधिकार प्राप्त करना स्कूल में पढाये जाने वाले लगभग सभी विषयो को समझने का आधार बनते है |

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Deled course 503 assignment 2 question 2 with answer

18 thoughts on “Deled course 503 assignment 2 question 2 with answer”

  1. सुरेश कुमार

    1.अभिषेक जी मुझे यह जानना था की 6 माह के ब्रिज कोर्स की कोई डेट अभी आई या नही या कब तक आएगी? कृपया अवगत कराये |
    2. यदि किसी साथी के 12 वीं में 45% से कम अंक है (OBC category) तो वह ब्रिज कोर्स में अप्लाई कर सकता है या नही | यदि नही तो क्या करना चाहिए |

  2. sir mujhe janna tha ki study centre kai pta kare
    mera naam divya rawat h
    aur mein u.p se belong karti hun
    district …. aligarh se hun

  3. Gud morning sir..
    I m kahkasha
    Sir centre kaise pta kre or assingment kaha summit kre…plzzzz help kijiy….koi msg b ni a rha ki centre kaha h hm sb ka….

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