contribution school programmes

Contribution To School programmes [SBA] का उत्तर फॉर्मेट में इस तरह लिखिए

Contribution School programmes [SBA] का उत्तर फॉर्मेट में इस तरह लिखिए ( अगर आप कॉन्ट्रिब्यूशन टू स्कूल प्रोग्राम का  उत्तर लिखना चाहते है तो इस पोस्ट को पढ़िए ) contribution school programmes
हेल्लो मित्रो , वेबसाइट हिंदी में आपका बहुत – बहुत स्वागत है | इस पोस्ट में मै contribution school programmes फॉर्मेट का उत्तर लेकर आया हूँ | जों आपके लिए हेल्पफुल हो सकता है |
पिछली पोस्ट में मै Case study of a school child और Maintenance of school/class records and registers  का उत्तर वेबसाइट पर पब्लिश कर दिया हूँ | उस पोस्ट को पढने के लिए निचे के लिंक पर क्लिक करें |
NIOS DELED CASE STUDY [SBA] इस तरह लिखिए |
Maintenance of school class records का उत्तर फॉर्मेट में इस तरह लिखिए

Contribution School programmes

Contribution school programmes

 

1 मार्निंग स्कूल असेंबली के आयोजन

(I) प्रारंभिक गतिविधियों का विवरण

– सुबह की प्राथना सभा का आयोजन –
मार्निंग असेंबली सभी विद्यालय में होना अनिवार्य होता है | विद्यालय में सभी बच्चे एक साथ प्रार्थना  सभा में उपस्थित होते है तो
हर प्रकार के गतिविधि में भाग लेते हैं | सभी बच्चो को समूह में बोलने और सुनने का मौका मिलता है | हमारे आस पास के सरकारी
विद्यालय में कुछ – कुछ गतिविधियाँ शामिल किया गया है | जैसे सरस्वती वंदना , समाचार वचन , ईश्वर वंदना , दोहे , आदि |
कुछ विद्यालय में देखा गया है की बच्चो को दो या तिन मिनट के लिए भगवन के लिए ध्यान कराया जाता है |

(ii) प्रार्थना सभा का आयोजन (गतिविधि का उदेश्य )-

विद्यालय में प्रार्थना सभा करने का बहुत बड़ा महत्व होता है |
– जब प्रार्थना सभा के समय देशभक्ति नारे और राष्ट्रीयगीत को करने से छात्रो में मात्रभूमि के लिए प्रेम , समर्पण , लगाव उत्पन्न होता है |
– प्रार्थना सभा के समय वंदना होने पर बच्चे भक्ति के लिए जागृत होते है |
– प्रार्थना सभा के समय दोहे और समाचार वाचन  करने से उन्हें सामान्य ज्ञान का जानकारी होता है |
– सभी गतिविधिया करने से छात्रो के अन्दर अच्छे गुणों का विकास होता है |
– बच्चो  में शिक्षा के प्रति अनुसाशन पैदा होता है |

(iii) गतिविधि का संचालन  करने के लिए किए गए कदम

कक्षा वार सभा का व्यवस्था –
जैसा की हम जानते है सभी विद्यालय में कक्षा वार सभा की व्यवस्था किया जाता है | छात्रो को समय के अनुसार अपने जगह पर
बैठने को कहा जाता है | ताकि सभी बच्चे प्रार्थना के साथ – साथ सभी गतिविधियों को ध्यानं से सुन सके | बच्चे को यह भी कहा जाता है की
वह अपने पंक्तियाँ में ही रहें |

अनुशासन का रखरखाव 

जैसा की हम जानते है  प्रार्थना सभा का होना विद्यालय का एक महत्वपूर्ण गतिविधि माना जाता है | विद्यालय लगने से पहले बच्चो को सबसे पहले प्रार्थना करना अनिवार्य होता है | और वो सभी गतिविधियाँ समय पर करना होता है | उन्हें ध्यानं रखना चाहिए की उनका प्रार्थना और गतिविधियाँ में होनेवाला कार्य छुट न जाये | इन सभी कार्यक्रमों  की नियमो का   पालन करना चाहिए |
– किए गए गतिविधियों की सूची
प्रार्थना
राष्ट्रगान
अभियान गीत – हम होंगे कामयाब हम होंगे कामयाब
सावधान – विश्राम करना
प्रसंग
बी ई पी ताली बजाना

(iv) गतिविधि का संचालन करने की प्रक्रिया

– संचार कौशल

प्रार्थना सभा का संचार करने के लिए सभी छात्रो को अध्यापक के द्वारा बता दिया जाता है | उन्हें यह भी कहा जाता है की सभी विधार्थी एक साथ समय पर प्रार्थना  सभा में उपस्थित रहेंगे | विद्यालय में प्रार्थना सभा का संचार कौशल बच्चे ही करते है |

– भाषा स्पष्टता

प्रार्थना सभा करने से पहले बच्चो में भाषा सपष्टता का होना अति आवश्यक होता है | गतिविधि पूरा करने के लिए ४ – ५ बच्चे को तैयार किया जाता है |
ताकि गतिविधियाँ करते समय भाषा सपष्ट हो | हलाकि बच्चे धीरे – धीरे सभी चीजे जान जाते हैं |

स्पीकर की तैयारी 

सभी विद्यालय में लगभग स्पीकर की जरुरत होती है | स्पीकर ही हमारे विद्यालय में प्रार्थना सभा  का संचालन करते है | हलाकि विद्यालय में देखा गया है
की कक्षा ६ से ८ के बच्चे ही स्पीकर होते है | उन्हें गतिविधि के समय बोलने का प्रक्टिस करवाया जाता है | यह भी सुनिश्चित किया जाता है की वच्चा
कितना सक्षम है कितना नहीं | जो गतिविधि बच्चा नहीं करता है उसको अध्यापक स्वयं जानकारी देते है या करके भी बताते है |

– श्रोता का ध्यानं रखने की क्षमता

प्रार्थना सभा के समय अन्य बच्चो  को देखभाल करने के लिए किसी होनहार बच्चे को जिम्म्वेदारी दिया जाता है ताकि उस समय
किसी भी बच्चे को कोई परेशानी का सामना करना न पड़े | इससे बच्चे भी अनुशासन का पालन करते है | बच्चे को ध्यानं रखने के लिए सीनियर
बच्चे को कहा जाता है |

(v) गतिविधि के दौरान हुई समस्याए

प्रार्थना सभा के समय कुछ समस्या को गले लगाना पड़ता है | जैसा की हम जानते है प्रार्थना समय पर होती है | उस समय कुछ बचे
समय हाजिर नही होते है जिससे बाद में आने के बाद उन्हें प्रार्थना में होनेवाले गतिविधि का जानकारी नही होती है | कुछ छोटे बच्चे बहुत सरारती होते है |
वे बिच – बिच में बात-चित करने लगते  है | हलाकि उन्हें इन सभी बातो को जानकारी नही होता है |

(vi)  समस्या से समाधान की कल्पना  की गई

प्रार्थना सभा की अवधि ४५ मिनट तक कर सकते है |
प्रार्थना सभा में ऐसी गतिविधियाँ सम्मलित करे जिसमे सभी वर्गो के बच्चे शामिल हो |
इस तरह का प्रोग्राम कभी भी समय पर करना चाहिए |
जो महत्वपूर्ण बात होता है उसे बोलने के लिए समय तय हो |

(vii) स्कूल के वातावरण पर गतिविधि का प्रभाव

विद्यालय में प्रतिदिन प्रार्थना सभा होने से स्कूल के वातावरण पर गतिविधि का प्रभाव पड़ता है | स्कूल में समय का बदलाव और बच्चे युक्त गतिविधि
करने से बच्चे प्रार्थना सभा में हिस्सा लेना  पसंद करते है | उस समय विद्यालय के वातावरण के अनुसार गतिविधियाँ कराया जाये तो बच्चो  में अभ्यास और अध्ययन होने का असर होने लगता है | कुछ बच्चे तो नया सिखने और समझने के लिए रूचि रखने लगते है |

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511.3.2 पीटीए / एमटीए / एसएमसी मीटिंग  के बारे में रिपोर्टिंग 

(i) पीटीए / एमटीए / एसएमसी बैठक आयोजित करने के लिए प्रारंभिक गतिविधियों का विवरण 

जैसा की हम जानते है विद्यालय में सभी गतिविधियाँ करने से पहले गुणवता बढ़ाना जरुरी होते हैं | स्कूल में प्रतिस्पर्धी बढ़ाने के लिए हाल ही में एसएमसी के गठन का प्रावधान किया  गया | प्रधानाध्यापक , अभिभावक अध्यक्ष , मंद बौधिक क्षमता वाले विधार्थी के लिए पीटीए का गठन किया गया है | स्कूल के शिक्षण व्यवस्था में सुधार लाने  के लिए एमटीए का व्यवस्था किया जाता है | विद्यालय में प्रतिमाह बैठक करके शिक्षा के गुणवता में सुधार लाया जाता है |
सभी समितियों का मूल मकसद होता है की प्रत्येक माह विद्यालय में बैठक करके शिक्षण में सुधार और गुणवता लाया जाए | विद्यालय के बच्चो में शैक्षिक विकाश का आकलन करके सबसे अच्छा बनाया जाए |

(ii) मीटिंग का उदेश्य

विद्यालय में कोई समस्या होने पर |
छात्रवृति का वितरण करते समय
विद्यालय में कोई नया सुचना आने के बाद |
स्कूल की खास योजना बनाने के लिए

(iii) बैठक आयोजित करने के लिए किए गए कदम

बैठक करने के लिए किसी कक्षा कक्ष की व्यवस्था करना |
सभा में कितने लोग आनेवाले है सभी का लिस्ट तैयार करना |
बैठने और लिखने के लिए कुर्सी टेबल की व्यवस्था करना |
बैठक को खाने पिने का व्यवस्था करना |

(iv) स्कूल में बैठक आयोजित करने की प्रक्रियाएं

विद्यालय में सभी तरह से व्यवस्था करने के बाद स्कूल के अध्यापक द्वारा सभी को स्वागत किया गया | सभी को सभा में आने का प्रयोजन बताया गया | जिससे वो समझ सकें |  विद्यालय के प्रधनाध्यापक ने सभा में आने का उदेश्य बताये | बैठक में सभी शिक्षक ने एक विशेष मुद्दे पर चर्चा की | बच्चो  के माता पिता को भी अपना सुझाव देने को कहा गया |
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया की बच्चे को समय पर पोषण युक्त भोजन का प्रबंध किया जाए | इसके लिए एक चार्ट तैयार किया गया | यह भी बताया गया की अभिभावक अपने बच्चे को पढने और रहन सहन में मदद करें | बच्चे को खेलने के लिए खेल उपकरण का व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया | कहा गया की जितने भी ब्लैकबोर्ड ख़राब हो चूका है सबको रंगवा दिया  जाए |
लगभग बैठक में सभी लोगो ने अपना  मत दिया | इससे तय किया गया की विद्यालय के लिए क्या करना है | बैठक के बात सुनकर स्कूल में सभी गतिविधियाँ करने का निर्णय लिया गया | तथा अंत में सभी ने एक दुसरे को प्रणाम किया | उसके बाद मीटिंग समाप्त हो गई  |

(v) बैठक आयोजित करने के लिए समस्याओ का सामना करना पड़ा |

जैसा की हम जानते है बैठक को सफल बनाने के लिए सभी चीजो का व्यवस्था होना आवश्यक है | सभी से पहले कह दिया गया था की आपलोग समय पर आ जाइए | २ लोग समय पर नहीं आये जिसके चलते मीटिंग में थोडा सा परेशानी हो गयी | गाँव के शर्मा जी विद्यालय का अध्यक्ष है लेकिन वो आते समय मोहर नही लाए | जिससे कुछ देर के लिए सभा को स्थगित  करना पड़ा |

(vi) समस्या से संबंधित समाधान की कल्पना की गई |

विद्यालय में दूसरी बार बैठक करने से पहले सभी को बताया गया की आनेवाली तिथि को किसी को समस्या नही होनी चाहिए | पिछली बार की तरह समस्या न हो उसके लिए शर्मा जी से भी सूचित किया गया | और बताया गया की आनेवाली १५ तारीख को खास मीटिंग रखी गई है | इसमे आप साथ में मुहर लेते आवे | सभी को   समय पर उपस्थित होने की बात कही गई

(vii) स्कूल के पर्यावरण पर बैठक का प्रभाव 

विद्यालय में होनेवाली नई गतिविधि का आयोजन  किया गया |
विद्यालय को अच्छे तरीका से संचालन  करने का तरीका अपनाया गया |
बैठक में होनेवाले प्रोग्राम से बच्चो के  समस्या में सुधार किया गया |

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511.3.3 सामाजिक राष्ट्रीय त्योहारो का आयोजन 

(i) त्योहारो के आयोजन के लिए प्रारंभिक गतिविधियों का विवरण

जैसा की हम जानते है हमारे विद्यालय में राष्ट्रिय तथा सामाजिक पर्व को बहुत धूमधाम से मनाया जाता है | खास कर के राष्ट्रिय पर्व आने से पहले अध्यापक और बच्चे पर्व मानाने का तैयारी करने लगते है | सभी अध्यापक बच्चो के साथ कार्यक्रम करने का निर्णय लेते है | पर्व के दिन बहुत सारे गतिविधियाँ को अपनाया जाता है |उस दिन क्या करना है सभी जानकारी अध्यापक बच्चो को देतें हैं |
त्योहार आने के बाद बच्चे ख़ुशी से झूम उठातें हैं | पर्व के दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम जैसे नाटक , नाच गानं , गीत , विद्यालय की स्वच्छता करने की तैयारी किया जाता है |

(ii) त्योहारो के संचालन के उदेश्य

राष्ट्रिय और सामाजिक पर्व मानाने से बचो में भक्ति का भाव उत्पन्न होता है |
कार्यक्रम में बच्चे अपना – अपना कला दिखाते है |
खास करके त्योहारो के दिन ही छात्रो के प्रतिभा को देखा जाता है |
छात्रो में हिम्मत और किसी जगह  बोलने की शक्ति उत्पन्न होती है |
कार्यक्रम पर्व में भाग लेने से सांस्कृतिक गतिविधियाँ और राष्ट्र भक्ति से अवगत होतें हैं |

(iii) त्योहारों के आयोजन के लिए किए गए कदम

त्यौहार मानाने से पहले छात्रो को बताया गया |
किस पर्व को कौन सा कार्यक्रम किया जायेगा उसके लिए निर्णय लिया गया |
त्योहारों में जरुरत के समानं लेने के लिए पैसा का इन्तिजाम किया गया |
सभी के माता – पिता को प्रोग्राम में आने के लिए सुचना दिया  गया |
पर्व के दिन किस छात्र को क्या करना है उन्हें वो जानकारी  दिया गया |

(iv) स्कूल में त्यौहार आयोजित करने की प्रक्रिया

त्यौहार के दिन सभी अध्यापक और छात्र विद्यालय में उपस्थित हुए | जो छात्र कार्यक्रम में भाग लिए थे वो अपना तैयारी करने लगे | फिर आनेवाले अतिथि को स्वागत करके बैठने के लिए कुर्सी लगाया गया | गाँव के मुखिया को बुलाकर नाटक के कार्यक्रम को शुरू किया गया | कार्यक्रम में सबसे पहले माँ शारदे का वंदना करके ही कार्य कर्म शुरू हुआ |
अध्यापक जी ने कार्यक्रम के बारे में सभी को बताया  | और कहा गया की इस साल के भांति  प्रत्येक साल विद्यालय में उत्सव मनाया जायेगा | मंच का काम खत्म करने के बाद सभी को प्रसाद के रूप में लाडू के मिठाई दिया  गया | इस तरह से कार्यक्रम के प्रक्रिया समाप्त हो गया |

(v) त्योहारों के आयोजन के लिए समस्याएं हुई |

कार्यक्रम को जल्द ही शुरू करना था लेकिन मुखिया जी को देर से आने के कारन प्रोग्राम अस्त व्यस्त हो गया |
पहला और दूसरा कक्षा के बच्चे घर जाने के लिए परेशान होने लगे |
जनरेटर का वेल्ट टूट गया जिसके चलते १५ मिनट परेशानी हुआ |

(vi) समस्या से संबंधित समाधान की कल्पना की गई

कार्यक्रम को शुरू करने से पहले आनेवाले अतिथि को समय पर आने की सुचना दी जाए |
पहला और दूसरा कक्षा के बच्चे अधिक छोटे होते है | कार्यक्रम में उन्ही बच्चो  को आना चाहिए जो समाप्त होने तक रह सकें |
जनरेटर को चेक करके देख ले कही कुछ कमजोर तो नही है |

(vii) स्कूल के वातावरण पर त्योहारों का प्रभाव

कार्यक्रम करने में छात्रो को आनंद आया |
जो छात्र किसी के सामने भाषण देने से डरते थे उन्हें अधिक हौसला मिला |
बच्चो को  कई  गतिविधियाँ करने और सिखने  का मौका मिला |
छात्रो  में सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने से भक्ति का भाव उत्पन्न हुआ |
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511.3.4 विद्यालय के वार्षिक खेल / वार्षिक कार्यक्रम का आयोजन 

(i) वार्षिक खेल / वार्षिक दिन आयोजित करने के लिए तैयारी / गतिविधियों का विवरण

हर साल विद्यालय में कोई न कोई खेल का आयोजन किया जाता है | पिछली  बार भी बच्चो ने कब्बडी का खेल खेला | खेल के  दिन आने से पहले अध्यापक बच्चो  को कार्यक्रम आयोजित करने की सुचना दे देते है | यह भी तय किया गया की  किस कक्षा को कौन सा खेल खेलना है | खेल – कूद प्रतियोगिता  होने पर इसे विद्यालय का खास दिन माना जाता है | खेल में भाग ले रहे छात्रो का लिस्ट तैयार किया जाता है | किस बच्चे को कौन सा खेल खेलना है वो सेलेक्ट किया जाता है |

(ii) वार्षिक खेल / वार्षिक दिन का आयोजन करने का उदेश्य

बच्चो   को खेलने के लिए जागरूक करना |
खेल – कूद करने से छात्रो में शरीरिक और मानसिक विकास होता है |
किसी भी परिस्थिति  में जितने का प्रयास करना |
बच्चो में खेल के प्रति क्या रूचि है वो जानना |
किस  छात्र को किस खेल में रूचि   है जानने की कोशिश करना |
प्राथमिक स्तर से बच्चो  में होनेवाले प्रतिभा को जानना |

(iii) वार्षिक खेल / वार्षिक दिन आयोजित करने के लिए किए गए कदम

खेल में कितने छात्र भाग लिए है सबको मैदान में इकठा किया गया |
खेल शुरू होने से पहले अध्यापक जी ने सभी बच्चो  को खेलने का अभ्यास करवाये |
नजदीक के चिकित्सक को बुलाकर स्वास्थय का जाँच किया गया |
क्षेत्र के मंत्री जी से रीबन कटवाकर खेल शुरू करने का आग्रह किया गया |

(iv) स्कूल में वार्षिक खेल / वार्षिक दिन आयोजित करने की प्रक्रिया

खेल के मैदान में आने के बाद सभी खिलाडियों को अतिथि से परिचय कराया गया |
सभी छात्र खेल में जीत जाने की प्रार्थना की |
खेल शुरू होने के बाद पता चला की दोनों टीम बराबर है तो स्वयं अध्यापक जी ने अपने छात्रो को खेलने की हौसला दी |
कठिन परिश्रम करने के बाद हमारे विद्यालय के बच्चे जीत गए |
सभी को पुरस्कार  दिया गया |
मंत्री जी ने अध्यापक जी के साथ मिलकर बच्चो को आगे बढ़ने का हौसला दिया तभी प्रध्यनाध्यापक जी ने खेल के महत्व को बताकर सभी को जागृत किए |

(v) वार्षिक खेल / वार्षिक दिन आयोजित करने में समस्याएं हुई |

खेल का मैदान बहुत छोटा था |
खेल इतना अच्छा रहा की दर्शक को खड़े होने का जगह नही था |
कुछ छात्र को पाव में चोटें आई
धुप अधिक होने से दर्शक और खिलाडी परेशान हुए |

(vi) समस्या से संबंधित समाधान की कल्पना की गई |

खेल का मैदान बड़ा होना चाहिए |
दर्शक को बैठने के लिए पर्याप्त  जगह होना चाहिए |
चोट आने के बाद चिकित्सक की व्यवस्था हो |
खेल उस समय शुरू करे जब मौसम सामान्य हो |

(vii) स्कूल के पर्यावरण पर वार्षिक खेल / वार्षिक दिन का प्रभाव

हर साल के भातिं इस साल भी खेल होने से सभी बच्चे खुश थे | सभी बच्चो में जितने की होड़ लगी थी | विद्यालय के तरफ से खेल का आयोजन होने से बहुत अच्छा प्रभाव पड़ा | खेल में जीत होने से बच्चे काफी उत्साहित  थे | जो छात्र विजयी हुए वे उच्च प्रतियोगिता  में भाग लेना चाहते है |

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511.3.5 फिल्ड ट्रिप / भ्रमण का आयोजन

 

(i) फिल्ड ट्रिप के आयोजन के लिए प्रारंभिक गतिविधियों का विवरण :सिखने वाले की दिलचस्पी को ध्यान में रखते हुए |

 

प्रत्येक विद्यालय में फिल्ड ट्रिप का आयोजन किया जाता है | पिछले साल भी सासाराम से पटना तारामंडल से गोलघर होते हुए गाँधी मैदान तक शैक्षिक भ्रमण हुआ था | इस साल भी प्रध्यानाध्याप्क के द्वारा सभी बच्चो को राजा हरिश्चंद्र किला से शेरशाह शुरी रौजा सासाराम जाने की बात कही गई है | छात्र को घुमाने के लिए सरकार ने भी पैसे  का योगदान किया है |
सासाराम जाने से पहले सभी बच्चो के अभिभावक से बात चित किया गया | भ्रमण करने की तिथि तय किया गया | जो छात्र जाने के लिए उत्साहित है उनकी सूची तैयार किया गया | फिर अभिभावक के सहयोग और अनुमति लेने के बाद सभी बच्चे शैक्षिक भ्रमण पर निकल गए |

(ii) फिल्ड ट्रिप / भ्रमण के आयोजन के उदेश्य 

भ्रमण करने से बच्चो के मानसिक और शरीरिक रूप से  विकाश होता है |
नए जगह पर जाने से छात्रो को रहन – सहन , रीती रिवाज , सोच – विचार में बदलाव का होना |
आस पास में घुमाने से बच्चे के  गुणों में वृद्धि का होना |
विभिन्न नई बातों  का जानकारियां होना |
भ्रमण करने से संसार में होनेवाले घटना से अवगत होना |

(iii) फिल्ड ट्रिप / भ्रमण के आयोजन के लिए किए गए कदम 

शक्षिक भ्रमण के लिए विद्यालय शीक्षा समिति और प्रध्यनाध्यापक की अनुमति ली गई |
छात्रो के अभिभावक से अनुमति लिया गया |
भ्रमण करने का स्थान का चुनाव हुआ |
घुमने के लिए जाने वाले बच्चो की सूची तैयार की गई |
फिल्ड ट्रिप में कैसे रहना है और कहाँ जाना है सभी बाते छात्रो को बताया गया |

(iv) फिल्ड ट्रिप / यात्रा का आयोजन करने की प्रक्रिया |

प्रबंधन समिति की अनुमति पाने के बाद यातायात में ले जानेवाला सामग्री का प्रबंध किया गया |  सभी अध्यापक  और बच्चे का लिस्ट तैयार किया गया जिनको भ्रमण पर जाना है | यात्रा पर जाना विल्कुल नि: शुल्क था | क्यूंकि सरकार  २०००० रुपये का योगदान करती है | रास्ते  में प्राथमिक उपचार के लिए चिकित्सक से सलाह लिया गया |उसके बाद बस से सभी लोग यातायात पर लिकल पड़े |

(v) फिल्ड ट्रिप / भ्रमण के संचालन के लिए समस्याएं हुई |

यात्रा पर जाने के बाद दो छात्र यातायात टीम से अलग हो गए |
गर्मी के कारन एक छात्र का तबियत खराब हुआ |
रास्ते में पानी के कमी होने से परेशानी का सामना करना पड़ा |
बस का टायर खराब हो गया |

(vi) फील्ड ट्रिप / भ्रमण  से संबंधित समधान  की कल्पना  की गई |

शिक्षण भ्रमण पर जाने से पहले छत्रो को एक साथ रहने का सलाह दिया गया |
सभी बच्चे को छाया में रहने को कहा गया ताकि तबियत खराब न हो |
बस में सभी छात्रो को पानी का बोतल लेने को कहा गया |
गाडी खुलने से पहले बस को जाँच किया गया की बस में कोई खराबी तो नही है |

(vii) फील्ड ट्रिप / भ्रमण का प्रभाव – स्कूल पर्यवरण पर 

छात्रो  को शैक्षिक भ्रमण करने से आनंद प्राप्त हुआ |
जगह – जगह पर इतिहासिक और दर्शनीय स्थान होने से भक्ति और ज्ञान की प्राप्ति हुई |
पर्यावरण के बारे में जानने और समझने का मौका मिला |
प्रकृति के बारे में अनुभव हुआ |
नए जगह पर जाने से सोचने ,समझने का मौका मिला |

——————————-———————–समाप्त —————-———————————

मुझे उम्मीद है contribution school programmes फॉर्मेट का उत्तर आपको अच्छा लगेगा | इसी तरह हेल्पफुल पोस्ट पढने के लिए वेबसाइट हिंदी पर विजिट करें |

Contribution School programmes [SBA] का उत्तर फॉर्मेट में इस तरह लिखिए

16 thoughts on “Contribution To School programmes [SBA] का उत्तर फॉर्मेट में इस तरह लिखिए”

  1. Maine ba arts se ki h 2011 me an mai teaching line me aana chahti hu kya mujhe b ed ki jagah d el ed krni chahiye . plz reply

  2. HELLO SIR, THANKS FOR PROVIDING SUCH A — USEFUL INFORMATION. IS THE FORMAT IS ALSO AVAILABLE IN ENGLISH FOR MODULE 511, IF AVAILABLE KINDLY MAIL IT TO “bhupeshgupta331@gmail.com”.
    THANKS AGAIN. A LOT OF APPRECIATION FOR YOUR WORK.

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